गुवाहाटी में आज असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) जुबीन गर्ग की रहस्यमयी मौत के मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है, क्योंकि उसने इस मामले में चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है।
Zubeen Garg SIT Chargesheet: लोकप्रिय असमिया सिंगर जुबीन गर्ग की संदिग्ध मौत मामले में असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) आज यानी शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल करने जा रही है। यह कदम महीनों की जांच के बाद न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। मामले से जुड़े कई खुलासे पहले ही सार्वजनिक हो चुके हैं, लेकिन चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत में आरोपी और साक्ष्यों का पूरा विवरण पेश किया जाएगा।
जुबीन गर्ग, जिन्हें नॉर्थ-ईस्ट के सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में देखा जाता था, सितंबर 19, 2025 को सिंगापुर में तैराकी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। उनकी मौत ने न केवल असम बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक और सवालों की लहर पैदा कर दी थी।
अदालत में SIT पेश करेगी अपना पक्ष
एसआईटी की टीम ने अब तक मामले की विस्तृत जांच पूरी कर ली है। इसमें 60 से अधिक FIR के आधार पर मामले के तकनीकी और कानूनी पहलुओं का विश्लेषण शामिल है। SIT प्रमुख और स्पेशल DGP (CID) मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने पुष्टि की कि जांच से जुड़े सभी दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और विदेशी रिपोर्टें चार्जशीट में शामिल की गई हैं।
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असम सरकार और पुलिस प्रशासन पर मामले की जांच को लेकर लगातार दबाव बढ़ रहा था। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चार्जशीट दाखिल होने से पहले जनता से अपील की कि वे न्याय प्रणाली पर भरोसा रखें। उन्होंने कहा,
'दोषी को सजा अवश्य मिलेगी। अदालत निष्पक्ष न्याय करेगी।'
यह बयान राज्यभर में उम्मीद जगाने वाला रहा, क्योंकि लंबे समय से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही थी। SIT ने जांच के दौरान सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से पांच आरोपी बक्सा जिले की जिला जेल में बंद हैं, जबकि दो को दीमा हसाओ के हाफलोंग सब-जेल में रखा गया है। चार्जशीट में इन आरोपियों की भूमिका, घटनाक्रम और तकनीकी सबूत विस्तार से शामिल होंगे।
जुबीन गर्ग की मौत की परिस्थितियों, घटनास्थल और डिजिटल साक्ष्यों को बड़े विस्तार से जांच में शामिल किया गया है। सिंगापुर में हुई घटना की चिकित्सा रिपोर्टें, फॉरेंसिक डिटेल्स और वीडियो/फोटो साक्ष्य भी दस्तावेज़ों का हिस्सा हैं।
जुबीन गर्ग की सांस्कृतिक पहचान
जुबीन गर्ग केवल एक गायक नहीं थे, बल्कि असम की सांस्कृतिक पहचान थे। उनके 53वें जन्मदिन पर पूरे राज्य में श्रद्धांजलियों का दौर चला। कलाकार और फैंस दोनों ही उनके योगदान और लोकप्रियता को याद कर भावुक हो गए। उनकी मौत ने न सिर्फ कलाकारों को झकझोर दिया, बल्कि जनता में भी सवाल उठाए कि घटना कैसे हुई और जिम्मेदारों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। यही वजह है कि चार्जशीट दाखिल होने की प्रक्रिया को राज्य और मीडिया बड़े उत्सुकता से देख रहे हैं।









