अमेरिकी परमाणु ऊर्जा संचालित विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन रिकॉर्ड 250 दिनों तक बिना किसी बंदरगाह पर रुके समुद्र में रहने के बाद थाईलैंड के पटाया पहुंचा है। करीब 5,000 नौसैनिकों को यहां लंबे समय बाद आराम का मौका मिला।
बैंगकॉक: अमेरिकी नौसेना का परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन लंबे और चुनौतीपूर्ण समुद्री अभियान के बाद थाईलैंड के प्रसिद्ध पर्यटन शहर पटाया पहुंच गया है। पोत ने रिकॉर्ड 250 दिनों तक किसी बंदरगाह पर रुके बिना समुद्र में यात्रा की। अब करीब 5,000 सदस्यीय चालक दल को लंबे समय बाद जमीन पर उतरकर आराम करने का अवसर मिला है।
यह बंदरगाह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी नौसेना के इस अभियान पर लंबे समय तक समुद्र में रहने के कारण कामकाजी परिस्थितियों और चालक दल के मानसिक तनाव को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पोत का पटाया पहुंचना अमेरिकी सैन्य कर्मियों के लिए आराम का अवसर होने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन कारोबार के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पटाया से जुड़ा अमेरिकी सैन्य इतिहास
पटाया आज थाईलैंड के सबसे चर्चित पर्यटन स्थलों में से एक है, लेकिन शहर का अमेरिकी सैन्य इतिहास कई दशक पुराना है। वियतनाम युद्ध के दौरान बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक आराम और मनोरंजन के लिए यहां आते थे। उस दौर में पटाया एक अपेक्षाकृत शांत मछली पकड़ने वाला गांव था, जो धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र में बदल गया।
अमेरिकी सैनिकों की लगातार मौजूदगी ने शहर के होटल, रेस्तरां और मनोरंजन कारोबार के विकास में बड़ी भूमिका निभाई। आज पटाया अपनी समुद्र तटों, नाइटलाइफ और विभिन्न पर्यटन गतिविधियों के लिए जाना जाता है।
USS अब्राहम लिंकन के आगमन के साथ इस पुराने सैन्य-पर्यटन संबंध की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। हालांकि इस बार अमेरिकी और थाई अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सैनिकों की यात्रा सुरक्षित और अनुशासित तरीके से हो।
लंबे समुद्री अभियान के बाद मिला आराम
USS अब्राहम लिंकन पिछले साल नवंबर में अमेरिका के सैन डिएगो से रवाना हुआ था। शुरुआत में उसका अभियान करीब छह महीने का माना गया था और इसमें प्रशांत महासागर तथा दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में संचालन शामिल था।
लेकिन बाद में पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के कारण पोत की तैनाती में बदलाव किया गया। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद पोत को खाड़ी क्षेत्र की ओर भेजा गया। इस बदलाव ने अभियान की अवधि को काफी बढ़ा दिया।
करीब 250 दिनों तक बिना नियमित बंदरगाह ठहराव के समुद्र में रहने के बाद चालक दल के लिए पटाया का पड़ाव विशेष महत्व रखता है। लंबे समय तक समुद्र में तैनाती के दौरान नौसैनिकों को सीमित व्यक्तिगत समय और लगातार परिचालन जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ता है।
चालक दल की परिस्थितियों को लेकर उठे सवाल
अमेरिका में कुछ सांसदों ने पोत पर तैनात कर्मियों की परिस्थितियों को लेकर चिंता जताई थी। रिपोर्टों में भोजन की कमी, खराब शौचालय और लंबे समय तक तैनाती के कारण मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया।
अमेरिकी नौसेना ने माना कि चालक दल के लिए कामकाजी परिस्थितियां कठिन रही हैं, लेकिन उसका कहना है कि कर्मियों को आवश्यक सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। नौसेना ने परिचालन सुरक्षा का हवाला देते हुए पटाया में पोत की मौजूदगी से संबंधित कुछ सवालों पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया।
लंबी तैनाती के बीच पटाया में कुछ समय बिताने का उद्देश्य चालक दल को शारीरिक और मानसिक रूप से आराम देने में मदद करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी कहा है कि नौसैनिकों को यथासंभव आराम का अवसर देने की कोशिश की जा रही है।
पटाया के कारोबारियों को आर्थिक राहत की उम्मीद
अमेरिकी नौसैनिकों के पटाया पहुंचने से स्थानीय कारोबारियों को आर्थिक फायदा होने की उम्मीद है। लंबे समय तक समुद्र में रहने के दौरान चालक दल के हजारों सदस्य स्थानीय बाजारों और पर्यटन सेवाओं पर खर्च नहीं कर पाए थे।
