अमेरिका ने तय की तारीख! चीन से चिप्स पर लागू होगा टैरिफ

अमेरिका ने तय की तारीख! चीन से चिप्स पर लागू होगा टैरिफ

अमेरिका 23 जून 2027 से चीन से आयात होने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स पर नया टैरिफ लगाएगा। शुरुआती 18 महीने तक शून्य टैरिफ रहेगा। अमेरिकी कंपनियों को व्यापार और सप्लाई चेन समायोजित करने का समय मिलेगा।

Tariff Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर सेमीकंडक्टर चिप्स (semiconductor chips) के आयात पर नया टैरिफ लगाने के लिए तारीख तय कर दी है। बीते अक्टूबर महीने में ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड टेंशन कम हुआ था, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को फेडरल रजिस्टर में दाखिल एक दस्तावेज के माध्यम से चीन पर टैरिफ बढ़ाने की योजना की जानकारी दी।

ट्रंप प्रशासन का नया टैरिफ प्लान

अमेरिका 23 जून 2027 से चीन से सेमीकंडक्टर चिप्स के आयात पर टैरिफ बढ़ाने वाला है। हालांकि इस टैरिफ को लागू करने से पहले इसकी दर (tariff rate) कम से कम एक महीने पहले तय की जाएगी। अमेरिकी कंपनियों को इससे पहले तैयारी करने का पर्याप्त समय मिलेगा। ट्रंप प्रशासन का यह कदम पहले से जारी व्यापार नियमों का अगला चरण माना जा रहा है, जो बिजनेस एक्ट की धारा 301 के तहत शुरू हुआ था।

18 महीने का शून्य टैरिफ

नई योजना के अनुसार अगले 18 महीनों के लिए चीनी चिप्स पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा। इसका मतलब है कि जून 2027 तक अमेरिका में इन चिप्स का आयात बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के होगा। इस अवधि में अमेरिकी और चीनी कंपनियां अपने व्यवसाय और सप्लाई चेन (supply chain) को समायोजित कर सकती हैं। ट्रंप प्रशासन का यह निर्णय अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव को कम करने का संकेत भी देता है।

टैरिफ लगाने का कारण

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने बताया कि चीन सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में अनुचित व्यापार प्रथाओं में शामिल है। USTR के अनुसार चीन ने दशकों से इस उद्योग पर अपना दबदबा बनाने के लिए आक्रामक और व्यापक गैर-बाजार नीतियां अपनाई हैं। अमेरिकी प्रशासन का नया टैरिफ इन नीतियों और चीन के व्यापारिक व्यवहार के खिलाफ उठाया गया कदम है।

ट्रंप और शी का पिछला करार

अक्टूबर 2025 में ट्रंप और शी ने व्यापारिक तनाव कम करने के लिए समझौता किया था। इस समझौते के तहत अमेरिका ने कुछ टैरिफ में कटौती की थी और चीन ने दुर्लभ पृथ्वी धातुओं (rare earth metals) के निर्यात की अनुमति दी थी। ट्रंप प्रशासन का नया निर्णय इस बात का संकेत देता है कि अमेरिका व्यापारिक संतुलन बनाए रखना चाहता है और चीन के साथ संबंधों में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिकी कंपनियों पर असर

NY Times की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी कंपनियां इस नई टैरिफ योजना पर बारीकी से नजर रख रही हैं। कंपनियां देख रही हैं कि 23 जून 2027 से लागू होने वाले टैरिफ उनके व्यवसाय और सप्लाई चेन को कैसे प्रभावित कर सकते हैं। यह टैरिफ अमेरिका में पहले से लागू किए गए अन्य शुल्कों से अलग है, जो धारा 232 के तहत लगाए गए थे।

23 जून 2027 तक के शून्य टैरिफ के दौरान अमेरिकी कंपनियां अपने इन्वेंट्री, उत्पादन और सप्लाई चेन को नए नियमों के अनुसार ढाल सकती हैं। इसके अलावा, निवेशक और कंपनियां इस बदलाव को ध्यान में रखकर लंबी अवधि के लिए व्यापारिक रणनीति तैयार कर रही हैं। अमेरिकी प्रशासन का यह निर्णय कंपनियों को स्पष्टता और योजना बनाने में मदद करेगा।

वैश्विक बाजार पर असर

चीन पर टैरिफ का प्रभाव केवल अमेरिका और चीन तक सीमित नहीं रहेगा। सेमीकंडक्टर चिप्स की ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव एशिया और यूरोप के बाजारों पर भी असर डाल सकता है। वैश्विक निवेशक और ट्रेडर इस निर्णय को ध्यान में रखकर अपने निवेश और व्यापारिक फैसले ले रहे हैं।

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