वुहान ओपन में सोनाय कार्टल का बड़ा उलटफेर, स्वितोलिना को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचीं

वुहान ओपन के क्वार्टर फाइनल में ब्रिटेन की सोनाय कार्टल ने पांचवीं वरीयता प्राप्त एलिना स्वितोलिना को 6-2, 2-6, 6-4 से हराया। अब उनका सामना जेलेना ओस्टापेंको से

ब्रिटेन की सोनाय कार्टल ने वुहान ओपन के क्वार्टर फाइनल में एलिना स्वितोलिना को तीन सेटों में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। पीठ की चोट से वापसी के बाद यह उनकी आठ मैचों में छठी जीत है।

टेनिस: ब्रिटेन की टेनिस खिलाड़ी सोनाय कार्टल ने वुहान ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर किया है। उन्होंने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में यूक्रेन की पांचवीं वरीयता प्राप्त एलिना स्वितोलिना को तीन सेटों में हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। 24 वर्षीय कार्टल ने यह मुकाबला 6-2, 2-6, 6-4 से अपने नाम किया। पीठ की चोट के कारण छह महीने से अधिक समय तक कोर्ट से दूर रहने के बाद उनकी यह वापसी महिला टेनिस में चर्चा का विषय बन गई है।

इस जीत के साथ कार्टल ने चोट से वापसी के बाद आठ मुकाबलों में अपनी छठी जीत दर्ज की। वुहान में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है। क्वार्टर फाइनल से पहले उन्होंने इटली की 15वीं वरीयता प्राप्त जैस्मिन पाओलिनी और स्विट्जरलैंड की नौवीं वरीयता प्राप्त बेलिंडा बेनचिच को भी हराया था।

अब सेमीफाइनल में उनका सामना फ्रांस की पूर्व ओपन चैंपियन जेलेना ओस्टापेंको से होगा। यह कार्टल का WTA 1000 स्तर के टूर्नामेंट में पहला सेमीफाइनल होगा। इस उपलब्धि के साथ वह 2009 में WTA 1000 प्रारूप शुरू होने के बाद इस स्तर के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी ब्रिटिश खिलाड़ी बन गई हैं। उनसे पहले जोहाना कोंटा यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं।

स्वितोलिना के खिलाफ कार्टल की दमदार शुरुआत

क्वार्टर फाइनल में कार्टल ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने पहले सेट में स्वितोलिना की सर्विस तोड़कर बढ़त हासिल की और अपने शॉट्स में सटीकता बनाए रखी। उनकी गति और कोर्ट पर बेहतर मूवमेंट ने यूक्रेनी खिलाड़ी को दबाव में रखा।

कार्टल ने पहला सेट 6-2 से जीतकर मुकाबले में मजबूत स्थिति बना ली। इससे पहले वुहान ओपन में अपने सफर के दौरान उन्होंने क्वार्टर फाइनल तक एक भी सेट नहीं गंवाया था। ऐसे में स्वितोलिना के खिलाफ उनकी शुरुआती लय ने इस मुकाबले में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ा दी।

हालांकि, स्वितोलिना अनुभवी खिलाड़ी हैं और उन्होंने जल्द ही मुकाबले में वापसी की कोशिश शुरू कर दी। पहले सेट के दौरान उन्होंने दाहिने हाथ में परेशानी के कारण मेडिकल टाइमआउट भी लिया। उपचार के बाद वह कोर्ट पर लौटीं और दूसरे सेट में बेहतर प्रदर्शन किया।

दूसरे सेट में स्वितोलिना की वापसी

पहला सेट गंवाने के बाद स्वितोलिना ने अपनी रणनीति में बदलाव किया। उन्होंने रैलियों में अधिक स्थिरता दिखाई और कार्टल को आसानी से अंक हासिल नहीं करने दिए। यूक्रेनी खिलाड़ी ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए मैच की गति पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की।

दूसरे सेट में स्वितोलिना ने 6-2 से जीत दर्ज की। इससे मुकाबला निर्णायक तीसरे सेट तक पहुंच गया। कार्टल के लिए यह एक महत्वपूर्ण परीक्षा थी, क्योंकि उन्हें एक अनुभवी और शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी के दबाव का सामना करना था।

चोट से वापसी के बाद लगातार मुकाबले खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में दूसरे सेट में पिछड़ने के बावजूद कार्टल का संयम बनाए रखना उनकी फिटनेस और मानसिक मजबूती के लिहाज से अहम रहा।

निर्णायक सेट में कार्टल ने दिखाया संयम

तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। किसी भी खिलाड़ी को आसानी से बढ़त नहीं मिल रही थी। स्वितोलिना ने वापसी के बाद अपनी लय बनाए रखी, जबकि कार्टल ने दबाव के बावजूद महत्वपूर्ण अंकों पर ध्यान केंद्रित किया।

