एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (Association of Malayalam Movie Artists) की कार्यकारी समिति ने अपनी सालाना आम बैठक के दौरान तीखी बहस के बाद सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (AMMA) एक बड़े प्रशासनिक संकट से गुजर रहा है, जहां अभिनेत्री Shweta Menon ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि उनके साथ 17 सदस्यीय पूरी कार्यकारिणी समिति ने भी सामूहिक रूप से अपने पद छोड़ दिए हैं, जिससे संगठन के भीतर गहरी अस्थिरता पैदा हो गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब AMMA में हाल ही में नेतृत्व परिवर्तन और महिला नेतृत्व के ऐतिहासिक चुनाव के बाद संगठन को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद थी।
अविश्वास प्रस्ताव के बाद बढ़ा तनाव
श्वेता मेनन ने पुष्टि की कि यह सामूहिक इस्तीफा संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष और नेतृत्व के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद आया है। कई सदस्यों ने कथित तौर पर एग्जीक्यूटिव कमेटी के खिलाफ हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस्तीफे की घोषणा के बाद श्वेता मेनन ने कहा कि समिति के भीतर समन्वय की कमी और प्रशासनिक विवादों ने कामकाज को प्रभावित किया। उनके अनुसार, संगठन के भीतर कई मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर मतभेद उभर आए थे।
वित्तीय अनियमितताओं और विवादों के आरोप
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रिपोर्ट्स के अनुसार, AMMA की हालिया बैठक में वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए गए। कथित तौर पर कोषाध्यक्ष की अनुपस्थिति और लेखा-जोखा प्रस्तुत न किए जाने को लेकर भी विवाद बढ़ा। श्वेता मेनन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संगठन के खाते 1 सितंबर तक संतुलित थे, लेकिन अचानक उत्पन्न हुए विवादों और प्रशासनिक अस्थिरता ने स्थिति को जटिल बना दिया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऑफिस स्टाफ और आंतरिक शिकायतों को लेकर उठे मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
बैठक के दौरान फिल्म इंडस्ट्री के कुछ प्रमुख सदस्यों ने अलग-अलग रुख अपनाया। अभिनेता गणेश कुमार ने मौजूदा नेतृत्व का समर्थन किया, जबकि वरिष्ठ अभिनेता Mohanlal ने इस मुद्दे पर तटस्थ (न्यूट्रल) रुख अपनाया। इस विभाजन ने संगठन के भीतर मौजूद गहरी मतभेदों को और स्पष्ट कर दिया। विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि संगठन की आंतरिक राजनीति से भी जुड़ा हुआ है।
ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद आया संकट
वर्ष 2025 में AMMA ने इतिहास रचते हुए अपने शीर्ष पदों पर पहली बार महिलाओं को नियुक्त किया था। इसी बदलाव के तहत श्वेता मेनन को अध्यक्ष और कुकू परमेश्वरन को महासचिव चुना गया था। यह कदम मलयालम फिल्म उद्योग में महिला नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना गया था। हालांकि, यह ऐतिहासिक उपलब्धि लंबे समय तक स्थिर नहीं रह सकी और कुछ ही महीनों में संगठन आंतरिक विवादों और नेतृत्व संकट में फंस गया।
पूरी कार्यकारिणी के इस्तीफे के बाद AMMA के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। संगठन, जो मलयालम फिल्म उद्योग के कलाकारों का प्रमुख प्रतिनिधि निकाय माना जाता है, अब नए नेतृत्व के गठन की चुनौती का सामना कर रहा है।












