BNP Paribas ने Torrent Pharma और JB Chemicals को निवेश के बेहतरीन विकल्प के रूप में बताया है। अमेरिकी शुल्क छूट से इन कंपनियों में 55% तक रिटर्न की उम्मीद है।
Pharma Stocks: अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म BNP Paribas ने अपनी नई रिपोर्ट में Torrent Pharmaceuticals और JB Chemicals & Pharmaceuticals को भारतीय फार्मा क्षेत्र के सबसे अच्छे निवेश विकल्पों में से एक बताया है। यह सिफारिश उस समय आई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयातित उत्पादों पर नए शुल्क लगाने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिकी सरकार ने फार्मा सेक्टर को इस शुल्क से छूट दे दी है, जिससे भारतीय दवा कंपनियों को राहत मिली है।
अमेरिकी शुल्क से भारतीय फार्मा कंपनियों को मिली राहत
2 अप्रैल को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि भारत सहित कई देशों से आयातित वस्तुओं पर 27% "डिस्काउंटेड रिसीप्रोकल टैरिफ" लागू किया जाएगा। हालांकि, अमेरिकी सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, फार्मा उत्पादों को इस शुल्क से बाहर रखा गया है, जिससे भारतीय दवा कंपनियों को कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा।
JB Chemicals और Torrent Pharma में निवेश से तगड़ा मुनाफा
BNP Paribas का मानना है कि JB Chemicals और Torrent Pharmaceuticals के शेयरों में निवेश करने से निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है। वर्तमान में JB Chemicals का शेयर ₹1,579.80 है, जबकि इसका टार्गेट प्राइस ₹2,446 रखा गया है, जो 55% की वृद्धि की संभावना दर्शाता है।
वहीं, Torrent Pharmaceuticals का मौजूदा शेयर ₹3,247.7 है, और इसका टार्गेट प्राइस ₹3,710 रखा गया है, जिससे इसमें 14% की वृद्धि की उम्मीद है।
फार्मा सेक्टर में निफ्टी फार्मा इंडेक्स की मजबूती की संभावना
हाल ही में फार्मा सेक्टर में उतार-चढ़ाव देखा गया था, मुख्यतः अमेरिकी आयात शुल्क के डर के कारण, जिसके कारण निफ्टी फार्मा इंडेक्स में इस साल 11% की गिरावट आई थी। लेकिन अब जब अमेरिकी सरकार ने फार्मा उत्पादों को टैरिफ से छूट दी है, तो BNP Paribas को उम्मीद है कि निफ्टी फार्मा इंडेक्स में अब तेजी देखी जा सकती है।
10% शुल्क लागू होने पर क्या असर होगा?
BNP Paribas ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में अमेरिकी सरकार फार्मा उत्पादों पर 10% शुल्क लागू करती है, तो इसका असर भारतीय जेनेरिक दवा कंपनियों पर बहुत मामूली होगा, क्योंकि ये कंपनियां पहले ही कम मार्जिन पर काम करती हैं। हालांकि, कुछ प्रमुख कंपनियां जैसे Aurobindo Pharma, Zydus Lifesciences और Dr. Reddy’s Laboratories पर इसका थोड़ा अधिक असर पड़ सकता है, क्योंकि इनकी आय का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है।
Divi’s Laboratories पर कम असर
BNP Paribas के अनुसार, Divi’s Laboratories पर इस टैरिफ का सबसे कम असर होने की संभावना है। अगर भारतीय कंपनियाँ 10% टैरिफ में से 40% लागत खुद उठाती हैं, तो भी उनके FY27E Ebitda पर सिर्फ 1-2% का असर पड़ेगा।