राज्यसभा में खरगे ने वक्फ जमीन पर आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा, "मैं टूट सकता हूं, लेकिन झुकूंगा नहीं।" आरोप साबित होने पर इस्तीफा देने की बात कही।
Waqf Bill: बुधवार, 2 अप्रैल को राज्यसभा में वक्फ बिल (Waqf Bill) पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे पर गंभीर आरोप लगाए। अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि खरगे ने कर्नाटक में वक्फ की जमीन हड़पी है। इस आरोप के बाद कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा में जमकर हंगामा किया और भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया।
खरगे का पलटवार- "झुकूंगा नहीं, टूट सकता हूं"
राज्यसभा में बिल पर चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने अनुराग ठाकुर के आरोपों को पूरी तरह से निराधार और झूठा बताया। उन्होंने कहा, "अगर बीजेपी मुझे डराना चाहती है, तो मैं कभी नहीं झुकूंगा। मैं टूट सकता हूं, लेकिन झुकूंगा नहीं।" उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा सत्य के साथ खड़े रहे हैं और सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता दी है।
अनुराग ठाकुर से माफी की मांग
खरगे ने अनुराग ठाकुर के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उनसे माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार और उसके नेता बिना किसी सबूत के आरोप लगाकर विपक्ष की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैंने अपने जीवन में ईमानदारी और नैतिकता को सर्वोच्च स्थान दिया है। ऐसे निराधार आरोपों को सहन नहीं करूंगा।" उन्होंने अनुराग ठाकुर से संसद में अपने बयान के लिए माफी मांगने की मांग की।
"अगर आरोप साबित हुआ तो इस्तीफा दे दूंगा"
खरगे ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर अनुराग ठाकुर अपने आरोपों को साबित कर देते हैं तो वह राज्यसभा से इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, "अगर कोई साबित कर दे कि वक्फ की किसी भी जमीन पर मेरा या मेरे परिवार का कब्जा है, तो मैं तुरंत इस्तीफा दे दूंगा।" उन्होंने अनुराग ठाकुर को चुनौती दी कि वे अपने आरोपों को सिद्ध करें या फिर संसद में खड़े होकर माफी मांगें।
भाजपा बनाम कांग्रेस – संसद में बढ़ता टकराव
यह विवाद संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाता है। कांग्रेस ने भाजपा पर राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित होकर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा का कहना है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त हैं। इस बहस के बीच, संसद में माहौल गर्म होता जा रहा है और आगामी सत्रों में इस मुद्दे पर और अधिक हंगामा होने की संभावना है।