मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शुरू हो गई है। जिले भर में कुल 67 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 72,654 छात्र-छात्राएं दो पालियों में परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।
पहली पाली की परीक्षा सुबह निर्धारित समय पर शुरू हुई। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही छात्रों और अभिभावकों की भीड़ देखने को मिली। प्रशासन की ओर से सभी परीक्षार्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई थी, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।
केंद्रों के मुख्य द्वार पर एडमिट कार्ड और फोटो पहचान पत्र का मिलान किया गया। इसके बाद मेटल डिटेक्टर से जांच और संदिग्ध वस्तुओं की तलाशी ली गई। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। कई केंद्रों पर तीन स्तरीय जांच व्यवस्था लागू की गई है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।
जिले के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। कई परीक्षा केंद्रों में CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जा रही है। उड़नदस्ता टीमों को भी सक्रिय रखा गया है, जो अलग-अलग केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही हैं।
इस वर्ष 72,654 परीक्षार्थियों में बड़ी संख्या छात्राओं की भी है। छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए रैंप, व्हीलचेयर और विशेष बैठने की व्यवस्था की गई है।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में अनावश्यक भीड़ न लगाएं और शांति बनाए रखें। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान सहयोग से ही व्यवस्था सुचारु रूप से चल सकती है।
दो पालियों में आयोजित हो रही परीक्षा के बीच प्रश्नपत्र वितरण और उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित संकलन के लिए विशेष प्रोटोकॉल अपनाया गया है। प्रत्येक केंद्र पर केंद्राधीक्षक, वीक्षक और पर्याप्त संख्या में कर्मियों की तैनाती की गई है।
परीक्षा के पहले दिन अधिकांश केंद्रों पर माहौल शांतिपूर्ण रहा। हालांकि कुछ स्थानों पर प्रवेश जांच के कारण हल्की देरी की स्थिति बनी, लेकिन अधिकारियों ने अतिरिक्त समय देकर स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई भी परीक्षार्थी या बाहरी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मैट्रिक परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है। ऐसे में मोतिहारी प्रशासन हर स्तर पर सतर्क है। शिक्षा विभाग का कहना है कि आने वाली सभी पालियों में भी यही सख्त और पारदर्शी व्यवस्था लागू रहेगी, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।