निर्णायक सेट में स्कोर 4-5 होने पर कार्टल ने स्वितोलिना की सर्विस तोड़ दी। इसी ब्रेक ने मुकाबले का रुख उनके पक्ष में कर दिया और उन्होंने 6-4 से तीसरा सेट जीतकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया।

यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि कार्टल ने मैच के बीच में अपनी बढ़त गंवाने के बाद भी धैर्य नहीं खोया। उन्होंने निर्णायक क्षणों में सही शॉट चुने और स्वितोलिना को वापसी का एक और अवसर नहीं दिया।

चोट से वापसी के बाद कार्टल का शानदार सफर

कार्टल को पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण छह महीने से अधिक समय तक टेनिस से दूर रहना पड़ा था। ऐसी चोट खिलाड़ी की ट्रेनिंग, फिटनेस और मैच खेलने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। लंबे अंतराल के बाद प्रतिस्पर्धी स्तर पर वापसी करना भी आसान नहीं होता।

लेकिन वुहान ओपन में कार्टल ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। स्वितोलिना से पहले पाओलिनी और बेनचिच जैसी खिलाड़ियों को हराना उनके अभियान की मजबूती को दर्शाता है।

कार्टल इस टूर्नामेंट में संरक्षित रैंकिंग (Protected Ranking) का इस्तेमाल करते हुए खेल रही हैं। यह व्यवस्था चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने वाले खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के तहत टूर्नामेंट में प्रवेश पाने में मदद करती है। इसका उद्देश्य खिलाड़ी को चोट के बाद प्रतिस्पर्धी टेनिस में वापसी का अवसर देना है।

मैच के बाद कार्टल ने कहा कि वह जानती थीं कि स्वितोलिना कितनी संघर्षशील खिलाड़ी हैं, इसलिए पूरे मुकाबले में उन्हें कभी भी जीत को निश्चित नहीं मानना था। उन्होंने अपने प्रदर्शन में संयम बनाए रखने को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस सप्ताह वह अपने करियर में नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं।

WTA 1000 सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी ब्रिटिश खिलाड़ी

कार्टल की यह उपलब्धि ब्रिटिश महिला टेनिस के लिए भी महत्वपूर्ण है। WTA 1000 टूर्नामेंट महिला टेनिस कैलेंडर की प्रमुख प्रतियोगिताओं में शामिल होते हैं और इनमें दुनिया की शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेती हैं।

2009 में इस प्रारूप की शुरुआत के बाद कार्टल दूसरी ब्रिटिश खिलाड़ी बनी हैं, जिन्होंने इस स्तर के टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। उनसे पहले जोहाना कोंटा यह मुकाम हासिल कर चुकी हैं।

इस उपलब्धि से कार्टल के करियर को नई दिशा मिल सकती है। हालांकि, सेमीफाइनल में पहुंचना अपने आप में बड़ी सफलता है, लेकिन अब उनकी नजर फाइनल में जगह बनाने पर होगी।

सेमीफाइनल में ओस्टापेंको से होगी टक्कर

कार्टल का अगला मुकाबला लातविया की जेलेना ओस्टापेंको से होगा, जिन्होंने क्वार्टर फाइनल में 11वीं वरीयता प्राप्त डायना श्नाइडर को हराया। ओस्टापेंको ने पहला सेट टाईब्रेक में 7-6 (8-6) से जीता और फिर दूसरे सेट में 6-1 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

ओस्टापेंको 2017 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीत चुकी हैं और बड़े मुकाबलों में उनका अनुभव कार्टल के लिए चुनौती बन सकता है। दूसरी ओर, कार्टल की मौजूदा फॉर्म और लगातार मिल रही जीत उन्हें आत्मविश्वास देगी।

वुहान ओपन के अन्य क्वार्टर फाइनल में पोलैंड की 16वीं वरीयता प्राप्त माजा च्वालिंस्का का मुकाबला ग्रीस की मारिया सक्कारी से होना है। वहीं, अमेरिका की एन ली का सामना छह बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन और सातवीं वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक से होगा।

क्या कार्टल फाइनल तक पहुंच पाएंगी?

स्वितोलिना पर जीत ने कार्टल को खिताब की दौड़ में एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित किया है। हालांकि, ओस्टापेंको के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्हें एक और कठिन चुनौती का सामना करना होगा।

कार्टल की वापसी की कहानी चोट से उबरने, मैच फिटनेस हासिल करने और उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के उनके प्रयासों को दर्शाती है। वुहान में अब तक उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है, लेकिन फाइनल में पहुंचने के लिए उन्हें इसी तरह का संयम और निरंतरता बनाए रखनी होगी।

फिलहाल, स्वितोलिना को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचना कार्टल के करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब टेनिस प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या ब्रिटिश खिलाड़ी अपनी शानदार वापसी को फाइनल में जगह बनाने के साथ और यादगार बना पाती हैं।

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