Vijay Hazare Trophy 2025-26: रामकृष्ण घोष ने रचा इतिहास, आखिरी ओवर में नहीं दिए 6 रन

Vijay Hazare Trophy 2025-26: रामकृष्ण घोष ने रचा इतिहास, आखिरी ओवर में नहीं दिए 6 रन

विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में क्रिकेट प्रेमियों को एक ऐसा रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जिसने सभी को हैरान कर दिया। महाराष्ट्र और गोवा के बीच खेले गए इस मुकाबले में महाराष्ट्र के तेज गेंदबाज रामकृष्ण घोष ने आखिरी ओवर में ऐसा जादू चलाया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 

स्पोर्ट्स न्यूज़: विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में महाराष्ट्र और गोवा के बीच मुकाबला गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को जयपुर के डॉ. सोनी स्टेडियम में खेला गया, जिसमें दर्शकों को क्रिकेट का एक बेहद रोमांचक पल देखने को मिला। इस मुकाबले में महाराष्ट्र के लिए खेल रहे रामकृष्ण घोष ने ऐसा जादुई स्पेल फेंका कि क्रिकेट जगत हैरान रह गया। 

लिस्ट ए क्रिकेट में उनकी इस तरह की गेंदबाजी बेहद दुर्लभ और कम ही देखने को मिलती है। मैच के निर्णायक क्षण में महाराष्ट्र के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने आखिरी ओवर रामकृष्ण घोष को सौंपा, जिसमें उन्होंने विरोधी टीम के बल्लेबाजों को चौंकाते हुए शानदार प्रदर्शन किया और सनसनी मचा दी।

जयपुर में दिखा जबरदस्त रोमांच

यह मुकाबला गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को जयपुर के डॉ. सोनी स्टेडियम में खेला गया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए महाराष्ट्र की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 250 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। जवाब में गोवा की टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए अंत तक संघर्ष किया और मैच को आखिरी ओवर तक खींच ले गई।

मैच के अंतिम क्षणों में स्थिति पूरी तरह गोवा के पक्ष में नजर आ रही थी। आखिरी तीन ओवर में उन्हें सिर्फ 11 रन चाहिए थे और उनके पास विकेट भी सुरक्षित थे। ऐसे में ज्यादातर टीमें दबाव में आ जाती हैं, लेकिन महाराष्ट्र के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने गेंद थमाई युवा गेंदबाज रामकृष्ण घोष को—और यही फैसला मैच का टर्निंग पॉइंट बन गया।

आखिरी ओवर का ‘मैजिक स्पेल’

49वें ओवर में गोवा किसी तरह 5 रन बनाने में सफल रहा, लेकिन आखिरी ओवर में उन्हें अब भी 6 रनों की जरूरत थी। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को लग रहा था कि मुकाबला गोवा के हाथ में चला जाएगा। लेकिन रामकृष्ण घोष ने असाधारण धैर्य और सटीक लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए आखिरी ओवर को मेडन बना दिया।

ओवर की हर गेंद पर बल्लेबाज रन बनाने के लिए जूझते रहे, लेकिन घोष ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि महाराष्ट्र ने यह मुकाबला 5 रनों से जीत लिया, और रामकृष्ण घोष रातों-रात सुर्खियों में आ गए। रामकृष्ण घोष ने इस मुकाबले में कुल 10 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने सिर्फ 35 रन खर्च किए और 1 विकेट हासिल किया। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने स्पेल में दो मेडन ओवर डाले—एक 48वां ओवर और दूसरा आखिरी, यानी 50वां ओवर। लिस्ट ए क्रिकेट में इस तरह का दबाव भरा आखिरी ओवर मेडन डालना बेहद दुर्लभ माना जाता है।

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