देहरादून में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने पुलिस व्यवस्था मजबूत करने के लिए आठ घोषणाएं कीं, जिनमें 1,600 पदों पर भर्ती और थानों का बजट बढ़ाना शामिल है।
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित करते हुए पुलिस बल के आधुनिकीकरण और कर्मचारियों के कल्याण के लिए आठ घोषणाएं कीं। इनमें करीब 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती और थानों का वार्षिक बजट 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये करना शामिल है।
शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित
देहरादून स्थित पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को नमन किया। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया और देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस बल के योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए। इनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी त्योहारों के दौरान भी जनता की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और आपदाओं के बीच उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
1,600 पदों पर भर्ती, थानों का बजट 4 से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में करीब 1,600 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की घोषणा की। इसके साथ ही थानों और चौकियों में कर्मचारियों की जरूरत के अनुसार पदों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।
थानों के आवश्यक कार्यों के लिए वार्षिक बजट 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये करने की भी घोषणा की गई। इसके अलावा विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराने, प्रदेश के पुलिस मॉडर्न स्कूलों को बेहतर बनाने और देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल व बहुमंजिला बैरक बनाने की योजना शामिल है। देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल का उच्चीकरण भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं देने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने पुलिस आवास, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और तनाव प्रबंधन से जुड़े प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया।
साइबर अपराध और नशे की रोकथाम पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने नशे और साइबर अपराध को पुलिस के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियां बताया। उन्होंने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की गई है। नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ड्रग फ्री उत्तराखंड के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है।
साइबर अपराध से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जरूरत पर भी जोर दिया गया। करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से अब तक पुलिस के 206 जवान कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए हैं। इस वर्ष पुलिस शहीद कोष से आश्रित परिवारों को करीब 50 लाख रुपये की सहायता दी गई। वहीं, जीवन रक्षक निधि से 25 पुलिसकर्मियों को 1.16 करोड़ रुपये की मदद और 446 मेधावी बच्चों को 34 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।









