उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर बयान: ‘अब इसे खत्म होना चाहिए, राजनीति न हो’

उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर बयान: ‘अब इसे खत्म होना चाहिए, राजनीति न हो’

प्रयागराज में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के मौके पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस विवाद को अब समाप्त किया जाना चाहिए और इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।

Muzaffarnagar: प्रयागराज में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर प्रतिक्रिया दी। धामी ने कहा कि इस मामले को अब समाप्त किया जाना चाहिए और इसे लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री धामी इस दौरान मुज़फ्फरनगर से हेलिकॉप्टर से उत्तराखंड जा रहे थे। 

हैलीपैड पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने हालिया विवाद पर साफ शब्दों में कहा कि राजनीति किसी भी स्तर पर नहीं होनी चाहिए। उनके साथ इस मौके पर राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल और बीजेपी जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

धामी ने मुज़फ्फरनगर से जुड़ी यादें साझा कीं

धामी ने मुज़फ्फरनगर की ऐतिहासिक और भावनात्मक अहमियत का जिक्र करते हुए कहा कि उनके जीवन में इस शहर की यादें गहरी हैं। उन्होंने उत्तराखंड राज्य की स्थापना के समय के रामपुर तिराहा कांड को भी याद किया। उन्होंने बताया कि हर साल 2 अक्टूबर को श्रद्धांजलि दी जाती है और यह घटना उत्तराखंड की स्थापना में महत्वपूर्ण रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा, मुज़फ्फरनगर से मेरी पुरानी यादें जुड़ी हैं। रामपुर तिराहा कांड हमेशा याद किया जाता है। हर साल श्रद्धांजलि देने का सिलसिला चलता है। इसे याद रखना और सम्मान देना हमारी जिम्मेदारी है।

शंकराचार्य विवाद पर धामी का रुख

धामी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर कहा कि इसे अब समाप्त किया जाना चाहिए और राजनीतिक हितों के लिए इस विषय का उपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्म और आस्था से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, इस मामले को अब खत्म करना चाहिए। राजनीति किसी को नहीं करनी चाहिए। हमारा ध्यान राज्य और समाज के हित में होना चाहिए।

धामी के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि राज्य सरकार इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार ने सभी आवश्यक प्रावधान किए हैं ताकि यात्री किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करें।

धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह से तैयार हैं और सभी नियमों का पालन किया जा रहा है।

Leave a comment