ट्रंप के टैरिफ फैसले से बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 23,150 के नीचे; IT स्टॉक्स में 2.5% तक गिरावट, वैश्विक बाजारों पर भी असर।
Stock Marke: गुरुवार, 3 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुले। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 180 से अधिक देशों पर आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने के फैसले का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा। वैश्विक बाजारों में कमजोरी के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट देखने को मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) आज 700 से ज्यादा अंक गिरकर 75,811 पर खुला, जबकि पिछले सत्र में यह 76,617 पर बंद हुआ था।
सुबह 9:25 बजे तक सेंसेक्स 367.39 अंक (0.48%) गिरकर 76,250.05 पर था।
इसी तरह एनएसई निफ्टी-50 (Nifty-50) भी करीब 200 अंकों की गिरावट के साथ 23,150.30 पर खुला। बुधवार को निफ्टी 23,332 पर बंद हुआ था।
सुबह 9:26 बजे तक निफ्टी 88 अंक (0.38%) गिरकर 23,244.35 पर कारोबार कर रहा था।
ट्रंप का 26% टैरिफ: भारत पर क्या असर पड़ेगा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत 180 देशों से होने वाले आयात पर नया "रेसिप्रोकल टैरिफ" (Reciprocal Tariff) लगाने का ऐलान किया है। इस फैसले के तहत, भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर 26% टैरिफ लगेगा।
ट्रंप ने कहा कि भारत की टैरिफ नीतियां बहुत सख्त हैं और भारत अमेरिकी सामानों पर अधिक शुल्क लगाता है। उन्होंने इस नए शुल्क को "काइंड रेसिप्रोकल" (Kind Reciprocal) करार दिया।
किन देशों पर कितना टैरिफ लगा?
व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में ट्रंप ने विभिन्न देशों पर आयात शुल्क लगाने की घोषणा की। इसमें शामिल हैं:
भारत: 26%
चीन: 34% (पहले से लागू 20% समेत)
यूरोपीय संघ: 20%
जापान: 24%
दक्षिण कोरिया: 25%
वियतनाम: 46%
ताइवान: 32%
ऑस्ट्रेलिया: 10%
आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारी गिरावट
अमेरिकी बाजारों पर निर्भर भारतीय आईटी कंपनियों पर इस टैरिफ फैसले का गहरा असर पड़ा। शेयर बाजार खुलते ही इन कंपनियों के शेयर गिरावट में आ गए:
इन्फोसिस (Infosys): 2.5% की गिरावट
टीसीएस (TCS): 2.2% की गिरावट
एचसीएल टेक (HCL Tech): 1.8% की गिरावट
टेक महिंद्रा (Tech Mahindra): 2.3% की गिरावट
वैश्विक बाजारों में भी गिरावट का दौर
ट्रंप के फैसले के बाद एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई:
जापान का निक्केई इंडेक्स: 3% टूटा
दक्षिण कोरिया का कोस्पी: 1.48% गिरा
ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 इंडेक्स: 1.62% नीचे आया
अमेरिकी बाजारों में भी बुधवार को गिरावट रही, जिससे वैश्विक निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
बुधवार को बाजार की चाल कैसी थी?
पिछले सत्र में भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी:
सेंसेक्स: 592 अंक (0.78%) चढ़कर 76,617 पर बंद हुआ था।
निफ्टी: 166 अंक (0.72%) बढ़कर 23,332 पर बंद हुआ था।
लेकिन ट्रंप के फैसले के बाद बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली।
आगे बाजार की दिशा क्या होगी?
भारतीय शेयर बाजार की चाल पर आगे कुछ महत्वपूर्ण फैक्टर असर डाल सकते हैं:
1. वैश्विक बाजारों की गतिविधियां: ट्रंप के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजारों पर रहेगा।
2. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ट्रेडिंग: अगर विदेशी निवेशक बिकवाली जारी रखते हैं, तो बाजार में और गिरावट आ सकती है।
3. निफ्टी F&O एक्सपायरी: डेरिवेटिव बाजार की गतिविधियों का असर भी बाजार की दिशा तय करेगा।
4. डॉलर-रुपया विनिमय दर: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने पर बाजार में और दबाव बन सकता है।
5. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नीतियां: अगर RBI कोई बड़ा कदम उठाता है, तो बाजार में स्थिरता आ सकती है।
निवेशकों के लिए सलाह
1. लॉन्ग टर्म निवेशक घबराएं नहीं: बाजार में गिरावट के बावजूद लंबी अवधि के निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए।
2. कमजोर सेक्टर से बचें: आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर दिख रहा है, इसलिए यहां निवेश से बचें।
3. डिप में खरीदारी का मौका: मजबूत कंपनियों के स्टॉक्स अगर सस्ते मिलते हैं, तो इसमें निवेश का मौका हो सकता है।
4. ग्लोबल मार्केट पर नजर रखें: विदेशी बाजारों में स्थिरता आने पर भारतीय बाजार भी रिकवर कर सकते हैं।