उत्तर प्रदेश के Varanasi में स्वच्छता को लेकर विशेष पहल करते हुए प्रदेश सरकार के मंत्री AK Sharma ने पार्षदों की विशेष बैठक आयोजित की। इस बैठक को ‘पार्षद पाठशाला’ का नाम दिया गया, जिसमें शहर की साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और नागरिक सहभागिता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मंत्री ने कहा कि काशी केवल धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी ही नहीं, बल्कि स्वच्छता के मामले में भी देश में अग्रणी बननी चाहिए। उन्होंने पार्षदों से अपील की कि वे अपने-अपने वार्ड में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करें और लोगों को भी स्वच्छता अभियान से जोड़ें।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में वाराणसी को शीर्ष स्थान दिलाना सरकार और नगर निगम का साझा लक्ष्य है। इसके लिए कूड़ा निस्तारण की आधुनिक व्यवस्था, डोर-टू-डोर कलेक्शन, प्लास्टिक मुक्त अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
बैठक के दौरान पार्षदों को वार्ड स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से लक्ष्य हासिल नहीं होगा, बल्कि जनता की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने स्कूलों, बाजारों और घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाने की बात कही।
इसके साथ ही शहर में सीवरेज, जल निकासी और सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति सुधारने पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का त्वरित समाधान हो और स्वच्छता से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि काशी की पहचान उसकी आस्था और आध्यात्मिकता से जुड़ी है, इसलिए शहर की स्वच्छता भी उसी स्तर की होनी चाहिए। पार्षदों ने भी आश्वासन दिया कि वे अपने वार्ड में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे और शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में शिखर तक पहुंचाने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे।









