यमुनानगर में साइबर ठगी के दो मामले, लिंक पर क्लिक और निवेश के झांसे में गंवाए ₹3.48 लाख

नानगर में निवेश के झांसे और पेंशन कार्ड लिंक से दो लोगों के ₹3.48 लाख ठगे गए। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज किया।

हरियाणा के यमुनानगर में साइबर ठगों ने दो लोगों से करीब 3.48 लाख रुपये की ठगी की। एक व्यक्ति को निवेश के नाम पर फंसाया गया, जबकि दूसरे का पेंशन कार्ड से जुड़ा लिंक खोलने के बाद बैंक खाते से पैसा निकल गया।

यमुनानगर: जिले में मोबाइल पर संदिग्ध लिंक भेजकर साइबर ठगी करने के दो मामले सामने आए हैं। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर केस दर्ज किए हैं। पांसरा निवासी एक व्यक्ति ने निवेश के झांसे में आकर ढाई लाख रुपये गंवा दिए, जबकि विष्णुनगर निवासी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते से पेंशन कार्ड बनाने से जुड़े लिंक पर क्लिक करने के बाद 97,920 रुपये निकल गए।

निवेश के नाम पर ढाई लाख रुपये गंवाए

यमुनानगर के पांसरा निवासी अंकित कुमार साइबर ठगी का शिकार हुए। जानकारी के अनुसार, उनके मोबाइल पर एक लिंक आया था। उन्होंने लिंक को खोला तो उनके फोन में इनक्वाइन एप डाउनलोड हो गया। इसके बाद एप पर निवेश से संबंधित योजनाएं दिखाई जाने लगीं। इन योजनाओं के जरिए निवेश करने पर रकम बढ़ने की उम्मीद में अंकित कुमार ने पैसे लगाने का फैसला किया।

बताया गया है कि उन्होंने एप के माध्यम से ढाई लाख रुपये निवेश कर दिए। शुरुआत में उन्हें निवेश से जुड़ी जानकारी दिखाई गई, लेकिन जब उन्होंने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो पैसा नहीं निकल सका। इसके बाद एप भी बंद हो गया। इस तरह अंकित कुमार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

मामले में निवेश के नाम पर इस्तेमाल किए गए एप और लिंक की भूमिका की जांच जरूरी है। साइबर ठगी करने वाले अक्सर लोगों को अधिक लाभ का लालच देकर पैसे जमा करवाते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान एप पर निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और संबंधित कंपनी की जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

पेंशन कार्ड के लिंक से खाते से निकले ₹97,920

साइबर ठगी का दूसरा मामला यमुनानगर के विष्णुनगर निवासी सुरेंद्र कुमार से जुड़ा है। उनके मोबाइल पर पेंशन कार्ड बनवाने से संबंधित एक लिंक आया था। उन्होंने उस लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उनका मोबाइल हैक होने की बात सामने आई। इसके बाद उनके बैंक खाते से 97,920 रुपये निकल गए।

सुरेंद्र कुमार के साथ हुई इस घटना में सरकारी सुविधा से संबंधित लिंक का इस्तेमाल किया गया। पेंशन कार्ड जैसी सुविधा का नाम देखकर लोग कई बार ऐसे संदेशों पर भरोसा कर लेते हैं। साइबर अपराधी इसी भरोसे का फायदा उठाकर लोगों की निजी जानकारी और बैंक खातों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं।

इन दोनों घटनाओं में ठगी का तरीका अलग-अलग बताया गया है, लेकिन मोबाइल पर आए लिंक के जरिए लोगों को निशाना बनाया गया। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर मामले दर्ज किए हैं। पुलिस की जांच में ठगी के तरीके और लेनदेन से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

साइबर ठगी से बचने के लिए क्या सावधानी बरतें?

यमुनानगर में सामने आए मामले ऐसे लोगों के लिए चेतावनी हैं, जो मोबाइल पर आने वाले अनजान लिंक पर बिना जांच किए क्लिक कर देते हैं। पुलिस की ओर से समय-समय पर साइबर ठगी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की जाती है, लेकिन इसके बावजूद लोग ठगों के जाल में फंस रहे हैं।

मोबाइल पर किसी अनजान नंबर से आया लिंक खोलने से पहले उसकी सत्यता जांचें। निवेश के नाम पर मिलने वाले आकर्षक प्रस्तावों पर बिना पुष्टि के पैसे न लगाएं। पेंशन कार्ड या दूसरी सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में एप डाउनलोड न करें और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें।

यदि खाते से संदिग्ध लेनदेन हो जाए, तो तुरंत बैंक को सूचना दें और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से कार्रवाई में मदद मिल सकती है।

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