Columbus

Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर में तबादलों पर टकराव, उमर अब्दुल्ला ने बुलाई बैठक

Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर में तबादलों पर टकराव, उमर अब्दुल्ला ने बुलाई बैठक
अंतिम अपडेट: 17 घंटा पहले

जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक तबादलों पर सरकार और LG में टकराव बढ़ा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधायकों और सहयोगियों की बैठक बुलाई, जिसमें वक्फ विधेयक, विधानसभा सत्र और तबादला विवाद पर चर्चा होगी।

Jammu: जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों को लेकर निर्वाचित सरकार और उपराज्यपाल के बीच विवाद गहराता जा रहा है। दो दिन पहले हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (JKAS) के 48 अधिकारियों के तबादलों पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को विधायकों और गठबंधन सहयोगियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा होगी।

LG के फैसले से नाखुश उमर सरकार

पहली अप्रैल को जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ईद के समारोह में व्यस्त थे, तब उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 48 अधिकारियों के तबादले से जुड़ा आदेश जारी कर दिया। इस सूची में 12 से अधिक मजिस्ट्रेट भी शामिल थे। हालांकि, प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक तौर पर कोई आपत्ति नहीं जताई, लेकिन मुख्यमंत्री इस फैसले से नाखुश बताए जा रहे हैं।

चार अप्रैल को विधायकों की अहम बैठक

नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्य सचेतक मुबारक गुल ने गठबंधन सहयोगियों और पार्टी विधायकों को चार अप्रैल को श्रीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। बैठक में निर्वाचित सरकार के अधिकारों, वक्फ संशोधन विधेयक और सात अप्रैल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दूसरे चरण पर चर्चा होगी।

वंदे भारत और गृहमंत्री अमित शाह के दौरे पर भी चर्चा संभव

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्तावित दौरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 19 अप्रैल को कटड़ा से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने पर भी चर्चा हो सकती है।

LG का आदेश निर्वाचित सरकार के अधिकारों में हस्तक्षेप?

सूत्रों का कहना है कि उपराज्यपाल द्वारा अधिकारियों के तबादले करने का निर्णय निर्वाचित सरकार को कमजोर करने जैसा है। उमर सरकार का मानना है कि यह फैसला नौकरशाही पर उपराज्यपाल का पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की मंशा दर्शाता है। इससे निर्वाचित सरकार और विधायकों की प्रशासन में भूमिका सीमित हो जाएगी।

तबादले से जुड़े अधिकार किसके पास?

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत उपराज्यपाल को प्रमुख प्रशासनिक अधिकार प्राप्त हैं। हालांकि, निर्वाचित सरकार बनने के बाद जेकेएएस अधिकारियों के तबादलों का अधिकार मुख्यमंत्री को मिला था। अखिल भारतीय सेवा कैडर के अधिकारियों के तबादलों का अधिकार अभी भी केंद्र के पास है।

निर्वाचित सरकार ने की अधिक अधिकारों की मांग

उमर सरकार ने जम्मू-कश्मीर सरकार के अधिकारों को स्पष्ट करने के लिए गृह मंत्रालय को एक मसौदा भेजा है। इसमें डिप्टी कमिश्नरों की नियुक्ति और जेकेएएस अधिकारियों पर निर्वाचित सरकार का पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

Leave a comment