वाराणसी एयरशो में राफेल, तेजस और हरक्यूलिस दिखाएंगे दम, हवा में रिफ्यूलिंग का होगा प्रदर्शन

वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को एयरशो होगा। राफेल, तेजस, अपाचे और हरक्यूलिस विमान प्रदर्शन करेंगे। हवा में रिफ्यूलिंग का डेमो भी होगा।

वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना का एयरशो आयोजित होगा। इसमें राफेल, तेजस, अपाचे और हरक्यूलिस समेत कई विमान अपनी क्षमता दिखाएंगे। कार्यक्रम में हवा में ईंधन भरने की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

वाराणसी: काशी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को होने वाले एयरशो की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। भारतीय वायुसेना के इस आयोजन में राफेल, तेजस, सुखोई, अपाचे और सी-17 ग्लोबमास्टर सहित कई प्रमुख विमान हिस्सा लेंगे। दर्शकों को हवा में विमानों में ईंधन भरने की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा। आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है।

तीन दिन काशी के आसमान में दिखेगा भारतीय वायुसेना का शौर्य

वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित एयरशो की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन की विस्तृत रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इसके लिए 21 अक्टूबर को साझा ब्रीफिंग प्रस्तावित है, जिसमें कार्यक्रम से जुड़ी अंतिम जानकारी दी जाएगी।

वाराणसी एयरशो में राफेल, तेजस और हरक्यूलिस दिखाएंगे दम, हवा में रिफ्यूलिंग का होगा प्रदर्शन

वायुसेना के सूत्रों के मुताबिक, एयरशो को अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाएगा। इसमें विमानों के करतब और उनकी क्षमताओं का प्रदर्शन प्रमुख आकर्षण रहेगा। विमान आसपास के विभिन्न एयरबेस से उड़ान भरकर काशी के आसमान में अपनी ताकत और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुखों की मौजूदगी प्रस्तावित है। मित्र देशों के राजदूतों सहित विदेशी मेहमानों को भी आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के मंत्री, अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।

राफेल, तेजस और हरक्यूलिस समेत कई विमान दिखाएंगे दम

एयरशो में भारतीय वायुसेना के कई प्रमुख लड़ाकू, परिवहन और हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित तेजस लड़ाकू विमान दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। इसके अलावा ध्रुव और प्रचंड हेलीकॉप्टर भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। हल्के उपयोग वाले चीता और चेतक हेलीकॉप्टरों की उड़ान भी देखने को मिलेगी।

रूसी मूल के मिग और सुखोई विमानों के साथ फ्रांस के मिराज और राफेल लड़ाकू विमान भी एयरशो में हिस्सा लेंगे। भारतीय वायुसेना में शामिल अमेरिकी अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर की क्षमता का प्रदर्शन भी कार्यक्रम का हिस्सा होगा। भारी परिवहन वाले चिनूक और एमआई हेलीकॉप्टरों के साथ बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर और सुपर हरक्यूलिस जैसे विमान भी आसमान में नजर आएंगे।

आयोजन में विदेशी मूल के वे विमान भी शामिल होंगे, जो भारतीय वायुसेना का हिस्सा हैं। हालांकि, किसी दूसरे देश के विमान को इस एयरशो में शामिल नहीं किया गया है।

हवा में रिफ्यूलिंग का होगा डेमो, कुछ गतिविधियां रहेंगी प्रतिबंधित

एयरशो के दौरान विमानों में हवा में ईंधन भरने यानी एरियल रिफ्यूलिंग की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाएगा। वायुसेना के अनुसार, वास्तविक रिफ्यूलिंग काफी ऊंचाई पर होती है, इसलिए दर्शकों को यह प्रक्रिया स्पष्ट रूप से दिखाने के लिए समान ऊंचाई पर इसका प्रदर्शन किया जाएगा। यह वास्तविक ईंधन भरने के बजाय एक डेमो होगा।

सुरक्षा कारणों से विमानों द्वारा किसी लक्ष्य पर प्रतीकात्मक हमला करने या किसी वस्तु को नष्ट करने का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। इसी तरह, घनी आबादी और गंगा के तटीय क्षेत्र की परिस्थितियों को देखते हुए पैराट्रूपर्स के उतरने का प्रदर्शन भी नहीं होगा।

यातायात और सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर

एयरशो के दौरान नमोघाट पर व्यवस्थाएं संभालने, यातायात नियंत्रित करने और गंगा में नौकाओं के संचालन को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी वाराणसी जिला प्रशासन की होगी। आयोजन में बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों और दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी।

तीन दिवसीय एयरशो के जरिए भारतीय वायुसेना के विमानों की तकनीकी क्षमता और संचालन कौशल को प्रदर्शित किया जाएगा। काशी में होने वाला यह आयोजन शहर के आसमान में सैन्य विमानन की विभिन्न क्षमताओं को करीब से देखने का अवसर देगा।

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