गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से कोई भी नौकरी सुरक्षित नहीं है। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों में व्हाइट कॉलर और उच्च स्तर की नौकरियां भी प्रभावित होंगी। विशेषज्ञों के अनुसार एआई सिर्फ सहायक उपकरण नहीं बल्कि नौकरियों का विकल्प बन सकता है।
AI और जॉब मार्केट का भविष्य: गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने अमेरिका से चेतावनी दी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाज और नौकरी की दुनिया में बड़ा बदलाव लाएगा। पिचई ने कहा कि एंट्री लेवल से लेकर टॉप मैनेजमेंट की नौकरियां भी खतरे में हैं और लोग एआई के साथ तालमेल बिठाने के लिए अपनी स्किल्स अपडेट करें। विशेषज्ञों ने भी पुष्टि की कि आने वाले दो-तीन साल में कई प्रशासनिक और व्हाइट कॉलर नौकरियों पर एआई का असर सबसे अधिक होगा।
एआई से कोई भी नौकरी सुरक्षित नहीं
गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने एआई को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाज और जॉब मार्केट पर बड़ा असर डालेगा और कई नौकरियां पूरी तरह बदल सकती हैं। पिचई ने स्पष्ट किया कि एआई किसी भी नौकरी को प्रभावित कर सकता है, चाहे वह एंट्री लेवल हो या टॉप मैनेजमेंट, और यहां तक कि उनके जैसे सीईओ की नौकरी भी खतरे में है।
उन्होंने कहा कि लोगों को इस नई हकीकत को समझना होगा और एआई के साथ तालमेल बिठाने की तैयारी करनी होगी। पिचई के अनुसार, आने वाले सालों में व्हाइट कॉलर नौकरियों पर एआई का असर सबसे ज्यादा दिखाई देगा।
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विशेषज्ञों की चिंता और भविष्य की संभावनाएं
एंथ्रोपिक के चीफ साइंटिस्ट जेरेड कपलान ने भी चेतावनी दी है कि अगले दो-तीन साल में एआई ऑफिस और अन्य प्रशासनिक कामों में तेजी से शामिल होगा। कंप्यूटर साइंटिस्ट और एआई एक्सपर्ट स्टुअर्ट रसेल ने कहा कि एआई सिस्टम अधिकांश ऐसे काम कर रहे हैं, जिन्हें हम सामान्य नौकरी मानते हैं।
रसेल के मुताबिक, यहां तक कि सर्जन जैसी विशेष और सुरक्षित नौकरी भी एआई ले सकती है। रोबोट को कुछ ही समय में सर्जरी करने की ट्रेनिंग दी जा सकती है और वे इंसानों से बेहतर परिणाम दे सकते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि एआई सिर्फ सहायक उपकरण नहीं बल्कि नौकरियों का विकल्प बन सकता है।
जॉब मार्केट पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के तेजी से विकास से समाज में बड़े बदलाव होंगे। जॉब मार्केट में पारंपरिक भूमिकाएं धीरे-धीरे बदलेंगी और नई तकनीक के अनुसार स्किल्स की मांग बढ़ेगी। इससे कर्मचारियों को नई तकनीकी योग्यता सीखने और अपनी स्किल्स अपग्रेड करने पर जोर देना होगा।










