यमुना एक्सप्रेस-वे भीषण हादसा: आग बुझने के बाद मिले कंकाल, DNA जांच से होगी शिनाख्त

यमुना एक्सप्रेस-वे भीषण हादसा: आग बुझने के बाद मिले कंकाल, DNA जांच से होगी शिनाख्त

मथुरा के बलदेव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के हुए भीषण हादसे के बाद का मंजर बेहद डरावना है। घने कोहरे के बीच एक के बाद एक वाहनों की टक्कर से सात बसों और तीन कारों में भीषण आग लग गई, जिससे भारी तबाही मच गई।

Accident News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के हुआ भीषण सड़क हादसा देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। घने कोहरे के कारण हुए इस भयावह हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद का दृश्य इतना दर्दनाक था कि देखने वालों की रूह कांप गई।

घने कोहरे में एक के बाद एक टकराए वाहन

मथुरा के बलदेव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे पर तड़के घने कोहरे के बीच सात बसों और तीन कारों की आपस में टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ ही पलों में वाहनों में भीषण आग लग गई। आग ने तेजी से सभी वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई यात्रियों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि एक्सप्रेस-वे की सफेद लेन मार्किंग तक पिघल गई। कई लोग बसों की सीटों पर ही फंसे रह गए और बाहर नहीं निकल सके।

आग बुझी तो सामने आया दिल दहला देने वाला मंजर

दमकल विभाग की गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जब राहत टीमें बसों के भीतर पहुंचीं, तो वहां से कंकाल, खोपड़ियां और अधजले शव निकाले गए। कुछ शव इतने बुरी तरह जल चुके थे कि उनकी पहचान करना असंभव हो गया। पुलिस और राहत कर्मियों ने शवों को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला और 17 बैगों में रखकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। कई शव बसों की सीटों से चिपके हुए मिले, जिन्हें निकालने में काफी समय लगा।

हादसे के बाद मौके पर एम्बुलेंस के सायरन, घायल यात्रियों की चीखें और अपने परिजनों को तलाशते लोगों की बदहवासी ने माहौल को और भयावह बना दिया। कई लोग अस्पतालों के बाहर अपनों की खबर के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए।

शवों की पहचान बनी चुनौती, DNA जांच का सहारा

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। मौके पर करीब 14 एंबुलेंस, 11 दमकल वाहन, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए। दमकल वाहनों के लिए टोल प्लाजा के पास ही पानी के टैंकरों की व्यवस्था की गई, ताकि आग बुझाने में किसी तरह की देरी न हो। हादसे के बाद जले हुए वाहनों को हाइड्रा मशीनों की मदद से एक्सप्रेस-वे से हटाया गया, ताकि यातायात बहाल किया जा सके।

प्रशासन के अनुसार, अब तक 13 मौतों की पुष्टि हुई है, लेकिन इनमें से सिर्फ तीन शवों की ही शिनाख्त हो पाई है। बाकी शव इतनी बुरी तरह जले हुए हैं कि पहचान कर पाना संभव नहीं है। ऐसे में मृतकों की पहचान के लिए DNA टेस्ट कराए जाएंगे।

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