तेलंगाना की श्रीसैलम लेफ्ट बैंक नहर (SLBC) सुरंग में फंसे आठ मजदूरों को बचाने के लिए बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने प्लाज्मा कटर और ब्रॉचो कटिंग मशीन जैसे अत्याधुनिक उपकरण भेजकर बचाव कार्य को गति दी है। इसके अलावा, सिंगरेनी कोलियरीज़ कंपनी लिमिटेड (SCCL) ने भी 200 कर्मचारियों को चार शिफ्टों में तैनात कर दिया है ताकि राहत अभियान बिना रुके जारी रह सके।
रेस्क्यू ऑपरेशन में रेलवे की एंट्री
जिला प्रशासन द्वारा मदद की अपील के बाद दक्षिण मध्य रेलवे ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए विशेषज्ञ इंजीनियरों और तकनीशियनों की दो टीमों को मौके पर भेजा। SCR के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ए. श्रीधर के अनुसार, रेलवे की यह टीम लोहे और स्टील के भारी मलबे को काटने में विशेषज्ञता रखती है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पहली टीम का नेतृत्व विभागीय यांत्रिक इंजीनियर एस. मुरली कर रहे हैं, जिनके साथ 13 वेल्डर और दो तकनीशियन भी मौजूद हैं। दूसरी टीम रात के समय बचाव कार्य को सपोर्ट करने के लिए मौके पर पहुंची।
रेस्क्यू में लगी हाई-टेक मशीनें
* प्लाज्मा कटर – भारी लोहे और स्टील को तेजी से काटने के लिए।
* ब्रॉचो कटिंग मशीन – टनल में फंसे अवरोधों को हटाने के लिए।
* गैस कटर – सुरंग में अटकी टनल बोरिंग मशीन (TBM) को छोटे टुकड़ों में काटकर बाहर निकालने के लिए।
सिंचाई मंत्री ने कब तक राहत की उम्मीद जताई?
तेलंगाना के सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने जानकारी दी कि अगले 48 घंटों में ऑपरेशन पूरा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बचाव दलों ने टनल से पानी निकालने और मलबा साफ करने का काम तेज कर दिया है। मंत्री ने कहा, "हम पूरी ताकत से काम कर रहे हैं। सेना, नौसेना, रैट माइनर्स और NDRF की टीमें बिना किसी जोखिम के लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं।"
कौन-कौन हैं फंसे हुए मजदूर?
नाम राज्य भूमिका
मनोज कुमार उत्तर प्रदेश इंजीनियर
श्रीनिवास उत्तर प्रदेश इंजीनियर
सनी सिंह जम्मू-कश्मीर ऑपरेटर
गुरप्रीत सिंह पंजाब ऑपरेटर
संदीप साहू झारखंड मजदूर
संतोष साहू झारखंड मजदूर
अनुज साहू झारखंड मजदूर
जिगता एक्सेस झारखंड मजदूर
कोयला खदान कंपनी ने भी झोंकी ताकत
सिंगरेनी कोलियरीज़ ने 200 से अधिक प्रशिक्षित कर्मचारियों को चार शिफ्टों में तैनात किया है। कंपनी ने कहा कि उनके कर्मचारी उच्च कौशल वाले हैं और विभिन्न कटिंग टूल्स के इस्तेमाल में निपुण हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत प्राथमिक चिकित्सा टीम भी तैनात की गई है ताकि जरूरत पड़ने पर फंसे लोगों को तुरंत मेडिकल सहायता दी जा सके।
क्या है अगला कदम?
* टनल बोरिंग मशीन (TBM) को काटकर निकाला जाएगा।
* मलबा हटाने के बाद टीम सुरंग में प्रवेश करेगी।
* सेना और NDRF की टीम सुरंग में प्रवेश कर श्रमिकों तक पहुंचेगी।
* फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट और मेडिकल सहायता तैयार रखी गई है।