वाराणसी में भारत-मॉरीशस समझौते, पीएम मोदी बोले- अभिन्न परिवार है मॉरीशस

वाराणसी में भारत और मॉरीशस ने कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। PM मोदी ने मॉरीशस को स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज, 100 इलेक्ट्रिक बसें और स्वास्थ्य सहयोग देने की घोषणा

वाराणसी में भारत और मॉरीशस के प्रधानमंत्रियों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसमें स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज, 100 इलेक्ट्रिक बसें, स्वास्थ्य और शिक्षा सहयोग शामिल है। पीएम मोदी ने मॉरीशस को भारत का अभिन्न अंग बताया।

PM Modi in Varanasi: वाराणसी में भारत और मॉरीशस के प्रधानमंत्रियों की ऐतिहासिक मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों देशों ने विकास और आपसी सहयोग को नई दिशा देने वाले कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि मॉरीशस सिर्फ़ एक पार्टनर नहीं, बल्कि भारत का अभिन्न अंग है और Neighbourhood First Policy का अहम स्तंभ है। आइए जानते हैं इस मुलाकात से दोनों देशों को क्या मिला और किस तरह यह रिश्तों का नया अध्याय साबित होगा।

भारत और मॉरीशस के रिश्तों का सांस्कृतिक जुड़ाव

पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और संस्कार सदियों पहले मॉरीशस पहुंचे और वहां की जीवन-धारा में घुल-मिल गए। जैसे काशी में गंगा का सतत प्रवाह है, वैसे ही भारतीय परंपराओं और संस्कृति का प्रवाह मॉरीशस को समृद्ध करता रहा है। वाराणसी में मॉरीशस के नेताओं का स्वागत औपचारिकता नहीं बल्कि एक आत्मिक मिलन है।

मॉरीशस-भारत: रिश्ते सिर्फ़ साझेदारी से आगे

वाराणसी में भारत-मॉरीशस समझौते, पीएम मोदी बोले- अभिन्न परिवार है मॉरीशस

भारत और मॉरीशस केवल सहयोगी (Partners) ही नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की Vision SAGAR (Security and Growth for All in the Region) नीति में मॉरीशस का महत्वपूर्ण स्थान है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।

चागोस समझौते पर बधाई

पीएम मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री और वहां की जनता को चागोस समझौते की सफलता पर बधाई दी। यह मॉरीशस की संप्रभुता की बड़ी ऐतिहासिक जीत है। भारत ने हमेशा डी-कोलोनाइजेशन और मॉरीशस की स्वतंत्रता की पूर्ण मान्यता का समर्थन किया है।

स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज से होगा बड़ा विकास

भारत ने मॉरीशस के लिए एक Special Economic Package की घोषणा की। यह पैकेज वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाएगा और रोज़गार के नए अवसर पैदा करेगा। यह सहयोग केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आएगा।

UPI और RuPay से Digital Economy को बढ़ावा

पिछले साल मॉरीशस में UPI और RuPay Card System की शुरुआत हुई थी। अब भारत और मॉरीशस ने लोकल करेंसी में व्यापार को सक्षम करने का भी निर्णय लिया है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार को गति मिलेगी और डॉलर पर निर्भरता कम होगी।

शिक्षा और रिसर्च में नए अवसर

भारत के IIT मद्रास और Indian Institute of Plantation Management ने मॉरीशस की यूनिवर्सिटी के साथ समझौते किए। इससे शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन में दोनों देशों के बीच साझेदारी नए स्तर पर जाएगी। स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स के लिए यह बड़ी संभावना लेकर आएगा।

वाराणसी में भारत-मॉरीशस समझौते, पीएम मोदी बोले- अभिन्न परिवार है मॉरीशस

सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग

भारत हमेशा से हिंद महासागर क्षेत्र में First Responder और Security Provider की भूमिका निभाता आया है। मॉरीशस के साथ ऊर्जा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़े कई अहम समझौते किए गए। यह साझेदारी दोनों देशों की रणनीतिक ताकत को और बढ़ाएगी।

100 इलेक्ट्रिक बसें 

भारत ने मॉरीशस को 100 Electric Buses देने का फैसला किया है, जिनमें से 10 बसें पहले ही पहुंच चुकी हैं। यह कदम मॉरीशस को Green Mobility की दिशा में आगे बढ़ाएगा और वहां की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाएगा।

जन औषधि केंद्र 

भारत ने मॉरीशस में पहला जन औषधि केंद्र खोला है। इसके अलावा वहां आयुष अस्पताल और Veterinary School and Animal Hospital बनाने में भी भारत मदद करेगा। इससे वहां के लोगों को सस्ती दवाएं, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और पशु चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।

UPI और RuPay के बाद अब दोनों देशों के बीच व्यापार Local Currency में किया जाएगा। इससे कारोबार और तेज़ी से बढ़ेगा और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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