पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष से प्रभावित रियल एस्टेट परियोजनाओं को यूपी रेरा ने चार महीने का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है। यह विस्तार उन पात्र पंजीकृत परियोजनाओं पर लागू होगा, जिनकी मूल, संशोधित या पहले से विस्तारित completion date 28 फरवरी से 31 अक्टूबर के बीच है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण निर्माण गतिविधियों और रियल एस्टेट परियोजनाओं की गति पर पड़े असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश भू-संपदा नियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने पात्र परियोजनाओं के लिए चार महीने की अतिरिक्त अवधि की व्यवस्था की है।
विस्तार मौजूदा पंजीकरण की अंतिम वैधता तिथि से प्रभावी होगा। हालांकि, सभी परियोजनाओं को यह राहत स्वतः नहीं मिलेगी। परियोजना प्रवर्तकों को निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
यूपी रेरा के अनुसार, जिन पंजीकृत परियोजनाओं की मूल, संशोधित या पहले से बढ़ाई गई completion date 28 फरवरी से 31 अक्टूबर के बीच आती है, वे चार महीने के extension के दायरे में होंगी।

निर्धारित शर्तें पूरी होने के बाद संबंधित परियोजना का पंजीकरण चार महीने के लिए स्वतः बढ़ाया जाएगा।
चार महीने की अतिरिक्त अवधि का लाभ लेने के लिए परियोजना प्रवर्तकों को 28 फरवरी 2026 को स्वीकृत नक्शे, लेआउट या भवन योजना का वैध होना सुनिश्चित करना होगा।
इसके अलावा, परियोजना की मौजूदा registration validity समाप्त होने तक सभी लंबित Quarterly Progress Reports (QPR) जमा करनी होंगी। प्रवर्तकों को वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट REG-5 भी दाखिल करनी होगी।
इन सभी आवश्यकताओं को पूरा करने वाली पात्र परियोजनाओं का पंजीकरण चार महीने के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।
यूपी रेरा ने यह निर्णय केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की 31 जुलाई की सलाह के आधार पर लिया है। मंत्रालय ने असाधारण परिस्थितियों से प्रभावित रियल एस्टेट परियोजनाओं को राहत देने के लिए सामूहिक आदेश के माध्यम से चार महीने की अवधि बढ़ाने का सुझाव दिया था।
यह राहत केवल निर्धारित eligibility criteria पूरा करने वाली registered projects तक सीमित रहेगी। परियोजना प्रवर्तकों को सभी लंबित regulatory filings और आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा करने होंगे।












