प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को वाराणसी से खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई यह हाई-स्पीड ट्रेन उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ती है।
UP News: वाराणसी से खजुराहो के लिए इस नवंबर महीने से वंदे भारत एक्सप्रेस की सेवा शुरू की गई है। धार्मिक पर्यटन के दृष्टिकोण से यह ट्रेन यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा और सौगात मानी जा रही है। हालांकि, शुरुआती दिनों में इसमें यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही है। 530 यात्रियों की क्षमता वाली इस ट्रेन में पहले दिन केवल 126 यात्री ही वाराणसी से खजुराहो के लिए सफर करने पहुंचे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे लोगों को इस नई सुविधा के बारे में जानकारी मिलेगी, यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
धार्मिक पर्यटन को जोड़ने वाली नई सौगात
वाराणसी और खजुराहो दोनों ही शहर भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक हैं। वाराणसी को काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों के लिए जाना जाता है, जबकि खजुराहो विश्व प्रसिद्ध है अपने प्राचीन मंदिरों और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के लिए। रेलवे मंत्रालय ने इस मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को चलाने का निर्णय इस उद्देश्य से लिया कि पर्यटक अब इन दो ऐतिहासिक स्थलों के बीच तेज, आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकें।
इस ट्रेन का रूट वाराणसी से शुरू होकर प्रयागराज, चित्रकूट, सतना होते हुए खजुराहो तक जाता है। यह सप्ताह में 6 दिन चलेगी, जिससे धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

पहले दिन यात्रियों की संख्या रही उम्मीद से कम
एबीपी लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेन की शुरुआत के पहले दिन यात्रियों की संख्या अपेक्षा से बहुत कम रही। वाराणसी से खजुराहो के लिए रवाना हुई इस वंदे भारत एक्सप्रेस में 530 यात्रियों की क्षमता है, लेकिन सिर्फ 126 लोग ही सफर के लिए पहुंचे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नई ट्रेनों के लिए शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या कम रहना सामान्य बात है। जैसे-जैसे लोगों को नई सेवा की जानकारी होगी, वैसे-वैसे बुकिंग में वृद्धि की संभावना है।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह ट्रेन मुख्य रूप से धार्मिक पर्यटन और सप्ताहांत यात्रा के लिए है। हमें उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाई थी हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 नवंबर को अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर पहुंचे थे। अगले दिन, 8 नवंबर की सुबह, उन्होंने बनारस रेलवे स्टेशन से एक साथ चार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें वाराणसी-खजुराहो रूट की ट्रेन भी शामिल थी। पीएम मोदी ने कहा था कि वंदे भारत ट्रेनें “नए भारत की रफ्तार और आत्मनिर्भरता का प्रतीक” हैं। उन्होंने बताया कि सरकार देशभर में आधुनिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दे रही है ताकि यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।











