आज से शुरू होगा हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र, कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव, सीएम सैनी का पलटवार

आज से शुरू होगा हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र, कांग्रेस लाएगी अविश्वास प्रस्ताव, सीएम सैनी का पलटवार

हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान किया है। सरकार ने हर सवाल पर जवाब देने और खुली चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही है।

Haryana: हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज गुरुवार से शुरू हो गया है। यह सत्र 22 दिसंबर तक चलने की संभावना है। सत्र की शुरुआत से पहले ही प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान कर दिया है। वहीं सरकार ने भी साफ कर दिया है कि वह हर सवाल का जवाब देने और हर मुद्दे पर खुलकर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस सत्र को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह ऐसे समय पर हो रहा है जब विपक्ष सरकार की कार्यशैली और फैसलों पर लगातार सवाल उठा रहा है। सत्र के दौरान हंगामे के पूरे आसार हैं।

कांग्रेस लाएगी सीएम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

शीतकालीन सत्र शुरू होते ही कांग्रेस मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की तैयारी में है। कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा सरकार जनहित के मुद्दों पर विफल रही है और विधानसभा के जरिए वह सरकार की जवाबदेही तय करना चाहती है।

कांग्रेस नेताओं का दावा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस सदन में सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है।

अविश्वास प्रस्ताव पर सीएम सैनी की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के ऐलान पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार हर तरह की चर्चा के लिए तैयार है। चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार लोकतंत्र में विश्वास करती है और विधानसभा में हर सवाल का जवाब देना उसकी जिम्मेदारी है।

सीएम सैनी ने कहा कि अगर विपक्ष को लगता है कि सरकार से जवाब चाहिए, तो सदन से बेहतर मंच कोई नहीं हो सकता। सरकार किसी भी मुद्दे से भागने वाली नहीं है और हर विषय पर तथ्यों के साथ जवाब देगी।

प्रक्रियागत समय के बावजूद सत्र बुलाने का फैसला

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी बताया कि सरकार ने प्रक्रियागत समय-सीमा के बावजूद शीतकालीन सत्र बुलाया है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र अभी हाल ही में समाप्त हुआ है और नियमों के अनुसार अगला सत्र छह महीने बाद बुलाया जा सकता था।

इसके बावजूद सरकार ने विपक्ष के साथ संवाद बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए शीतकालीन सत्र बुलाने का फैसला किया। सैनी ने कहा कि इससे यह साफ होता है कि सरकार चर्चा से डरती नहीं है और विपक्ष के सवालों का सामना करने के लिए तैयार रहती है।

हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार सरकार

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि चाहे वह विकास कार्य हों, कानून व्यवस्था हो या जनकल्याण से जुड़े विषय, सरकार के पास हर सवाल का जवाब है।

सीएम सैनी ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि सदन में स्वस्थ और सार्थक चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान निकाला जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि हंगामे से किसी का भला नहीं होता और चर्चा ही लोकतंत्र की असली ताकत है।

कांग्रेस पर सीएम का तीखा हमला

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष बिना किसी ठोस आधार के आरोप लगाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार तथ्यों के साथ जवाब देती है, तो कांग्रेस के नेता सदन से उठकर बाहर चले जाते हैं।

सीएम सैनी ने कहा कि बीजेपी सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और उसे किसी भी तरह की आलोचना से डर नहीं लगता। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए हर मुद्दे का जवाब देगी और जनता के सामने सच्चाई रखेगी।

शीतकालीन सत्र में हंगामे के आसार

राजनीतिक संकेतों को देखें तो शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की पूरी संभावना है। एक तरफ कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सरकार को घेरने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ सरकार खुद को पूरी तरह तैयार बता रही है।

इस सत्र में प्रदेश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इनमें किसानों की स्थिति, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, विकास योजनाएं और प्रशासनिक फैसले शामिल हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री सैनी ने जताया दुख

सत्र से पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक दुखद सड़क हादसे पर गहरा शोक भी व्यक्त किया। यह हादसा चरखी दादरी के एक निजी स्कूल बस और झज्जर जिले के कालियावास गांव में हरियाणा राज्य परिवहन की बस के बीच हुआ।

इस दर्दनाक दुर्घटना में एक स्कूली छात्रा की मौत हो गई, जबकि 31 अन्य छात्र घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मृत छात्रा के परिवार के लिए 2.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा गंभीर रूप से घायल आठ छात्रों के इलाज के लिए प्रत्येक को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने की मंजूरी दी गई है।

सीएम सैनी ने कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद प्रदान की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के इलाज में कोई कमी न रहने देने के निर्देश भी दिए।

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