बहुत आदरणीय होते हैं ये लोग, इनका हमेशा सम्मान करें ,इन्हें भूल से भी पैर न लगाएं वरना पाप के भागीदार बनेंगे आप

बहुत आदरणीय होते हैं ये लोग, इनका हमेशा सम्मान करें ,इन्हें भूल से भी पैर न लगाएं वरना पाप के भागीदार बनेंगे आप
Last Updated: Sat, 21 Jan 2023

बहुत आदरणीय होते हैं ये लोग, इन्हें भूल से भी पैर लगाएं, वरना पाप के भागीदार बनेंगे आप जानें कैसे?   These people are very respected, do not touch them even by mistake, otherwise you will become a partner of sin, how do you know?

बचपन में अक्सर हमारे माता-पिता हमें कुछ चीज़ों को छूने से रोकते हैं। उनका इरादा हमें सभी सम्मानित व्यक्तियों और वस्तुओं का सम्मान करना सिखाना है। बचपन में माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कार ही हमारे व्यक्तित्व की नींव बनते हैं। आचार्य चाणक्य ने अपनी चाणक्य नीति के सातवें अध्याय के छठे श्लोक में भी सात तरह के लोगों के बारे में बताया है जिन्हें गलती से छूना भी पाप माना जाता है। बता दें कि आचार्य चाणक्य हर विषय के जानकार थे और उन्होंने अपने जीवन में जो भी कहा, अपने अनुभव के आधार पर और लोगों के कल्याण को ध्यान में रखकर कहा।

आचार्य ने अपने पूरे जीवन में लोगों की बहुत मदद की और अपनी पुस्तक 'चाणक्य नीति' में उन्होंने जीवन के लगभग हर पहलू को छुआ है और कई गूढ़ बातें कही हैं जिन्हें अगर कोई व्यक्ति समझ ले तो अपना जीवन बेहतर बना सकता है। आइए जानें उन खास लोगों के बारे में जिन्हें नहीं छूना चाहिए।

 

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“पादभ्यं न स्पृशेतग्निं गुरुं ब्राह्मणमेव च

नैव गम न कुमारिम च न वृद्धम् न शिशुं तथा''

इस श्लोक के माध्यम से आचार्य ने बताया है कि अग्नि, गुरु, ब्राह्मण, गाय, कुंवारी कन्या, बुजुर्ग और बच्चे को कभी भी पैरों से नहीं छूना चाहिए। शास्त्रों में अग्नि को भगवान का दर्जा दिया गया है। घर में समारोहों के दौरान अग्नि प्रज्वलित की जाती है और उसे प्रज्वलित कर शुद्धिकरण किया जाता है। इसलिए कभी भी अग्नि को पैरों से नहीं छूना चाहिए। अग्नि का अनादर करना देवताओं का अनादर माना जाता है। इसके अलावा अगर आग उग्र रूप धारण कर ले तो वह आपको जला भी सकती है। इसलिए अग्नि को दूर से ही प्रणाम करें। गुरु, ब्राह्मण और बुजुर्ग को पूजनीय और आदरणीय माना जाता है और हमारी संस्कृति कहती है कि जो भी आदरणीय या आदरणीय है, उसके चरण हाथों से छूकर आशीर्वाद लिया जाता है। इन्हें कभी भी पैर नहीं छूना चाहिए।

शास्त्रों में गाय को पूजनीय माना जाता है, कुंवारी कन्या को देवी का रूप कहा जाता है और बच्चे को भगवान का रूप माना जाता है। ऐसे में इन तीनों को भी पैर से नहीं छूना चाहिए। अथर्ववेद में गाय को पैर से छूने पर सजा का भी प्रावधान है।

नोट: ऊपर दी गई सारी जानकारियां पब्लिक्ली उपलब्ध जानकारियों और सामाजिक मान्यताओं पर आधारित है, subkuz.com इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता.किसी भी  नुस्खे  के प्रयोग से पहले subkuz.com विशेषज्ञ से परामर्श लेने की सलाह देता हैI

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