लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश होने पर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा। महाकुंभ, ईद पाबंदी और उपचुनाव का जिक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाए। BJP ने जवाब दिया।
UP Politics: लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने यह विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। विधेयक पेश होते ही इस पर चर्चा शुरू हो गई, जहां समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने वक्फ विधेयक के बहाने उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।
महाकुंभ और ईद पर पाबंदी का जिक्र
अखिलेश यादव ने हाल ही में संपन्न हुए महाकुंभ और ईद के दौरान विभिन्न जिलों में प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का मुद्दा उठाया। उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रयागराज में हुए महाकुंभ में भारी अव्यवस्था थी और प्रशासनिक लापरवाही के चलते 1,000 से अधिक लोग लापता हो गए। उन्होंने सरकार पर बिना किसी ठोस योजना के महाकुंभ में 100 करोड़ लोगों को बुलाने का आरोप लगाया और कहा कि इससे कई लोगों की जान भी गई।
सपा अध्यक्ष ने ईद के दौरान लगी पाबंदियों को भी लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के नेता आमतौर पर ईद पर शिरकत करते हैं, लेकिन इस बार सरकार की ओर से कई तरह की बंदिशें लगा दी गईं।
उपचुनाव में धांधली के आरोप
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर उपचुनाव का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने निष्पक्ष चुनाव नहीं होने दिया और जनता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने से रोका। इस दौरान उन्होंने फैजाबाद से सपा सांसद अवधेश प्रसाद की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने खुद देखा है कि किस तरह से लोगों को वोट डालने से रोका गया।
बीजेपी के आंतरिक मामलों पर किया तंज
वक्फ विधेयक पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा के आंतरिक मामलों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर यह प्रतिस्पर्धा चल रही है कि 'सबसे खराब हिंदू कौन है'। इसके अलावा, उन्होंने भाजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष की चयन प्रक्रिया को लेकर भी कटाक्ष किया।
उन्होंने कहा, "खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहने वाली भाजपा आज तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई है।" इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया से अध्यक्ष का चुनाव करती है, जबकि सपा जैसे दलों में केवल परिवार के लोग ही यह निर्णय लेते हैं। शाह ने तंज कसते हुए कहा, "अखिलेश जी, आपको 25 साल तक अध्यक्ष बने रहने से कोई नहीं रोक सकता।"
समाजवादी पार्टी ने किया वक्फ विधेयक का विरोध
अखिलेश यादव ने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि समाजवादी पार्टी इस विधेयक का पूरी तरह से विरोध करेगी। उन्होंने इसे अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों का हनन बताते हुए इसे अस्वीकार्य करार दिया।