ऑस्ट्रेलिया के साथ समझौते के बाद वानुअतु में घट सकती है चीन की पुलिस मौजूदगी, प्रशांत क्षेत्र में बढ़ी रणनीतिक हलचल

वानुअतु को ऑस्ट्रेलिया के साथ नाकामल समझौते के बाद समय के साथ चीन की पुलिस मौजूदगी घटने की उम्मीद है। समझौते में सुरक्षा, जलवायु और बुनियादी ढांचे पर सहयोग

वानुअतु ने ऑस्ट्रेलिया के साथ नाकामल समझौते के बाद देश में चीन की पुलिस मौजूदगी समय के साथ घटने की उम्मीद जताई है। समझौते में पुलिस सहयोग, जलवायु सहायता, बजट समर्थन और बुनियादी ढांचे में निवेश शामिल हैं।

केनबरा: प्रशांत महासागर के द्वीपीय देश वानुअतु ने संकेत दिया है कि ऑस्ट्रेलिया के साथ नाकामल समझौते (Nakamal Agreement) पर हस्ताक्षर के बाद उसके यहां चीन की पुलिस मौजूदगी समय के साथ कम हो सकती है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब प्रशांत क्षेत्र में चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच सुरक्षा सहयोग तथा रणनीतिक प्रभाव को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।

वानुअतु और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ यह समझौता पुलिस सहयोग, आर्थिक सहायता, जलवायु परिवर्तन और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है। दोनों देशों के संयुक्त बयान के अनुसार, वानुअतु ने चीन के साथ अपनी पुलिस व्यवस्था से जुड़े समझौते को समय-सीमित बताया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के साथ नाकामल समझौता कानूनी रूप से बाध्यकारी है और इसकी कोई निश्चित समाप्ति तिथि नहीं है।

ऑस्ट्रेलियाई सरकार इसे प्रशांत क्षेत्र में अपनी दीर्घकालिक साझेदारी मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है। वहीं, चीन की पुलिस प्रशिक्षण टीम की मौजूदगी और स्थानीय पुलिस बल को दी गई सहायता को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं।

क्या है ऑस्ट्रेलिया और वानुअतु के बीच नाकामल समझौता?

ऑस्ट्रेलिया और वानुअतु के बीच नाकामल समझौते पर जून 2026 में कई महीनों की बातचीत के बाद हस्ताक्षर किए गए थे। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सुरक्षा और विकास संबंधी सहयोग को मजबूत करना है।

समझौते के कार्यान्वयन पर चर्चा के लिए पिछले सप्ताह वानुअतु के उपप्रधानमंत्री और वित्त मंत्री जॉनी कोआनापो ने ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में विदेश मंत्री पेनी वोंग और प्रशांत मामलों के मंत्री पैट कॉनरॉय से मुलाकात की।

दोनों देशों के संयुक्त बयान में ऑस्ट्रेलिया को वानुअतु का लंबे समय से प्रमुख पुलिस सहयोगी बताया गया। बयान के अनुसार, वानुअतु ने इस समझौते के तहत प्रशांत द्वीप समूह के सदस्य देशों से जुड़े पुलिस सहयोग अनुरोधों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

समझौते के तहत अगले 10 वर्षों में वानुअतु की प्राथमिकताओं के लिए लगभग 500 मिलियन डॉलर की सहायता उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें पुलिस सहयोग के अलावा बजट समर्थन, जलवायु संबंधी सहायता और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित समुदायों की मदद शामिल है।

चीन की पुलिस मौजूदगी समय के साथ घटने की उम्मीद

वानुअतु में चीन की एक छोटी पुलिस प्रशिक्षण टीम वर्ष 2023 से मौजूद है। चीन ने स्थानीय पुलिस बल को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उपकरण और अन्य संसाधन भी उपलब्ध कराए हैं।

दोनों देशों के बीच पुलिस सहयोग का समझौता हाल ही में फिर से नवीनीकृत किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। वानुअतु के आंतरिक मामलों के मंत्री एंड्रयू नापुआट ने पिछले महीने चीन की यात्रा की थी, जहां पुलिस सहयोग से जुड़े समझौते को आगे बढ़ाने पर काम हुआ।

इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया और वानुअतु के संयुक्त बयान में कहा गया कि चीन के साथ पुलिस व्यवस्था से जुड़ा समझौता समय-सीमित है और उसकी मौजूदगी में समय के साथ कमी आने की उम्मीद है।

यह बयान महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रशांत क्षेत्र में चीन की सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को लेकर ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से सतर्क रहा है। हालांकि, वानुअतु की ओर से चीन की पुलिस टीम को हटाने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इसे तत्काल वापसी के बजाय भविष्य में संभावित कमी के संकेत के रूप में देखना उचित होगा।

चीन ने वानुअतु की पुलिस को दिए कई उपकरण

वानुअतु में चीन का सहयोग केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहा है। चीनी दूतावास ने स्थानीय पुलिस बल को कई प्रकार के उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराए हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन सहायता सामग्रियों में निगरानी के लिए ड्रोन, मोटरसाइकिलें, गश्ती नौकाएं, वर्दियां, मिनीबस, दंगा नियंत्रण उपकरण और फॉरेंसिक प्रयोगशाला से संबंधित सामग्री शामिल हैं।

इस तरह की सहायता से स्थानीय पुलिस की परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया को चिंता है कि पुलिस प्रशिक्षण और उपकरणों की आपूर्ति के जरिए चीन प्रशांत द्वीपीय देशों की सुरक्षा व्यवस्था में अपना प्रभाव बढ़ा सकता है।

