Columbus

Global Brokerage का अनुमान: Waaree और Premier Energies के शेयरों में गिरावट

Global Brokerage का अनुमान: Waaree और Premier Energies के शेयरों में गिरावट
अंतिम अपडेट: 23 घंटा पहले

Bernstein की चेतावनी: Waaree और Premier Energies के शेयरों में गिरावट की आशंका, ₹1,902 और ₹693 का नया टारगेट जारी, बढ़ती सप्लाई और अमेरिकी कंपटीशन से सेक्टर पर संकट गहराने की संभावना।

विदेशी ब्रोकरेज फर्म Bernstein ने Waaree Energies और Premier Energies के शेयरों के लिए निगेटिव रेटिंग जारी की है, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। रिपोर्ट में इन कंपनियों को ‘Underperform’ रेटिंग दी गई है, जिसका मतलब है कि इनके शेयरों में गिरावट देखने को मिल सकती है। Bernstein ने Waaree Energies के लिए ₹1,902 और Premier Energies के लिए ₹693 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा कीमत से क्रमशः 21% और 26% कम है।

भारत में सोलर सेक्टर का विकास, लेकिन बढ़ती चिंताएं

भारत का सोलर सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और सरकार $20 अरब (₹1.67 लाख करोड़) के निवेश के साथ इस उद्योग को आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। हालांकि, Bernstein के विश्लेषकों का मानना है कि इस सेक्टर में कई जोखिम हैं, जो कंपनियों के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में बने सोलर प्रोडक्ट्स की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर से 2-3 गुना ज्यादा हैं, जिससे इनका कंपटीशन कमजोर पड़ सकता है।

सोलर इंडस्ट्री में गिरावट की आशंका

Bernstein के विश्लेषक निखिल निगानिया और अमन जैन का कहना है कि सोलर इंडस्ट्री इस समय अपने उच्चतम चक्र पर है और आगे चलकर इसमें गिरावट देखने को मिल सकती है। उनका मानना है कि फिलहाल कंपनियों के मुनाफे अच्छे हैं, लेकिन FY27 के बाद स्थिति बदल सकती है, क्योंकि उस समय तक नई प्रोडक्शन यूनिट शुरू हो जाएंगी और बाजार में अधिक सप्लाई हो जाएगी।

वह दिक्कतें, जिनसे Waaree और Premier को जूझना पड़ सकता है

Bernstein की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में आने वाले वर्षों में सोलर मॉड्यूल्स की सप्लाई, मांग से कहीं ज्यादा हो सकती है। देश में FY26 तक 40 GW की सोलर मॉड्यूल की मांग रहेगी, जबकि घरेलू उत्पादन क्षमता 70 GW से ज्यादा हो चुकी है और कई नई प्रोडक्शन यूनिट भी जल्द ही शुरू होने वाली हैं। इसके अलावा, अमेरिकी बाजार में बढ़ते सोलर एक्सपोर्ट्स को देखते हुए Bernstein का मानना है कि यह रुझान ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा, जिससे Waaree और Premier Energies के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Reliance और Adani जैसी बड़ी कंपनियों से टक्कर, क्या Waaree और Premier टिक पाएंगे?

Bernstein का अनुमान है कि आने वाले समय में भारतीय सोलर एक्सपोर्ट्स में Reliance और Adani Enterprises जैसी बड़ी कंपनियों का दबदबा रहेगा। ये कंपनियां वित्तीय रूप से मजबूत हैं और बड़े स्तर पर कंपटीशन करने में सक्षम हैं। Waaree Energies कुछ हद तक इन कंपनियों को टक्कर दे सकती है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि बड़ी कंपनियों के सामने इनकी ग्रोथ सीमित हो सकती है।

30 साल की वारंटी

Bernstein ने यह चिंता भी जताई है कि Waaree और Premier Energies 30 साल की परफॉर्मेंस वारंटी दे रही हैं, लेकिन इनकी साख पर सवाल उठ सकता है। क्योंकि इन कंपनियों ने अब तक इतने लंबे समय तक अपने उत्पादों का परीक्षण नहीं किया है। यह निवेशकों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है, खासकर अगर भविष्य में कंपनियां इस वारंटी को पूरा करने में असफल रहती हैं।

Leave a comment