राजस्थान के भिवाड़ी में मदरसन प्लांट के बाहर 1500 से ज्यादा श्रमिक वेतन बढ़ाने, ओवरटाइम दर दोगुनी करने और काम की शर्तों में सुधार की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और वार्ता जारी है।
भिवाड़ी: राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मदरसन इंडिया के प्लांट के बाहर मंगलवार को सैकड़ों श्रमिक वेतन वृद्धि और कामकाजी परिस्थितियों में सुधार की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। करीब 1500 महिला और पुरुष कर्मचारी एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि उन्हें कम वेतन, अधिक काम और असमान व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।
सूचना मिलते ही चौपानकी, भिवाड़ी और टपूकड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्लांट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित कंपनी प्लांट में भी मजदूरों ने इसी तरह के मुद्दों को लेकर आंदोलन किया था। ऐसे में श्रमिक असंतोष अब बहु-राज्यीय औद्योगिक विवाद का रूप लेता दिख रहा है।
वेतन, ओवरटाइम और कार्यस्थल व्यवहार को लेकर आरोप
प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों की मुख्य मांग वेतन वृद्धि, बेहतर कार्य स्थितियां और कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना है।
महिला कर्मचारी संजू ने बताया कि फिलहाल उन्हें करीब 11 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता है, जबकि ओवरटाइम के लिए 60 रुपए प्रति घंटा दिया जाता है। श्रमिकों की मांग है कि:
- मासिक वेतन 20 हजार रुपए किया जाए
- ओवरटाइम भुगतान 120 रुपए प्रति घंटा हो
- काम के घंटों में सुधार हो
- कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार बंद हो
कई महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें काम के दौरान बुनियादी सुविधाएं भी ठीक से नहीं मिलतीं। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि:
- बाथरूम जाने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती है
- गेट पास आसानी से नहीं दिया जाता
- लंबी शिफ्ट में दबाव बनाया जाता है
एक कर्मचारी राहुल ने आरोप लगाया कि कंपनी के कुछ कर्मचारियों और एचआर स्टाफ की ओर से धमकाने और मारपीट जैसी घटनाएं भी हुई हैं। हालांकि, कंपनी प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रशासन की पहल: वार्ता से समाधान की कोशिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है। Kailash Choudhary और तहसीलदार शैतान सिंह मौके पर पहुंचे और श्रमिकों से बातचीत की। प्रशासन ने कहा कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और किसी हिंसा या तोड़फोड़ की सूचना नहीं है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
प्रशासन की रणनीति के तहत:
- महिला कर्मचारियों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया जा रहा है
- इस प्रतिनिधिमंडल की कंपनी मैनेजमेंट से बातचीत कराई जाएगी
- कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अलर्ट
डीएसपी कैलाश चौधरी ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता शांति बनाए रखना और दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करना है।
नोएडा से भिवाड़ी तक बढ़ता श्रमिक असंतोष
मदरसन इंडिया के खिलाफ यह प्रदर्शन केवल भिवाड़ी तक सीमित नहीं है। सोमवार को Noida स्थित कंपनी प्लांट और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में भी मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया था। कुछ जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आई थीं।कंपनी ने नोएडा की घटनाओं को उद्योग-व्यापी तनाव और गलत सूचनाओं से जुड़ा बताया था। भिवाड़ी में भी सोमवार को Suprajit Engineering के प्लांट पर मजदूरों ने प्रदर्शन किया था। वहां पुलिस और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी।
करीब 5 घंटे तक चले गतिरोध के बाद कंपनी, ठेकेदार और श्रमिकों के बीच समझौता हुआ था। इन लगातार हो रहे प्रदर्शनों ने राजस्थान और उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रम संबंधों और कार्य स्थितियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई, कम वेतन, अनुबंध आधारित रोजगार और काम के दबाव जैसे मुद्दे अब बड़े औद्योगिक असंतोष का कारण बन रहे हैं।
फिलहाल भिवाड़ी में हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की बातचीत से यह तय होगा कि श्रमिकों की मांगों पर क्या सहमति बनती है। मदरसन प्लांट के बाहर जारी यह प्रदर्शन अब सिर्फ स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक श्रम परिदृश्य में उभरते दबाव का संकेत बन गया है।









