व्हाइट हाउस के टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर पर ट्रंप के भाषणों से जुड़ी सट्टेबाजी का आरोप, जांच शुरू

व्हाइट हाउस के टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर पर ट्रंप के भाषणों से जुड़ी कथित इनसाइड जानकारी के आधार पर सट्टेबाजी का आरोप। Kalshi ने खाता फ्रीज किया, CFTC जांच जारी।

व्हाइट हाउस के एक टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषणों से जुड़ी गोपनीय जानकारी का कथित तौर पर इस्तेमाल कर भविष्यवाणी आधारित सट्टेबाजी करने का आरोप लगा है। मामले की जांच जारी है और संबंधित कर्मचारी को अवैतनिक अवकाश पर भेज दिया गया है।

वॉशिंगटन: अमेरिका में व्हाइट हाउस से जुड़ा एक मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। व्हाइट हाउस के टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर गैब्रियल पेरेज़ (Gabriel Perez) पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सार्वजनिक भाषणों से जुड़ी गोपनीय जानकारी का कथित तौर पर उपयोग कर भविष्यवाणी आधारित सट्टेबाजी (Prediction Market Betting) में हिस्सा लिया। रिपोर्टों के अनुसार, इस गतिविधि से लगभग एक लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 90 हजार डॉलर से अधिक) का संभावित लाभ अर्जित करने का प्रयास किया गया। हालांकि संबंधित प्लेटफॉर्म ने समय रहते खाता फ्रीज कर दिया, जिससे कथित मुनाफा निकाला नहीं जा सका।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब राजनीतिक घटनाओं से जुड़े प्रिडिक्शन मार्केट्स की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर अमेरिका में लगातार बहस चल रही है।

क्या हैं आरोप?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गैब्रियल पेरेज़ वर्ष 2016 से व्हाइट हाउस में टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के प्रमुख सार्वजनिक संबोधनों, विशेष रूप से स्टेट ऑफ द यूनियन जैसे महत्वपूर्ण भाषणों में इस्तेमाल होने वाले संभावित शब्दों की जानकारी का उपयोग कर ऑनलाइन प्रिडिक्शन मार्केट में दांव लगाए।

बताया गया है कि दांव इस बात पर लगाए गए थे कि राष्ट्रपति अपने भाषण में किन विशेष शब्दों, देशों, आर्थिक मुद्दों या चुनावी नारों का उल्लेख करेंगे। यदि अनुमान सही साबित होता, तो प्रतिभागियों को वित्तीय लाभ मिलता।

कालशी प्लेटफॉर्म ने पकड़ी संदिग्ध गतिविधि

यह कथित सट्टेबाजी Kalshi नामक अमेरिकी प्रिडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म पर की गई थी। यह प्लेटफॉर्म वास्तविक घटनाओं के परिणामों पर आधारित अनुबंध (Prediction Contracts) उपलब्ध कराता है, जहां उपयोगकर्ता विभिन्न घटनाओं के संभावित परिणामों पर दांव लगा सकते हैं। कंपनी के अनुसार, मार्च महीने के दौरान उसके विश्लेषकों ने "Mention Markets" में असामान्य गतिविधि देखी। इन बाजारों में उपयोगकर्ता यह अनुमान लगाते हैं कि कोई सार्वजनिक नेता अपने भाषण में किसी विशेष शब्द या विषय का उल्लेख करेगा या नहीं।

जांच के दौरान कंपनी ने पाया कि संबंधित खाता एक ऐसे व्यक्ति का था, जो संघीय सरकार का कर्मचारी था और व्हाइट हाउस में टेलीप्रॉम्प्टर संचालन से जुड़ा हुआ था। इसके बाद कंपनी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खाते को फ्रीज कर दिया।

90 हजार डॉलर से अधिक की राशि रोकी गई

रिपोर्टों के अनुसार, प्लेटफॉर्म ने लगभग 90 हजार अमेरिकी डॉलर से अधिक की संभावित कमाई को खाते से निकालने से पहले ही रोक दिया। कंपनी ने कहा कि संदिग्ध गतिविधि सामने आने के बाद मामले की जानकारी अमेरिका के कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) को दी गई। Kalshi के प्रवर्तन प्रमुख रॉबर्ट डेनॉल्ट ने कहा कि कंपनी ने सभी उपलब्ध साक्ष्य नियामक एजेंसियों को सौंप दिए हैं ताकि मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके।

व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस मामले की जानकारी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से अवैतनिक अवकाश (Unpaid Leave) पर भेज दिया गया है और वह अब व्हाइट हाउस में कार्य नहीं करेगा। हालांकि व्हाइट हाउस ने मामले पर इससे अधिक टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि जांच पूरी होने तक आगे की प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी।

व्हाइट हाउस के टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर पर ट्रंप के भाषणों से जुड़ी सट्टेबाजी का आरोप, जांच शुरू

नियामक एजेंसियों की जांच जारी

मामले की जांच अमेरिका का कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) कर रहा है, जो देश में प्रिडिक्शन मार्केट और डेरिवेटिव ट्रेडिंग से जुड़े मामलों की निगरानी करता है। जब मीडिया ने CFTC से जांच की पुष्टि मांगी, तो आयोग ने कहा कि वह किसी विशेष जांच की पुष्टि या खंडन नहीं कर सकता। यह अमेरिकी नियामक एजेंसियों की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है।

आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, न्यूयॉर्क (मैनहट्टन) के संघीय अभियोजकों ने फिलहाल इस मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का निर्णय नहीं लिया है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि मामला पूरी तरह समाप्त हो गया है। नियामकीय जांच अभी भी जारी है और उसके निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि गैब्रियल पेरेज़ जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।

प्रिडिक्शन मार्केट क्या होता है?

प्रिडिक्शन मार्केट एक ऐसा ऑनलाइन मंच होता है, जहां लोग भविष्य की वास्तविक घटनाओं के संभावित परिणामों पर दांव लगाते हैं। ये घटनाएं राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मौसम या अन्य सार्वजनिक विषयों से जुड़ी हो सकती हैं। Kalshi जैसे प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता इस बात पर भी अनुमान लगाते हैं कि किसी नेता के भाषण में कौन-से शब्द या विषय शामिल होंगे। ऐसे बाजारों में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक माना जाता है कि किसी भी प्रतिभागी के पास गोपनीय या सार्वजनिक रूप से उपलब्ध न होने वाली जानकारी न हो।

इनसाइड जानकारी के इस्तेमाल पर क्यों उठे सवाल?

यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक घोषणा से पहले गोपनीय जानकारी के आधार पर वित्तीय लाभ कमाने का प्रयास करता है, तो इसे कई परिस्थितियों में गंभीर नैतिक और नियामकीय मुद्दा माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी पद पर कार्यरत कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने पद से प्राप्त जानकारी का व्यक्तिगत लाभ के लिए उपयोग न करें। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी अदालत ने आरोपों की पुष्टि नहीं की है और जांच पूरी होने तक संबंधित व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता।

आगे क्या हो सकता है?

अब इस पूरे मामले में CFTC की जांच महत्वपूर्ण होगी। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन के पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नागरिक (Civil) कार्रवाई, आर्थिक दंड या अन्य नियामकीय कदम उठाए जा सकते हैं। वहीं यदि भविष्य में नए साक्ष्य सामने आते हैं, तो आपराधिक जांच की संभावना से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल व्हाइट हाउस, Kalshi और नियामक एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर मामले की प्रक्रिया पूरी कर रही हैं।

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