अक्षरा हासन: ‘जिंदगी में किसी फैसले का पछतावा नहीं’, करियर की चुनौतियों, परिवार और निर्देशन पर खुलकर बोलीं अभिनेत्री

अक्षरा हासन ने अपने करियर की चुनौतियों, परिवार और निर्देशन के अनुभव पर खुलकर बात की। अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें जिंदगी में अपने किसी फैसले का पछतावा नहीं है।

देश के मशहूर फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखने वाली अक्षरा हासन ने अपने पिता कमल हासन, मां सारिका और बड़ी बहन श्रुति हासन की तरह अभिनय को करियर के रूप में चुना।

Akshara Haasan Interview: अभिनेत्री अक्षरा हासन ने अपने करियर, फिल्मों में मिले अवसरों, संघर्षों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि उन्हें जिंदगी में कई मौके मिले, लेकिन हर सफर के साथ अपनी तरह की मुश्किलें भी रहीं। अब उनका फोकस अभिनय के साथ लेखन और निर्देशन जैसे कला के अन्य माध्यमों पर भी है।

भारतीय सिनेमा के चर्चित फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखने वाली अभिनेत्री अक्षरा हासन ने अपनी जिंदगी और करियर को लेकर बेहद साफ और सकारात्मक नजरिया सामने रखा है। कमल हासन और सारिका की बेटी तथा अभिनेत्री श्रुति हासन की छोटी बहन अक्षरा ने कहा कि वह अपने जीवन के किसी फैसले को लेकर पछतावा नहीं करतीं। उनके मुताबिक, जिंदगी में हर चीज का अपना सही समय होता है और इंसान के अनुभव ही उसे आगे बढ़ने और बेहतर समझ विकसित करने में मदद करते हैं।

अपनी फिल्म ‘सिम्यूलाक्रा’ को लेकर चर्चा में रहीं अक्षरा हासन ने करियर में मिले अवसरों और चुनौतियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में काम के मौके जरूर मिले, लेकिन कई परियोजनाओं में ऐसी परिस्थितियां रहीं, जिनके कारण अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। यही अनुभव उन्हें अभिनय के अलावा लेखन और निर्देशन जैसे दूसरे रचनात्मक क्षेत्रों की ओर भी ले गए।

सिर्फ अभिनय नहीं, कला के कई रूपों से है प्यार

अक्षरा हासन का कहना है कि कला की दुनिया से उनका जुड़ाव केवल अभिनय तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें अलग-अलग कला रूपों को समझने और अपनाने की आजादी मिली। परिवार की रचनात्मक पृष्ठभूमि ने उन्हें निश्चित रूप से प्रेरित किया, लेकिन उन्होंने अभिनय को केवल इसलिए नहीं चुना क्योंकि उनके माता-पिता और बहन पहले से फिल्म उद्योग का हिस्सा थे।

अक्षरा के अनुसार, उनका पहला गहरा जुड़ाव डांस से रहा। इसके बाद लेखन और अभिनय उनकी रचनात्मक यात्रा का हिस्सा बने। अब उनका झुकाव निर्देशन की ओर भी बढ़ रहा है। वह भविष्य में किसी प्रोजेक्ट का निर्देशन करना चाहती हैं और इसे अपने करियर के अगले महत्वपूर्ण रचनात्मक चरण के रूप में देखती हैं।

उनका मानना है कि एक कलाकार को खुद को किसी एक माध्यम तक सीमित नहीं करना चाहिए। यही कारण है कि जब अभिनय में अपेक्षित दिशा नहीं मिली, तो उन्होंने खुद को नए रचनात्मक अवसरों के लिए खुला रखा।

‘मौके मिले, लेकिन मुश्किलें भी खूब रहीं’

अक्षरा हासन ने साल 2015 में फिल्म ‘शमिताभ’ से अभिनय की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उन्होंने अमिताभ बच्चन और धनुष जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया। हालांकि, लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री में रहने के बावजूद उनका करियर उस स्तर तक नहीं पहुंच पाया, जिसकी उनसे शुरुआत में उम्मीद की जा रही थी।

इस पर अक्षरा ने कहा कि उनके सामने अवसरों की कमी नहीं थी, लेकिन कई फिल्मों और परियोजनाओं में कुछ न कुछ ऐसा हुआ, जिसके कारण काम को वह प्रभाव नहीं मिल सका, जिसकी उम्मीद की गई थी। इन अनुभवों को वह असफलता के रूप में नहीं, बल्कि अपनी रचनात्मक यात्रा के हिस्से के रूप में देखती हैं।

उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने अपनी पहचान को केवल अभिनेत्री तक सीमित नहीं रखा। लेखन और निर्देशन की ओर बढ़ना उनके लिए एक नया रास्ता तलाशने के साथ-साथ अपनी रचनात्मक क्षमताओं को और व्यापक बनाने का तरीका भी है।

मणिरत्नम की फिल्म ठुकराने पर भी नहीं है अफसोस

अक्षरा हासन ने अपने करियर से जुड़े एक अहम फैसले का भी जिक्र किया। उन्हें मशहूर निर्देशक मणिरत्नम की फिल्म का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उस समय उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। अक्षरा के अनुसार, उस दौर में उनका मुख्य फोकस डांस पर था और उन्होंने निर्देशक के सामने अपनी प्राथमिकता स्पष्ट रूप से रखी।

उन्होंने बताया कि मणिरत्नम ने उनके फैसले का सम्मान किया और उन्हें कभी यह महसूस नहीं कराया कि उन्होंने कोई गलत अवसर गंवा दिया है। अक्षरा का मानना है कि हर अवसर सही समय पर ही स्वीकार किया जाना चाहिए। इसलिए उन्हें उस फैसले को लेकर आज भी कोई पछतावा नहीं है।

कमल हासन से सीखे विनम्रता और कड़ी मेहनत के सबक

परिवार के साथ अपने रिश्तों पर बात करते हुए अक्षरा ने बताया कि उनके पिता कमल हासन ने उन्हें विनम्रता, ईमानदारी और कड़ी मेहनत का महत्व सिखाया है। उनके मुताबिक, मनोरंजन उद्योग में किसी एक चीज को लेकर अत्यधिक जिद्दी होने के बजाय चुनौतियों के लिए तैयार रहना और हर परिस्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ देना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के दौरान भी उन्होंने यही गुण करीब से देखे। अक्षरा के अनुसार, अनुभव और अनुशासन किसी भी कलाकार की लंबी यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्रुति हासन के साथ ‘यिन-यैंग’ जैसा रिश्ता

अपनी बड़ी बहन श्रुति हासन के साथ संबंधों को लेकर अक्षरा ने कहा कि दोनों का स्वभाव काफी अलग है, लेकिन यही अंतर उनके रिश्ते को खास बनाता है। उन्होंने दोनों को ‘यिन-यैंग’ की तरह बताया—एक-दूसरे से अलग, फिर भी एक-दूसरे को पूरा करने वाले। अक्षरा ने कहा कि दोनों बहनें एक-दूसरे को लेकर बेहद सुरक्षात्मक हैं और उनके बीच दोस्ती का रिश्ता भी है। स्वभाव में अंतर होने के बावजूद उनका पारिवारिक जुड़ाव मजबूत है।

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