वाराणसी के सारनाथ स्थित पैगंबरपुर में अवैध पटाखा निर्माण के दौरान धमाका होने के बाद राजू खान का पुराना मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह 2020 में भी अवैध पटाखे बनाने के आरोप में जेल जा चुका था। आरोप है कि वह दालमंडी से बारूद लाकर पटाखे तैयार करता था।
वाराणसी: सारनाथ के पैगंबरपुर इलाके में गुरुवार शाम पटाखा निर्माण के दौरान हुए धमाके के बाद अवैध कारोबार से जुड़े पुराने मामले की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, राजू खान अपने मकान में पटाखे तैयार करता था और इसके लिए दालमंडी से बारूद लाता था। वह वर्ष 2020 में भी अवैध पटाखा बनाने के मामले में जेल जा चुका था। घटना के बाद मकान की दूसरी मंजिल पर पटाखे रखे होने की बात भी सामने आई है।
सारनाथ में अवैध पटाखा निर्माण के दौरान हुआ धमाका
वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र के पैगंबरपुर में गुरुवार शाम करीब पांच बजे एक मकान में धमाका हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, राजू खान अपने मकान में बड़े पैमाने पर पटाखे बनाने का काम करता था। दीपावली नजदीक होने के कारण पटाखों का निर्माण और आपूर्ति बढ़ाए जाने की बात कही जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मकान में तैयार किए जाने वाले पटाखे तेज आवाज वाले होते थे। इन्हें ‘मुन्नी ब्रांड’ के नाम से तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जाता था। धमाके के बाद मकान की दूसरी मंजिल पर भी पटाखे रखे होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में धमाके के कारण और उससे हुए नुकसान की पूरी जानकारी नहीं दी गई है।
2020 में भी अवैध पटाखा बनाने के मामले में गया था जेल
राजू खान के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में भी उसके खिलाफ अवैध पटाखा बनाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था और वह जेल गया था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि उस समय उसके घर से पटाखों की दो मैजिक गाड़ियां बाजार तक पहुंची थीं।
पुराने मामले के बावजूद कथित तौर पर दोबारा पटाखा निर्माण शुरू होने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस की मौजूदा कार्रवाई, पुराने मामले की शर्तों और हालिया घटना से जुड़े कानूनी विवरणों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
दालमंडी से बारूद लाकर तैयार किए जाते थे पटाखे
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पैगंबरपुर की संकरी गली में स्थित मकान में पटाखे बनाने के लिए दालमंडी से बारूद लाया जाता था। आरोप है कि यहां तैयार पटाखों की आपूर्ति दुकानों तक की जाती थी। दीपावली के नजदीक आने के कारण कारोबार बड़े पैमाने पर चलने की बात भी स्थानीय स्तर पर कही गई है।
घटना के बाद अवैध पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के भंडारण की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे कारोबार से आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता है।
धमाके के बाद जांच और निगरानी पर सवाल
धमाके के बाद यह सवाल उठ रहा है कि वर्ष 2020 के मामले में जेल जाने के बावजूद कथित तौर पर पटाखा निर्माण दोबारा कैसे शुरू हुआ। स्थानीय लोगों की ओर से पूर्व की गतिविधियों और निगरानी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर घटना की विस्तृत जांच, बरामद सामग्री और पुलिस की आगे की कार्रवाई से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही धमाके के कारणों, अवैध पटाखा निर्माण के पैमाने और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









