एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों के बीच एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने फ्यूल चार्ज बढ़ाए हैं। दिवाली और छठ के दौरान वाराणसी आने वाली फ्लाइट्स का किराया बढ़ने से यात्रियों का बजट प्रभावित हो रहा है।
वाराणसी: एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी का असर हवाई यात्रियों की जेब पर पड़ने लगा है। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो की ओर से फ्यूल चार्ज बढ़ाए जाने के बीच त्योहारों के दौरान वाराणसी आने वाली उड़ानों का किराया काफी बढ़ गया है। उपलब्ध किराया विवरण के अनुसार, 6 नवंबर को मुंबई से वाराणसी की कुछ फ्लाइट्स का टिकट करीब 23,000 रुपये तक पहुंच गया है।
ATF की कीमतें बढ़ने से हवाई टिकटों पर बढ़ा खर्च
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से एयरलाइंस की परिचालन लागत पर दबाव बढ़ा है। इसके चलते विमानन कंपनियों ने घरेलू और कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है। इसका असर वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने-जाने वाले यात्रियों पर भी दिखाई दे रहा है।

इंडिगो के बाद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी फ्यूल चार्ज में बढ़ोतरी की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घरेलू बाजार में ATF की कीमत करीब 137 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। ईंधन की लागत बढ़ने से टिकट की कुल कीमत में भी इजाफा हो रहा है।
दशहरा, दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं। वाराणसी में धार्मिक पर्यटन के कारण भी यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में हवाई किराया बढ़ने से यात्रियों को यात्रा के लिए पहले से अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
दिवाली पर मुंबई और दिल्ली से वाराणसी का किराया कितना?
त्योहारों के दौरान टिकटों की कीमतों में बढ़ोतरी का अंदाजा 6 नवंबर के उपलब्ध किराया विवरण से लगाया जा सकता है। मुंबई से वाराणसी की उड़ानों में एयर इंडिया का किराया करीब 23,000 रुपये बताया गया है। वहीं, इंडिगो और अकासा एयर की कुछ उड़ानों के टिकट लगभग 16,000 से 18,000 रुपये तक पहुंच गए हैं।
दिल्ली से वाराणसी आने वाली उड़ानों का किराया करीब 14,000 से 19,000 रुपये के बीच बताया गया है। हैदराबाद से वाराणसी की फ्लाइट्स के लिए यात्रियों को लगभग 15,000 से 18,000 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय मार्ग पर भी किराया अधिक है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, शारजाह से वाराणसी आने वाली उड़ानों का किराया 35,000 रुपये से ज्यादा बताया गया है।
ये किराये यात्रा की तारीख, सीटों की उपलब्धता, एयरलाइन और टिकट बुकिंग के समय के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए टिकट खरीदने से पहले संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट पर वास्तविक किराये की जांच करना जरूरी है।
दिवाली और छठ पर घर लौटने वालों का बजट प्रभावित
त्योहारों के समय हवाई यात्रा की मांग बढ़ने से टिकटों की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ट्रैवल कारोबार से जुड़े लोगों के अनुसार, यदि एक महीने पहले टिकट बुक करने पर ही किराया अधिक है, तो यात्रा की तारीख नजदीक आने पर कुछ उड़ानों के टिकट और महंगे हो सकते हैं। हालांकि, वास्तविक कीमत सीटों की उपलब्धता और मांग पर निर्भर करेगी।
मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद जैसे शहरों में काम करने वाले वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए यह बढ़ोतरी खास तौर पर महत्वपूर्ण है। दिवाली और छठ पर घर लौटने की योजना बना रहे यात्रियों को यात्रा की तारीखों में बदलाव, अलग-अलग एयरलाइंस के किरायों की तुलना और समय रहते बुकिंग जैसे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है।
यदि विमान ईंधन की कीमतों में नरमी नहीं आती है, तो एयरलाइंस की लागत और टिकटों के किराये पर इसका असर आगे भी बना रह सकता है। हालांकि, भविष्य में किराया कितना रहेगा, यह ईंधन की कीमतों, यात्रियों की मांग और विमानन कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीतियों पर निर्भर करेगा।











