Intelligence Bureau के पूर्व अधिकारी और R.N. Ravi, जो तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल भी रह चुके हैं, गुरुवार को West Bengal के नए राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल के बीच, R.N. Ravi आज पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे। उनका शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को कोलकाता पहुंचने के बाद Lok Bhavan, Kolkata में आयोजित किया जाएगा। समारोह में कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश Sujoy Paul उन्हें पद की शपथ दिलाएंगे।
इस अवसर पर एक दुर्लभ दृश्य देखने को मिलेगा, क्योंकि समारोह में राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और विधानसभा में विपक्ष के नेता Shuvendu Adhikari दोनों मौजूद रहेंगे।
नियुक्ति का राजनीतिक संदर्भ
आर.एन. रवि की नियुक्ति विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई है, जिससे राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति की घोषणा की, लेकिन राज्य सरकार के साथ परामर्श नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह परंपराओं का उल्लंघन है और संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना ऐतिहासिक संदर्भ में महत्वपूर्ण है। पिछले डेढ़ दशक में यह दूसरी बार है जब कोई पूर्व **Intelligence Bureau अधिकारी बंगाल का राज्यपाल बनाया गया है। इससे पहले 2011 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पूर्व आईबी प्रमुख M.K. Narayanan को राज्यपाल बनाया गया था। उस चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में 34 साल पुराना वामपंथी शासन समाप्त हुआ और ममता बनर्जी सत्ता में आई थीं।

अचानक इस्तीफा और सत्ताधारी पार्टी की प्रतिक्रिया
आर.एन. रवि की नियुक्ति C.V. Anand Bose के अचानक इस्तीफे के बाद हुई। आनंद बोस ने 5 मार्च की शाम को अपना पद छोड़ दिया था। उनके इस फैसले से राज्य की राजनीति में काफी हलचल मची। तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि केंद्रीय सरकार के दबाव में आनंद बोस ने इस्तीफा दिया। हालांकि, आनंद बोस ने इसे निजी निर्णय बताया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आनंद बोस के इस्तीफे पर हैरानी जताई और केंद्रीय गृह मंत्रालय पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नए राज्यपाल की नियुक्ति से पहले उनसे कोई सलाह नहीं ली गई। ममता बनर्जी के अनुसार, गृह मंत्री ने केवल जानकारी दी कि आर.एन. रवि को राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है।
आर.एन. रवि एक वरिष्ठ **Intelligence Bureau अधिकारी और तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल हैं। उनके अनुभव और सुरक्षा विशेषज्ञता को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि उनकी नियुक्ति राज्य की आगामी विधानसभा चुनाव से जुड़े राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।











