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Waqf Bill 2025: वक्फ बिल पर सियासी भूचाल! लोजपा और जदयू नेताओं का विरोध जारी

Waqf Bill 2025: वक्फ बिल पर सियासी भूचाल! लोजपा और जदयू नेताओं का विरोध जारी
अंतिम अपडेट: 14 घंटा पहले

वक्फ बिल पास होने से मुस्लिम समुदाय में रोष है। इसे चुनावी हथकंडा बताया जा रहा है। जदयू नेता जफर आलम और लोजपा नेता मु. अली आलम ने विरोध जताया, अली ने इस्तीफा दिया।

Waqf Bill 2025: संसद में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के पारित होने के बाद मुस्लिम संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने इस पर विरोध और समर्थन की मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कई नेताओं ने इसे चुनावी हथकंडा करार दिया, तो कुछ ने धार्मिक भेदभाव की आशंका जताई।

वक्फ संपत्ति पर सरकार का हक नहीं: मुस्लिम नेता

धोरैया से जिला पार्षद रफीक आलम ने कहा कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति उन जमीनों पर आधारित है, जो वर्षों पहले धार्मिक स्थलों के लिए दान में दी गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव से पहले इस मुद्दे को राजनीतिक हवा दे रही है।

इमरते शरिया के जिलाध्यक्ष मौलाना युनूस कासमी ने कहा कि कई धार्मिक स्थलों की जमीनें पीढ़ियों से वक्फ बोर्ड के अंतर्गत हैं, लेकिन सरकारी दखलंदाजी अब विवाद खड़ा कर रही है।

धार्मिक स्थलों में बाहरी हस्तक्षेप गलत: उलेमा काउंसिल

उलेमा काउंसिल के जिलाध्यक्ष मु. कमाल ने कहा कि अभी संगठन बिल का अध्ययन कर रहा है, जिसके बाद ही इस पर आधिकारिक बयान दिया जाएगा। वहीं, सूईया मदरसा के सदस्य मु. अख्तर हुसैन ने कहा कि धार्मिक मामलों में राजनीति अमन-चैन के लिए घातक हो सकती है।

जेडीयू और लोजपा नेताओं ने किया विरोध

जेडीयू अल्पसंख्यक सेल के जिलाध्यक्ष जफर आलम ने बिल को मुसलमानों के खिलाफ बताते हुए कहा कि किसी के धार्मिक स्थल में अन्य धर्म के लोगों को सदस्य बनाना असंभव है।

लोजपा रामविलास अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मु. अली आलम ने भी बिल का विरोध किया और कहा कि उनकी पार्टी ने इसे समर्थन दिया, जिससे वे असहमत हैं। उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की है।

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