9 महीने से फरार हथियार सप्लायर पकड़ा: जयपुर में छिपकर कर रहा था काम, मुख्य सप्लायर ने कर लिया था सुसाइड

सीकर पुलिस ने 9 महीने से फरार हथियार सप्लायर सचिन कुमार को जयपुर से गिरफ्तार किया। मुख्य सप्लायर प्रीतम गोस्वामी पहले कर चुका था सुसाइड।

सीकर पुलिस ने 9 महीने से फरार चल रहे हथियार सप्लायर को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी फरारी के दौरान जयपुर में रहकर नौकरी कर रहा था। पूछताछ में चौंकाने वाली बात सामने आई कि हथियार उसे कोटा का कुख्यात बदमाश प्रीतम गोस्वामी सप्लाई करता था, जिसने कुछ महीने पहले खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

Rajasthan: सीकर जिले में 9 महीने से फरार चल रहे हथियार सप्लायर को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सचिन कुमार (24) उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले का रहने वाला है, जो कुछ समय से भरतपुर में रहता था और फरारी के दौरान जयपुर में छिपकर नौकरी कर रहा था। पुलिस के अनुसार सचिन पर देसी हथियारों की सप्लाई का मामला दर्ज था और उसकी तलाश काफी समय से चल रही थी।

देसी पिस्टल के साथ पकड़े गए थे दो आरोपी

कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि 5 मार्च 2025 को सूचना मिली कि नानी चौराहा से सालासर स्टैंड की ओर एक कार जा रही है, जिसमें हथियार होने की संभावना है। सूचना के बाद पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी की।

थोड़ी देर बाद एक संदिग्ध कार को रोका गया। कार में बैठे दो आरोपियों – इरेंद्र और लखन – के पास से पुलिस ने दो देसी पिस्टल और खाली मैगजीन बरामद की। दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि हथियार उन्होंने यूपी के बदमाश सचिन कुमार से खरीदे थे। इसके बाद पुलिस ने सचिन की तलाश शुरू कर दी। कई बार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन सचिन हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था।

जयपुर में रहकर नौकरी कर रहा था आरोपी

काफी समय तक गिरफ्तारी से बचने के बाद पुलिस को हाल ही में सूचना मिली कि सचिन जयपुर में रहकर काम कर रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद कोतवाली थाना पुलिस की टीम जयपुर पहुँची और उसे गिरफ्तार कर लिया। सचिन की गिरफ्तारी में ASI विद्याधर और कॉन्स्टेबल शुभकरण की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस पूछताछ में सचिन ने बताया कि वह खुद हथियार नहीं बनाता था, बल्कि उन्हें कोटा के रहने वाले बदमाश प्रीतम गोस्वामी से लेकर आगे सप्लाई करता था। कोटा में प्रीतम का नाम कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका था।

प्रीतम की सुसाइड

जांच में सामने आया कि मुख्य सप्लायर प्रीतम गोस्वामी ने फरवरी में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उस समय यह मामला काफी चर्चा में रहा था, क्योंकि आत्महत्या से ठीक पहले प्रीतम और उसका साथी रूद्रेश कोटा में फायरिंग की वारदात में शामिल थे।

फायरिंग की घटना के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दोनों एक फ्लैट में छिपे हुए हैं। जैसे ही पुलिस पहुंची और फ्लैट को घेरा, अंदर से गोली चलने की आवाज आई। पुलिस ने अंदर जाकर देखा तो एक युवक मृत मिला। पहले दिन मृतक की पहचान रूद्रेश के रूप में बताई गई, लेकिन अगले दिन परिजनों को रूद्रेश का फोन आया कि मरने वाला वह नहीं बल्कि उसका साथी प्रीतम था। इस खुलासे से पूरे केस में नया मोड़ आ गया था।

सचिन गिरफ्तारी से खुल सकता है हथियार नेटवर्क

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सचिन की गिरफ्तारी से हथियार सप्लाई नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है। उसके मोबाइल, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता चले कि वह किस-किस को हथियार पहुंचाता था और उसके नेटवर्क में और कौन शामिल हो सकता है। थानाधिकारी सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया कि सचिन को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे गिरोह की जानकारी हासिल की जा सके।

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