पूर्व मंत्री और सपा के सीनियर नेता Azam Khan ने जेल से मुसलमानों के लिए एक अहम संदेश जारी किया है। उन्होंने इस बार ईद पर काले कपड़े पहनने और ईरान में हाल ही में बच्चों की हत्या पर गम में शरीक होने की अपील की है।
लखनऊ: आजम खान ने जेल के अंदर से मुसलमानों के लिए एक संदेश भेजा है। उनके करीबी और सपा नेता युसूफ मलिक उनसे मिलने जेल गए थे। जब युसूफ मलिक जेल से आजम से मुलाकात करके बाहर आए, तो उन्होंने मीडिया को बताया कि आजम खान ने जेल से मुसलमानों के लिए एक पैगाम दिया है। इस संदेश में आजम ने समुदाय को एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए सचेत रहने की बात कही है।
जेल में मुलाकात और संदेश
युसूफ मलिक और उनकी पत्नी डॉक्टर तंजीन फातिमा ने हाल ही में आजम खान से जेल में करीब एक घंटे तक मुलाकात की। मुलाकात के बाद युसूफ मलिक ने मीडिया से कहा:
'आजम खान ने मुसलमानों से अपील की है कि इस बार ईद पर काले कपड़े पहनें। हो सके तो नए कपड़े न पहनें, काली पट्टी बांधें और जोर से हंसने से बचें। यह ईरान में मारे गए बच्चों के गम में शरीक होने के लिए किया जाना चाहिए।'
यह संदेश इस बात की याद दिलाता है कि आजम खान अपनी राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता को जेल के अंदर भी जारी रख रहे हैं।

आजम खान और उनके बेटे की जेल सजा
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम इस समय जेल में हैं। दोनों को दो पैन कार्ड रखने के मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई थी। यह मामला 2019 का है, जब बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने शिकायत की थी कि आजम खान और उनके बेटे के पास दो पैन कार्ड हैं, जिनमें उनकी जन्मतिथि अलग‑अलग दर्ज थी।
आजम खान 23 सितंबर 2025 को जेल से रिहा हुए थे, लेकिन इस नए मामले में उन्हें और उनके बेटे को वापस जेल जाना पड़ा। एक समय था जब आजम खान उत्तर प्रदेश की राजनीति में बेहद प्रभावशाली माने जाते थे। वह सपा के सीनियर नेताओं में से एक थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री Mulayam Singh Yadav उन्हें बेहद मानते थे।
योगी आदित्यनाथ सरकार के आने के बाद आजम खान के राजनीतिक दिन कम हुए और उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए। लंबी कानूनी लड़ाई और सजा के चलते आजम खान कई वर्षों से जेल में सजा काट रहे हैं। आजम खान की जेल से यह अपील उनके समर्थकों और मुसलमान समुदाय के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।