ईरान युद्ध के कारण क्षेत्रीय पर्यटन और उपभोक्ता खर्च पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है। ऐसे माहौल में हजारों अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी होटल, रेस्तरां, दुकानों और अन्य पर्यटन कारोबार के लिए अतिरिक्त ग्राहकों का अवसर पैदा कर सकती है।
स्थानीय कारोबारी अमेरिकी नौसैनिकों के स्वागत के लिए विशेष ऑफर भी दे रहे हैं। कुछ दुकानों ने अमेरिकी सैन्य कर्मियों के लिए छूट की घोषणा की है। स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद है कि यह यात्रा उनके कारोबार में अस्थायी लेकिन महत्वपूर्ण सुधार ला सकती है।
कुछ इलाकों में अमेरिकी कर्मियों के जाने पर प्रतिबंध
थाई अधिकारियों ने अमेरिकी सैन्य कर्मियों की सुरक्षा और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों और गतिविधियों को प्रतिबंधित किया है। पटाया का सोई 6 इलाका, जो अपने मनोरंजन प्रतिष्ठानों के लिए जाना जाता है, अमेरिकी सैनिकों के लिए प्रतिबंधित क्षेत्रों में शामिल बताया गया है।
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थाई पुलिस ने अमेरिकी कर्मियों को यह भी याद दिलाया है कि देश में वेश्यावृत्ति कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद पटाया में इस तरह की गतिविधियों से जुड़ा एक बड़ा अनौपचारिक बाजार मौजूद होने का अनुमान लगाया जाता है।
इसके अलावा शहर की कई कैनबिस दुकानों और कुछ समुद्री खेलों से भी अमेरिकी चालक दल को दूर रहने की सलाह दी गई है। इनमें पैराग्लाइडिंग और जेट-स्की जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य दुर्घटनाओं और किसी संभावित कानूनी या सुरक्षा समस्या को रोकना बताया गया है।
अमेरिका और थाईलैंड के बीच मजबूत सैन्य संबंध
थाईलैंड चीन के साथ भी करीबी संबंध रखता है, लेकिन वह अमेरिका का संधि सहयोगी है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा और सुरक्षा सहयोग जारी है। अमेरिकी नौसेना के जहाजों का थाई बंदरगाहों पर आना कोई असामान्य घटना नहीं है।
फिर भी मौजूदा यात्रा को विशेष महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि यह संभवतः 1975 में साइगॉन के पतन के बाद युद्ध क्षेत्र से सीधे पटाया आने वाले अमेरिकी सैन्य कर्मियों की सबसे बड़ी संख्या में से एक है।
स्थानीय प्रशासन अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी को पर्यटन के लिहाज से अवसर के रूप में देख रहा है, लेकिन साथ ही शहर की पुरानी नाइटलाइफ छवि से जुड़े विवादों से बचने की कोशिश भी कर रहा है।
सुरक्षा के लिए सैकड़ों पुलिसकर्मी तैनात
अमेरिकी नौसेना ने पोत से पटाया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचने के लिए शटल बसों की व्यवस्था की है। ये बसें लंबे समय तक सेवा में रहेंगी ताकि नौसैनिकों को शहर में आने-जाने में सुविधा मिल सके।
थाई अधिकारियों ने मनोरंजन क्षेत्रों में सुरक्षा बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। स्थानीय कारोबारियों को अमेरिकी मेहमानों से अनुचित कीमत वसूलने से बचने की चेतावनी भी दी गई है।
पटाया के मेयर ने कहा है कि शहर की पहचान अब केवल नाइटलाइफ तक सीमित नहीं है। प्रशासन खेल, स्वास्थ्य, वेलनेस, पारिवारिक पर्यटन और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देकर शहर की व्यापक छवि पेश करने की कोशिश कर रहा है।
6 सितंबर को शुरू होगी वापसी यात्रा
अमेरिका और थाईलैंड दोनों की कोशिश है कि पटाया में ठहराव के दौरान अमेरिकी नौसैनिकों को पर्याप्त आराम मिले और यात्रा सुरक्षित तरीके से पूरी हो। योजना के अनुसार USS अब्राहम लिंकन 6 सितंबर को प्रशांत महासागर के रास्ते अमेरिका लौटने के लिए लंबी यात्रा शुरू करेगा।
रिकॉर्ड 250 दिनों की तैनाती के बाद यह पड़ाव चालक दल के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है। साथ ही, पटाया के लिए भी अमेरिकी नौसैनिकों का आगमन ऐसे समय में हुआ है जब स्थानीय पर्यटन कारोबार अतिरिक्त गतिविधि और खर्च की तलाश में है।
यह यात्रा अमेरिका-थाईलैंड सैन्य संबंधों, पटाया के ऐतिहासिक अमेरिकी सैन्य जुड़ाव और लंबे समय से समुद्र में तैनात नौसैनिकों के लिए आराम की जरूरत—इन तीनों पहलुओं को एक साथ सामने लाती है।









