Success Story: 16 लाख की नौकरी छोड़ UPSC की तैयारी, दो बहनों ने साथ बनकर हासिल की IAS की मंजिल

16 लाख की नौकरी छोड़ अंकिता जैन और वैशाली जैन ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार प्रयास से UPSC में शानदार रैंक हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया।

दिल्ली की अंकिता जैन और वैशाली जैन ने इंजीनियरिंग के बाद UPSC की तैयारी कर एक साथ IAS बनने का सपना पूरा किया। असफलताओं, नौकरी और लगातार मेहनत के बाद दोनों बहनों ने देशभर में शानदार रैंक हासिल की।

 IAS Success Story: दिल्ली की अंकिता जैन और वैशाली जैन की कहानी मेहनत, धैर्य और सही रणनीति का प्रेरणादायक उदाहरण है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई, अच्छी नौकरी और कई चुनौतियों के बावजूद दोनों बहनों ने UPSC की तैयारी जारी रखी और आखिरकार एक साथ IAS अधिकारी बनने का सपना साकार किया।

साधारण परिवार से निकलकर हासिल की बड़ी सफलता

दिल्ली की रहने वाली अंकिता जैन और वैशाली जैन की सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सिविल सेवा में करियर बनाने का सपना देखते हैं। दोनों बहनों का पालन-पोषण दिल्ली में हुआ, जबकि उनका परिवार मूल रूप से राजस्थान से जुड़ा है। परिवार ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी और दोनों बहनों ने भी अपनी मेहनत और लगन से इस विश्वास को सही साबित किया।

Success Story: 16 लाख की नौकरी छोड़ UPSC की तैयारी, दो बहनों ने साथ बनकर हासिल की IAS की मंजिल

स्कूल के दिनों से ही दोनों पढ़ाई में बेहद मेधावी थीं। अच्छी शैक्षणिक उपलब्धियों के बाद दोनों ने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। वैशाली ने आगे चलकर आईआईटी दिल्ली से एमटेक की डिग्री गोल्ड मेडल के साथ हासिल की, जबकि अंकिता ने कंप्यूटर साइंस में बीटेक के बाद निजी क्षेत्र में नौकरी शुरू कर दी।

16 लाख की नौकरी छोड़ी, फिर भी नहीं छोड़ा सपना

इंजीनियरिंग के बाद अंकिता को एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी में करीब 16 लाख रुपये सालाना पैकेज की नौकरी मिली थी। हालांकि उनका लक्ष्य सिविल सेवा में जाना था। इसी वजह से उन्होंने वर्ष 2014 में नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह UPSC की तैयारी में जुट गईं। परिवार का विश्वास जीतने के लिए उन्होंने GATE परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की, जिससे उनके फैसले को भी मजबूती मिली।

UPSC की राह आसान नहीं रही। पहले प्रयास में अंकिता प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। इस दौरान उन्होंने DRDO का एक नौकरी प्रस्ताव भी ठुकराया, क्योंकि उनका पूरा ध्यान सिविल सेवा परीक्षा पर था। बाद में उन्होंने वैज्ञानिक के रूप में काम करते हुए भी अपनी तैयारी जारी रखी और लगातार प्रयास करती रहीं।

IPS पति के नोट्स बने सफलता की ताकत

अंकिता और अभिनव जैन कॉलेज के समय से एक-दूसरे को जानते थे। अभिनव ने UPSC परीक्षा पास कर IPS अधिकारी बनने के बाद अपनी तैयारी के नोट्स अंकिता के साथ साझा किए। यही नोट्स वैशाली ने भी अपनी तैयारी के दौरान इस्तेमाल किए। दोनों बहनों ने एक-दूसरे का लगातार सहयोग किया और तैयारी के दौरान अपने अनुभव साझा किए।

अंकिता को दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 270 मिली, जिसके बाद उन्होंने इंडियन अकाउंट्स सर्विस जॉइन की। हालांकि उनका लक्ष्य IAS बनना था, इसलिए उन्होंने तैयारी जारी रखी। लगातार मेहनत और बेहतर रणनीति के साथ चौथे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक-3 हासिल की। वहीं उनकी छोटी बहन वैशाली जैन ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक-21 प्राप्त की और IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।

मेहनत, धैर्य और विश्वास से मिली मंजिल

अंकिता और वैशाली की कहानी यह साबित करती है कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और धैर्य से मिलती है। अच्छी नौकरी छोड़ना, असफलताओं का सामना करना और फिर भी अपने लक्ष्य से पीछे न हटना उनके सफर की सबसे बड़ी सीख है। आज दोनों बहनें हजारों UPSC अभ्यर्थियों, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा हैं। उनका सफर यह संदेश देता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उस पर पूरी ईमानदारी से काम किया जाए, तो बड़ी से बड़ी मंजिल भी हासिल की जा सकती है।

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