भेल दशहरा मैदान में चल रहे पांच दिवसीय अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव के तीसरे दिन प्रतिभागी फिल्मी और पारंपरिक गीतों पर गरबा करेंगे। 110 फीट का गरबा सर्कल, आकर्षक थीम वाले परिधान, अलग-अलग शहरों के व्यंजन और सामाजिक संदेश आयोजन की खास पहचान बने हुए हैं।
भोपाल: भेल दशहरा मैदान में आयोजित अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव-2026 का तीसरा दिन गुरुवार को उत्साह और रंगीन माहौल के बीच मनाया जाएगा। पांच दिवसीय इस आयोजन में प्रतिभागी फिल्मी गानों के साथ पारंपरिक गुजराती गीतों पर गरबा और डांडिया करते नजर आएंगे। महोत्सव में बड़े गरबा सर्कल, अनोखी थीम वाले परिधान और विभिन्न शहरों के व्यंजनों के स्टॉल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। नृत्य और मनोरंजन के साथ प्रतिभागी सामाजिक संदेश भी दे रहे हैं।
110 फीट के गरबा सर्कल में थिरकेंगे प्रतिभागी
अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव में प्रतिभागियों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए इस बार गरबा सर्कल का आकार 100 फीट से बढ़ाकर 110 फीट किया गया है। आयोजन से पहले हुई ग्राउंड रिहर्सल में 4,000 से अधिक प्रतिभागियों ने गरबा, डांडिया और तीन ताली का अभ्यास किया था।
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महोत्सव के शुरुआती दिन गणेशजी की आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद फिल्मी और पारंपरिक गीतों पर देर रात तक गरबा चलता रहा। पहले दिन प्रतिभागियों की भीड़ इतनी अधिक रही कि कुछ लोग गरबा सर्कल के बाहर भी नृत्य करते नजर आए।
तीसरे दिन भी गीतों की लय और प्रशिक्षकों की गिनती के साथ सामूहिक नृत्य का उत्साह देखने को मिलने की उम्मीद है। पारंपरिक गरबा के साथ फिल्मी संगीत आयोजन को खास बना रहा है।
अनोखी थीम और पारंपरिक परिधानों ने खींचा ध्यान
महोत्सव में गरबा के साथ प्रतिभागियों के आकर्षक परिधान भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। लोग पारंपरिक गुजराती कपड़ों के अलावा अलग-अलग रचनात्मक थीम के जरिए अपनी पहचान बना रहे हैं।
पहले दिन 25 किलो की काठियावाड़ी ड्रेस पहनकर पहुंची युवती आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा पीकॉक, अर्धनारीश्वरी, श्रीनाथजी और शिव परिवार जैसी थीम में सजे प्रतिभागियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। पुष्पा के गेटअप में आए प्रतिभागी और तिरंगा लेकर पहुंचे पूर्व सैनिक की मौजूदगी ने आयोजन में अलग रंग जोड़ा।
तीसरे दिन भी प्रतिभागियों के खास परिधान और रचनात्मक प्रस्तुतियां महोत्सव की रौनक बढ़ा सकती हैं। इन थीम के माध्यम से लोग अपनी सांस्कृतिक रुचि और रचनात्मकता का प्रदर्शन कर रहे हैं।
गरबा के साथ फूड स्टॉल और सामाजिक संदेश भी आकर्षण
भेल दशहरा मैदान में नृत्य और संगीत के साथ खान-पान के शौकीनों के लिए भी कई विकल्प उपलब्ध हैं। आयोजन के पहले दिन मथुरा, वृंदावन, बनारस, मुंबई, आगरा और दिल्ली के व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए। गोरखपुर के प्रसिद्ध पान का स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।
गरबा करने पहुंचे प्रतिभागी और कार्यक्रम देखने आए लोग इन स्टॉल पर अलग-अलग शहरों के स्वाद का आनंद ले रहे हैं। इससे महोत्सव में मनोरंजन के साथ खान-पान का अनुभव भी जुड़ रहा है।
आयोजन में सामाजिक सरोकारों को भी जगह दी गई है। पहले दिन बेजुबान जानवरों पर अत्याचार रोकने का संदेश देने वाली प्रस्तुति दिखाई गई। इस तरह अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक उत्सव के साथ सामाजिक जागरूकता का मंच भी बन रहा है।










