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नीरज चोपड़ा क्लासिक: जहां से शुरू हुआ था सपना, उसी मैदान पर रचेंगे इतिहास

नीरज चोपड़ा क्लासिक: जहां से शुरू हुआ था सपना, उसी मैदान पर रचेंगे इतिहास
अंतिम अपडेट: 19 घंटा पहले

भारत के गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा एक बार फिर से सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह सिर्फ उनका खेल नहीं, बल्कि एक खास टूर्नामेंट भी है जो उनके नाम पर रखा गया है। 24 मई को हरियाणा के पंचकुला में होने वाली भाला फेंक प्रतियोगिता को "नीरज चोपड़ा क्लासिक" नाम दिया गया है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा एक बार फिर उसी ऐतिहासिक मैदान पर अपना जलवा बिखेरने के लिए तैयार हैं, जहां उन्होंने अपने करियर की शुरुआती ट्रेनिंग ली थी। 27 वर्षीय नीरज, जो हरियाणा के पानीपत जिले के खांद्रा गांव से ताल्लुक रखते हैं, 24 मई को पंचकुला में आयोजित होने वाली वैश्विक भाला फेंक स्पर्धा में हिस्सा लेंगे। 

यह आयोजन ताऊ देवी लाल स्टेडियम में होगा, जहां नीरज ने 2012 से 2015 के बीच कड़ी मेहनत के साथ प्रशिक्षण लिया था। अब एक चैंपियन के रूप में उसी मैदान पर उतरना उनके लिए न केवल गर्व का क्षण होगा, बल्कि युवाओं के लिए एक प्रेरणा भी बनेगा।

जहां से शुरू हुआ था सफर, वहीं अब होगी वापसी

पानीपत के खांद्रा गांव से आने वाले 27 वर्षीय नीरज चोपड़ा ने 2012 से 2015 तक पंचकुला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में ट्रेनिंग ली थी। अब एक दशक बाद वह उसी मैदान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। यह आयोजन न केवल नीरज के लिए भावनात्मक रूप से खास है, बल्कि भारत के लिए गर्व की बात भी है, क्योंकि यह टूर्नामेंट अब विश्व एथलेटिक्स की श्रेणी 'ए' स्पर्धा बन चुका है।

नीरज खुद हैं आयोजन का हिस्सा

इस टूर्नामेंट का नाम नीरज चोपड़ा क्लासिक इसलिए रखा गया है क्योंकि नीरज न सिर्फ इसमें हिस्सा लेंगे, बल्कि इसकी आयोजन समिति का भी अहम हिस्सा हैं। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) के अध्यक्ष बहादुर सिंह सागू ने बताया कि यह प्रतियोगिता देश में एथलेटिक्स को नई पहचान देने में मदद करेगी। उन्होंने कहा, "यह वही जगह है जहां नीरज ने अपना जूनियर कैंप पूरा किया था। आज जब वह विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन कर चुके हैं, तो इस आयोजन को अपने गृह राज्य में कराना एक शानदार पहल है।"

दोहा डायमंड लीग से करेंगे सत्र की शुरुआत

नीरज चोपड़ा इस सीजन की शुरुआत 16 मई को दोहा डायमंड लीग से करने वाले हैं। इसके बाद 24 मई को पंचकुला में होने वाली प्रतियोगिता उनका दूसरा इवेंट होगा। हाल ही में नीरज ने भाला फेंक के दिग्गज कोच जान जेलेजनी को अपना नया प्रशिक्षक नियुक्त किया है। जेलेजनी खुद भी तीन बार के ओलंपिक पदक विजेता रहे हैं।

नीरज चोपड़ा का सफर हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण और पिछले साल पेरिस में रजत जीतने वाले नीरज ने भारतीय एथलेटिक्स को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई है। अब जब उनके नाम पर एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित हो रही है, तो यह न केवल उनकी उपलब्धियों को सलाम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श उदाहरण भी है।

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