ZIM vs BAN ODI: 141 रन भी नहीं बना सका बांग्लादेश, जिम्बाब्वे ने रोमांचक मुकाबले में 25 रन से दर्ज की यादगार जीत

ZIM vs BAN ODI Match: बांग्लादेश 141 रन भी नहीं बना सका और जिम्बाब्वे ने 25 रन से रोमांचक जीत दर्ज की। जानिए मैच का पूरा स्कोर, प्रमुख खिलाड़ियों का

वनडे क्रिकेट में अक्सर बड़े स्कोर और रिकॉर्ड चर्चा का विषय बनते हैं, लेकिन हरारे में खेला गया यह मुकाबला बिल्कुल अलग साबित हुआ। इस मैच में महज 141 रन का लक्ष्य भी इतना चुनौतीपूर्ण बन गया कि विपक्षी टीम उसे हासिल नहीं कर सकी।

स्पोर्ट्स न्यूज़: हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए जिम्बाब्वे और बांग्लादेश के बीच वनडे मुकाबले ने क्रिकेट प्रशंसकों को रोमांच से भर दिया। आमतौर पर वनडे क्रिकेट में 300 से अधिक रनों के स्कोर चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस मुकाबले ने साबित कर दिया कि जीत केवल बड़े स्कोर से नहीं, बल्कि जुझारू प्रदर्शन, अनुशासित गेंदबाजी और दबाव में बेहतर फैसलों से भी हासिल की जा सकती है।

पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की टीम केवल 141 रन ही बना सकी। ऐसा लग रहा था कि बांग्लादेश इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेगा, लेकिन मेजबान टीम के तेज गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरी बांग्लादेशी बल्लेबाजी को 116 रन पर समेट दिया और 25 रन से यादगार जीत दर्ज की।

जिम्बाब्वे की पारी रही संघर्षपूर्ण

टॉस जीतकर बांग्लादेश ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो शुरुआती ओवरों में बिल्कुल सही साबित होता नजर आया। जिम्बाब्वे ने बिना किसी नुकसान के 36 रन बना लिए थे, लेकिन इसके बाद विकेटों का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ कि टीम ने महज 34 रन के भीतर अपने आठ बल्लेबाज गंवा दिए।बांग्लादेश के तेज गेंदबाज नाहिद राणा ने घातक गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। 

उन्होंने 21 रन देकर 6 विकेट हासिल किए, जो उनके वनडे करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। उनकी रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज टिक नहीं सके।

नौवें विकेट की साझेदारी ने बदला मैच

जब जिम्बाब्वे की टीम पूरी तरह संकट में थी, तब न्यूमैन न्यामहूरी और कप्तान रिचर्ड नगारवा ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने नौवें विकेट के लिए 63 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की और टीम का स्कोर 141 तक पहुंचाया। न्यामहूरी ने 33 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि नगारवा ने 27 रन जोड़कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। यही साझेदारी बाद में मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई, क्योंकि इसी अतिरिक्त स्कोर ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को मुकाबले में वापसी का मौका दिया।

आसान लक्ष्य भी नहीं हासिल कर सका बांग्लादेश

142 रनों का लक्ष्य वनडे क्रिकेट में सामान्य परिस्थितियों में बेहद आसान माना जाता है, लेकिन हरारे की तेज और उछाल वाली पिच पर जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही बांग्लादेशी बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया। बांग्लादेश ने केवल 17 रन के स्कोर पर अपने तीन प्रमुख विकेट गंवा दिए। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो और सौम्य सरकार सहित शीर्ष क्रम पूरी तरह विफल रहा।

इसके बाद तौहीद हृदॉय (25 रन) और नुरुल हसन (31 रन) ने चौथे विकेट के लिए 49 रनों की साझेदारी कर टीम को संभालने की कोशिश की। ऐसा लग रहा था कि बांग्लादेश मुकाबले में वापसी कर लेगा, लेकिन न्यामहूरी ने हृदॉय का महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच का रुख फिर से जिम्बाब्वे की ओर मोड़ दिया।

तेज गेंदबाजों ने अकेले दिलाई जीत

हृदॉय के आउट होने के बाद बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। टीम ने 66 रन पर तीन विकेट से आगे बढ़ते हुए अपने अंतिम सात विकेट केवल 50 रन के भीतर गंवा दिए और पूरी टीम 116 रन पर ऑलआउट हो गई। इस मुकाबले की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जिम्बाब्वे ने पूरे मैच में एक भी ओवर स्पिन गेंदबाज से नहीं कराया। सभी 33.1 ओवर केवल तेज गेंदबाजों ने फेंके, जो वनडे क्रिकेट में बेहद दुर्लभ रणनीति मानी जाती है।

कप्तान रिचर्ड नगारवा ने गेंद से भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 31 रन देकर 3 विकेट लिए और आखिरी बल्लेबाज को आउट कर अपनी टीम की ऐतिहासिक जीत पर मुहर लगा दी। तेज गेंदबाजों की अनुशासित लाइन-लेंथ और लगातार दबाव ने बांग्लादेश को कभी भी लक्ष्य के करीब नहीं आने दिया।

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