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डोनाल्ड ट्रम्प का नया टैरिफ प्लान, भारत, कनाडा और मेक्सिको पर क्या पड़ेगा असर? जानें

डोनाल्ड ट्रम्प का नया टैरिफ प्लान, भारत, कनाडा और मेक्सिको पर क्या पड़ेगा असर? जानें
अंतिम अपडेट: 1 दिन पहले

आज, 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने "मार्केटिंग मुक्ति दिवस" के तौर पर घोषित किया और पूरी दुनिया पर पारस्परिक टैरिफ लागू करने की योजना बनाई। इसके तहत, दूसरे देशों से अमेरिका में आयात होने वाली वस्तुओं पर टैक्स लगाया जाएगा। 

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज, 2 अप्रैल से लागू होने वाले अपने नए टैरिफ की घोषणा की है, जिसके तहत दुनिया भर के देशों से आयात होने वाली वस्तुओं पर शुल्क लगाया जाएगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस संबंध में जानकारी दी कि ट्रम्प बुधवार को अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में गार्डन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस योजना का खुलासा करेंगे। इसके तहत अमेरिका अपने व्यापारिक साझेदारों पर पारस्परिक शुल्क लगाने का प्रस्ताव कर रहा है, जिसका उद्देश्य विदेशी सामानों पर अमेरिका की निर्भरता को कम करना है। हालांकि, इस योजना के कई पहलुओं को लेकर अभी भी अटकलें लगी हुई हैं।

भारत पर संभावित असर

भारत को अमेरिका के साथ अपने निर्यात पर भारी टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका को भारत का निर्यात कई क्षेत्रों में होता है, जैसे फार्मास्युटिकल्स, कपड़े, खनिज, और कृषि उत्पाद। विशेष रूप से, भारतीय फार्मास्युटिकल उद्योग पर इस नए टैरिफ का सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका में भारतीय जेनेरिक दवाओं का बड़ा बाजार है। अनुमान के मुताबिक, फार्मास्युटिकल क्षेत्र पर करीब 10.90 प्रतिशत का टैरिफ असर पड़ सकता है। हालांकि, भारत के कुछ उत्पाद, जैसे अयस्क और पेट्रोलियम, पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा, क्योंकि इन पर पहले से ही उच्च टैरिफ लागू हैं।

कनाडा और मेक्सिको का जवाब

कनाडा और मेक्सिको ने पहले ही ट्रम्प की प्रस्तावित टैरिफ योजनाओं पर प्रतिक्रिया दी है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिका से उनके पुराने रिश्ते अब खत्म हो चुके हैं और कनाडा जवाबी टैरिफ लगाएगा, जिसका प्रभाव अमेरिका पर होगा। इसी तरह, मेक्सिको ने भी कहा है कि वे अमेरिकी वस्तुओं पर जवाबी टैरिफ लगाएंगे। मेक्सिको का उद्देश्य अमेरिका से व्यापार युद्ध को कम करना और अपनी राष्ट्रीय उद्योग को बढ़ावा देना है।

चीन की प्रतिक्रिया

चीन, जापान और दक्षिण कोरिया ने ट्रम्प के टैरिफ प्रस्तावों पर मिलकर प्रतिक्रिया दी है। चीन ने कहा है कि अमेरिकी टैरिफ का असर अंततः अमेरिका की स्थिति को कमजोर करेगा और चीन को वैश्विक बाजार में मजबूत करेगा। इन देशों का मानना है कि ट्रम्प के हमले से अमेरिका अकेला पड़ सकता है, जबकि उनका सहयोग और मजबूती बढ़ सकती है।

ट्रंप के टैरिफ का वैश्विक असर

ट्रंप की टैरिफ योजना के वैश्विक व्यापार पर दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन टैरिफों से उपभोक्ताओं को अधिक कीमतें चुकानी पड़ सकती हैं, जिससे बिक्री में गिरावट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता पैदा हो सकती है। टैरिफ का उद्देश्य अमेरिकी उद्योगों की रक्षा करना है, लेकिन यह वैश्विक व्यापार के लिए नई चुनौतियाँ भी उत्पन्न कर सकता है।

इस योजना के तहत विभिन्न उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ से अमेरिकी सरकार को अनुमानित 100 बिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। हालांकि, इसका दीर्घकालिक असर व्यापारिक साझेदारों और उपभोक्ताओं पर नकारात्मक हो सकता है, जिससे वैश्विक व्यापार की दिशा में एक नया मोड़ आ सकता है।

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