शिवसेना यूबीटी ने वक्फ संशोधन विधेयक पर विरोध जताया। अरविंद सावंत ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए, नॉमिनेशन प्रक्रिया पर चिंता जताई और कहा, "गलत होने पर समर्थन नहीं करेंगे।"
Waqf Amendment Bill: लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना यूबीटी ने अपना रुख साफ कर दिया है। मुंबई साउथ से सांसद अरविंद सावंत ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए और कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य किसी को न्याय देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कथनी और करनी में फर्क है और इस बिल के पीछे कोई सकारात्मक इरादा नहीं है।
सावंत ने उठाए सीएम फडणवीस
अरविंद सावंत ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नाम लेते हुए उन्हें चुनौती दी कि क्या वे शिवसेना यूबीटी को हिंदुत्व सिखाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या और वाराणसी में फडणवीस की पार्टी के वोट घटे हैं और यह संकेत देता है कि वे जो कर रहे हैं, वह सही नहीं हो सकता। सावंत ने सरकार के दृष्टिकोण पर कड़ी आपत्ति जताई, यह कहते हुए कि पहले सौगात-ए-मोदी चल रही थी और अब सौगात-ए-वक्फ विधेयक लाया गया है।
सरकार पर उठाए गंभीर सवाल
सावंत ने यह भी याद दिलाया कि देश की आजादी के आंदोलन में मुसलमानों ने भी अपनी जान की आहुति दी थी। उन्होंने कहा, "वह सरकार चलाने वाले लोग, जिन्होंने कभी स्वतंत्रता संग्राम में भाग नहीं लिया, आज देश की सत्ता में हैं।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के बयान का संदर्भ दिया, जिसमें कहा गया था कि मंगलसूत्र छीना जाएगा और यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा था कि बटेंगे तो कटेंगे।
वक्फ बिल पर विरोध
वक्फ बिल के बारे में सावंत ने स्पष्ट किया कि यदि इसमें कुछ गलत है, तो शिवसेना यूबीटी उसका समर्थन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का नॉमिनेशन प्रक्रिया से वक्फ बोर्ड में नियंत्रण बढ़ाना गलत है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि इसी तरह से नॉमिनेशन होता रहा, तो कल मंदिरों के बोर्ड में भी गैर हिंदू लोग नियुक्त हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना यूबीटी इस विरोध में खड़ी रहेगी।
धारा 370 पर शिवसेना यूबीटी का समर्थन
सावंत ने यह भी बताया कि शिवसेना यूबीटी ने धारा 370 को हटाने के मामले में सरकार का समर्थन किया था, लेकिन अब वह कश्मीर में हो रहे भूमि सौदों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि कश्मीर में किस तरह के हिंदू भूमि सौदे हो रहे हैं और क्या सरकार हिंदू देव स्थानों की भूमि बेचने के खिलाफ कोई कानून लाएगी।