योगी आदित्यनाथ सरकार ने UP Budget 2026 पेश किया है, जो उसके दूसरे कार्यकाल का आखिरी और 10वां बजट है। इसमें महिलाओं, युवाओं, किसानों, शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस किया गया है।
UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश कर दिया है। यह बजट कई मायनों में खास है, क्योंकि यह योगी सरकार का 10वां बजट है। विधानसभा में सुबह 11 बजे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे पिछले 9 वर्षों के “नव निर्माण” की निरंतरता बताया। सरकार का दावा है कि इन 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश की छवि बदली है और बजट उसी बदले हुए आत्मविश्वास को दर्शाता है।
योगी सरकार का 9 साल का बजट सफर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश का कुल बजट आकार तीन गुना से भी अधिक बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि सोच और प्राथमिकताओं में बदलाव का प्रमाण है। योगी सरकार के अनुसार, जहां पहले बजट का बड़ा हिस्सा केवल खर्च तक सीमित रहता था, वहीं अब विकास, निवेश और भविष्य की योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम देने की सोच से जुड़ा बजट बताया।
UP Budget 2026 की थीम और विजन
यूपी बजट 2026 की थीम सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के इर्द-गिर्द रखी गई है। सरकार का कहना है कि यह बजट महिलाओं, युवाओं, किसानों और शहरी विकास सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश के 9 वर्षों के परिवर्तन की कहानी को देश के सामने रखता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट पेश करने का अवसर मिलना अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
नई योजनाओं पर बड़ा फोकस
बजट 2026 में नई योजनाओं के लिए 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान पूंजीगत व्यय के लिए किया गया है। सरकार का मानना है कि पूंजीगत खर्च बढ़ाने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
मेधावी छात्राओं को स्कूटी योजना
इस बजट की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली घोषणा मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की योजना है। सरकार का उद्देश्य है कि बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास बनाने का भी प्रस्ताव है। सरकार ने सभी विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोलने की बात कही है। इससे खासतौर पर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की छात्राओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई टाउनशिप के लिए 3500 करोड़ का प्रावधान

यूपी बजट 2026 में शहरी विकास को भी खास महत्व दिया गया है। नई टाउनशिप योजनाओं के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आवास और शहरी नियोजन के लिए कुल 7,705 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण और नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत मेरठ में 35 साल बाद, आगरा में 33 साल बाद और लखनऊ में 22 साल बाद नई आवासीय योजनाएं शुरू की गई हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में पहली बार औद्योगिक योजना लॉन्च किए जाने का भी दावा किया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ता निवेश
ऊर्जा क्षेत्र के लिए इस बजट में 65,926 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। सरकार का कहना है कि उत्तर प्रदेश की पारेषण क्षमता में बीते वर्षों में बड़ा सुधार हुआ है। वर्ष 2016-2017 में जहां पारेषण क्षमता 17,890 मेगावॉट थी, वहीं 2025-2026 तक इसे बढ़ाकर 32,500 मेगावॉट कर दिया गया है। सरकार इसे औद्योगिक विकास और बिजली आपूर्ति की स्थिरता के लिए अहम कदम मानती है।
नमामि गंगे और जलापूर्ति योजनाएं
नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति के लिए बजट में 22,676 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार के अनुसार गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सीवरेज से जुड़ी कुल 74 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 41 परियोजनाएं पूरी होकर संचालित हो रही हैं, जबकि बाकी निर्माणाधीन हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से न केवल गंगा की स्वच्छता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की समस्या भी कम होगी।
सड़कों और फ्लाईओवर का विस्तार
यूपी बजट 2026 में सड़क और पुल निर्माण पर भी बड़ा जोर दिया गया है। सड़कों और सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण और अनुरक्षण के लिए 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सेतुओं के लिए 4,808 करोड़ रुपये और रेलवे ओवरब्रिज तथा अंडरब्रिज के निर्माण के लिए 1,700 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सरकार का कहना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेश और आवागमन दोनों आसान होंगे।
पूर्वांचल और बुंदेलखंड पर विशेष ध्यान
योगी सरकार का कहना है कि बजट में पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखा गया है। नई औद्योगिक योजनाओं, आवास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के जरिए इन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य है। सरकार इसे क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।













