2036 Olympics Host India: 2036 ओलंपिक की मेजबानी की रेस में भारत, 7 देशों ने पेश की दावेदारी

2036 Olympics Host India: भारत 2036 समर ओलंपिक की मेजबानी की दौड़ में शामिल है। भारत समेत 7 देश IOC के साथ शुरुआती बातचीत में हैं। मेजबान का फैसला 2028 में

2036 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) के मुताबिक, भारत, जर्मनी, कतर और तुर्की समेत 7 देशों ने खेलों की मेजबानी में दिलचस्पी दिखाई है।

2036 Olympics Host India: 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी को लेकर तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ होती जा रही है। इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) ने पुष्टि की है कि भारत समेत सात देशों ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी में आधिकारिक रुचि दिखाई है। इन देशों को नवंबर में अपनी योजनाएं और तैयारियां IOC की Future Host Commission के सामने पेश करनी होंगी।

भारत के अलावा जर्मनी, हंगरी, कतर, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की इस प्रक्रिया में शामिल हैं। इसके बाद मेजबानी के लिए आगे की प्रक्रिया चलेगी और 2029 में IOC के सदस्य देशों की वोटिंग के जरिए 2036 ओलंपिक के मेजबान का फैसला किया जाएगा।

नवंबर में पेश करनी होगी ओलंपिक योजना

IOC की ओर से मेजबानी की प्रक्रिया में शामिल सभी सात देशों को नवंबर में अपनी विस्तृत योजनाएं प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसमें उन्हें यह बताना होगा कि वे ओलंपिक खेलों का आयोजन किस तरह करेंगे और खिलाड़ियों तथा दर्शकों के लिए किस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। मेजबान देश का चयन केवल खेल आयोजन की क्षमता के आधार पर नहीं होगा। 

IOC यह भी देखेगा कि संबंधित देश के पास आवश्यक बजट, बुनियादी ढांचा, सरकारी समर्थन और जनता का सहयोग कितना है। इसके साथ ही खेलों के आयोजन के बाद स्थानीय आबादी और शहर को मिलने वाले दीर्घकालिक लाभ भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा होंगे।

भारत की दावेदारी में अहमदाबाद प्रमुख शहर

भारत ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी में अपनी रुचि पहले ही जाहिर कर दी थी। भारत की प्रस्तावित योजना में अहमदाबाद को प्रमुख आयोजन केंद्र के तौर पर देखा जा रहा है। भारत पहले भी कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी कर चुका है और अब ओलंपिक जैसे दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन की मेजबानी हासिल करने की कोशिश कर रहा है। भारत की दावेदारी में आधुनिक खेल सुविधाओं, परिवहन व्यवस्था, आवास और बड़े स्तर के आयोजन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को प्रमुखता दी जा सकती है।

भारत के लिए यह दावेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ओलंपिक की मेजबानी से देश के खेल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलने के साथ पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लंबे समय में फायदा मिल सकता है।

2036 की रेस में कौन-कौन से देश?

फिलहाल IOC की प्रक्रिया में सात देश शामिल हैं:

  • भारत
  • जर्मनी
  • हंगरी
  • कतर
  • दक्षिण कोरिया
  • दक्षिण अफ्रीका
  • तुर्की

IOC ने स्पष्ट किया है कि 31 अक्टूबर के बाद 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए किसी नए देश की दावेदारी स्वीकार नहीं की जाएगी। इसका मतलब है कि मौजूदा प्रक्रिया में शामिल देशों को अपनी योजनाओं को मजबूत तरीके से प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। कुछ अन्य देश 2036 के बजाय उसके बाद होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी को लेकर शुरुआती स्तर पर बातचीत कर रहे हैं।

IOC किन बातों पर करेगा फैसला?

ओलंपिक मेजबान के चयन में IOC कई पहलुओं का मूल्यांकन करेगा। इनमें आयोजन स्थलों की उपलब्धता, खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं, परिवहन व्यवस्था, सुरक्षा, वित्तीय क्षमता और पर्यावरण से जुड़े पहलू शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा सरकार और आम जनता का समर्थन भी महत्वपूर्ण माना जाएगा। IOC यह भी देखना चाहता है कि ओलंपिक खत्म होने के बाद तैयार किया गया बुनियादी ढांचा किस तरह लंबे समय तक स्थानीय लोगों के काम आएगा।

IOC की नई अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने भी एथलीटों की जरूरतों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। उनके मुताबिक, ओलंपिक दुनिया के किसी भी हिस्से में आयोजित हो, लेकिन खिलाड़ियों की सुविधाएं और उनका अनुभव सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए।

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