विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का 26वां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन: CM योगी आदित्यनाथ ने कहा- 'न्याय नागरिक की सुरक्षा और...'

विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में CM योगी आदित्यनाथ ने न्याय की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली नागरिक की सुरक्षा

राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया।

UP News: राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का 26वां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया और विश्व न्यायविदों को संबोधित किया। बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सम्मेलन की शुरुआत हुई, जिसने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत हमेशा से विश्व को एक परिवार मानता रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया की वास्तविक समस्याओं में एक-दूसरे के साथ संवाद की कमी सबसे बड़ी चुनौती है। यह सम्मेलन इसी संवाद को बढ़ावा देने का एक मंच है।

वैश्विक आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय न्याय का महत्व

सीएम योगी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 16 वैश्विक लक्ष्यों में शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था इस तरह हो कि बच्चे “बस्ते के बोझ” से दबे न हों। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में अशांति और अराजकता का बढ़ना चिंता का विषय है। वर्चस्व की होड़ और संप्रभुता हड़पने की प्रवृत्ति के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की बातें अक्सर बेमानी प्रतीत होती हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि हर देश और नागरिक इस स्थिति के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाए।

सीएम ने जलवायु परिवर्तन, साइबर क्राइम और डेटा चोरी जैसी समस्याओं को भी वैश्विक स्तर पर चुनौती बताते हुए कहा कि न्याय, नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून इन संकटों के समाधान में अहम भूमिका निभा सकते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूएन ने 80 साल पहले दुनिया को अधिक न्यायपूर्ण, समावेशी और जवाबदेह वैश्विक व्यवस्था की आवश्यकता बताई थी। उन्होंने सुझाव दिया कि आज वैश्विक आतंकवाद, साइबर अपराध और स्वास्थ्य संकट जैसे मुद्दों पर मुखर होकर बोलने की जरूरत है।

सीएम ने भारत की प्राचीन सभ्यता की ओर इशारा करते हुए कहा कि पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु के संरक्षण पर आधारित हमारी परंपरा हमें आज भी पर्यावरण और मानवता की रक्षा में मार्गदर्शन कर सकती है।

नागरिक सुरक्षा का आधार

अपने संबोधन में सीएम योगी ने जोर दिया कि न्याय सिर्फ कानून की व्याख्या तक सीमित नहीं रह सकता। इसका उद्देश्य मानवता की समस्याओं का समाधान और हर नागरिक की सुरक्षा, स्वावलंबन और उन्नत भविष्य सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा, आज जब दुनियाभर के न्यायविद एकत्रित हुए हैं, तो यह समय है कि हम न्याय के माध्यम से मानवता के लिए स्थायी समाधान खोजें। न्याय केवल समता का प्रतीक नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और समाज की प्रगति का आधार होना चाहिए।

सीएम ने सम्मेलन को वैश्विक न्याय के लिए साझा मंच बताते हुए कहा कि न्याय केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं है। वैश्विक मुद्दों पर संवाद और सहयोग से ही स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।

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