ऑस्ट्रेलियाई पक्ष की आशंका है कि चीन पुलिस सहयोग के माध्यम से क्षेत्र में एक वैध और दीर्घकालिक सुरक्षा साझेदार के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है। चीन की गतिविधियों को लेकर यह चिंता व्यापक क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा का हिस्सा है, लेकिन किसी संभावित सैन्य उद्देश्य को स्थापित तथ्य मानने के लिए स्वतंत्र प्रमाण आवश्यक हैं।

फिजी में भी चीन की पुलिस मौजूदगी को लेकर हुआ था बदलाव

प्रशांत क्षेत्र में चीन की पुलिस उपस्थिति कम करने से जुड़ा यह पहला मामला नहीं है। फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका ने वर्ष 2024 में कहा था कि उनके देश की पुलिस व्यवस्था में तैनात चीनी अधिकारियों को वापस भेज दिया गया है।

ऑस्ट्रेलिया के साथ समझौते के बाद वानुअतु में घट सकती है चीन की पुलिस मौजूदगी, प्रशांत क्षेत्र में बढ़ी रणनीतिक हलचल

राबुका ने इसके पीछे दोनों देशों की कानूनी व्यवस्थाओं में अंतर को वजह बताया था। वानुअतु का ताजा बयान इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि प्रशांत क्षेत्र का एक और देश चीन के पुलिस सहयोग को सीमित करने की संभावित दिशा की बात कर रहा है।

हालांकि, दोनों देशों की परिस्थितियां अलग-अलग हैं। वानुअतु और चीन के बीच पुलिस सहयोग का मौजूदा समझौता जारी है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के साथ नया कानूनी ढांचा सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।

ऑस्ट्रेलियाई पुलिस अधिकारियों की संख्या बढ़ाने पर मतभेद

नाकामल समझौते के बावजूद वानुअतु में ऑस्ट्रेलियाई पुलिस अधिकारियों की संख्या बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई है।

पिछले सप्ताह ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी डेविड मैकलीन ने एक संसदीय समिति को बताया कि वानुअतु में तैनात आठ सदस्यीय ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस टीम का आकार आने वाले वर्षों में लगभग दोगुना हो सकता है।

उन्होंने कहा कि सहयोग के दायरे में पुलिस प्रशासन, संगठनात्मक ढांचे, पेशेवर मानकों, आपराधिक जांच, सामुदायिक पुलिसिंग, फॉरेंसिक सेवाओं और प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रम शामिल होंगे।

हालांकि, वानुअतु के प्रधानमंत्री जोथम नापाट ने इस बयान के बाद स्पष्ट किया कि उनके देश ने ऑस्ट्रेलियाई पुलिस अधिकारियों की संख्या बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की किसी भी व्यवस्था पर दोनों सरकारों को आपसी सहमति बनानी होगी।

इससे स्पष्ट होता है कि नाकामल समझौते के तहत सहयोग बढ़ाने की योजना के बावजूद वानुअतु अपनी संप्रभुता और निर्णय लेने के अधिकार को महत्वपूर्ण मानता है।

जलवायु और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर

नाकामल समझौते का उद्देश्य केवल पुलिस सहयोग बढ़ाना नहीं है। दोनों देशों ने शुरुआती प्राथमिकताओं में बजट सहायता, जलवायु सहयोग और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित समुदायों की मदद को भी शामिल किया है।

ऑस्ट्रेलिया ने दो नवीकरणीय ऊर्जा और जल परियोजनाओं को जल्द आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। इनके तहत दूरदराज के इलाकों में स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों तक नवीकरणीय बिजली, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छ पानी पहुंचाने की योजना है। सौर ऊर्जा से चलने वाली जल आपूर्ति प्रणालियों के जरिए भी स्थानीय समुदायों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा, वानुअतु ने समुद्री और विमानन बुनियादी ढांचे में निवेश तथा पोर्ट विला, सैंटो और तन्ना में पुनर्निर्माण से जुड़ी जरूरतों पर भी चर्चा की है।

वानुअतु जैसे द्वीपीय देशों के लिए जलवायु परिवर्तन, समुद्र के बढ़ते स्तर और प्राकृतिक आपदाओं से निपटना प्रमुख चुनौतियां हैं। ऐसे में बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आर्थिक और सामाजिक महत्व है।

प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा पर रहेगी नजर

वानुअतु का नाकामल समझौता दिखाता है कि प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग अब केवल पुलिस प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। इसके साथ आर्थिक सहायता, ऊर्जा, जल संसाधन और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे विषय भी जुड़े हैं।

ऑस्ट्रेलिया इस समझौते के जरिए वानुअतु के साथ अपने दीर्घकालिक संबंधों को मजबूत करना चाहता है। वहीं, चीन पहले से ही इस क्षेत्र में पुलिस प्रशिक्षण और उपकरणों की आपूर्ति के माध्यम से सहयोग करता रहा है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वानुअतु में चीन की पुलिस मौजूदगी कितनी और कब तक घटेगी। देश की सरकार ने इस बारे में कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी है। साथ ही, ऑस्ट्रेलियाई पुलिस अधिकारियों की संख्या बढ़ाने पर भी अंतिम सहमति सामने नहीं आई है।

आने वाले समय में नाकामल समझौते का कार्यान्वयन, दोनों देशों के बीच पुलिस सहयोग की शर्तें और चीन के साथ वानुअतु के मौजूदा संबंध इस घटनाक्रम की दिशा तय करेंगे। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि वानुअतु अपनी सुरक्षा जरूरतों, आर्थिक विकास और स्वतंत्र विदेश नीति के बीच किस तरह संतुलन बनाता है।

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