हिंदी और मराठी फिल्मों की अभिनेत्री सई ताम्हणकर ने हीरोइनों के बीच कैटफाइट की खबरों पर अपनी राय रखी है। उनका कहना है कि सेट पर अभिनेत्रियों के बीच झगड़े की बातें पुरानी हो चुकी हैं। आज कलाकार एक-दूसरे का साथ देते हैं।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड में दो अभिनेत्रियों के साथ काम करने की खबर आते ही उनके बीच अनबन की चर्चाएं भी शुरू हो जाती थीं। कई बार फिल्मों से ज्यादा उनके आपसी रिश्तों को लेकर सुर्खियां बनती थीं। लेकिन क्या आज भी फिल्म सेट पर ऐसा होता है? हिंदी और मराठी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री सई ताम्हणकर ने इस सवाल पर खुलकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि अभिनेत्रियों के बीच झगड़े की पुरानी सोच अब बदल चुकी है और सेट पर काम करने का माहौल पहले से काफी अलग है।
अभिनेत्रियों की कैटफाइट पर क्या बोलीं सई ताम्हणकर?
बॉलीवुड में लंबे समय से यह धारणा रही है कि एक फिल्म में दो बड़ी अभिनेत्रियां काम कर रही हैं, तो उनके बीच मनमुटाव होना तय है। कभी रोल को लेकर तो कभी स्क्रीन टाइम और स्टारडम को लेकर उनके रिश्तों पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। इसी मुद्दे पर बात करते हुए सई ताम्हणकर ने कहा कि ऐसी सोच अब पुरानी पड़ चुकी है। उनके मुताबिक, पहले कैटफाइट की जो खबरें सामने आती थीं, उनमें कितनी सच्चाई होती थी, यह कोई नहीं जानता। लेकिन आज के समय में अभिनेत्रियों के बीच काम करने का तरीका काफी बदल गया है।
सई ने बताया कि वह हिंदी और मराठी सिनेमा में कई ऐसी फिल्मों का हिस्सा रही हैं, जिनमें उनके साथ दूसरी अभिनेत्रियों ने भी काम किया है। उनके अनुभव के अनुसार, सेट पर कलाकारों के बीच अच्छा तालमेल रहता है। उनका कहना है कि पर्दे पर दो अभिनेत्रियों के किरदारों में दोस्ती दिखाना कहानी की जरूरत हो भी सकती है और नहीं भी, लेकिन असल जिंदगी में साथ काम करने के लिए एक-दूसरे को समझना जरूरी होता है।
सेट पर कलाकारों के बीच कैसी होती है बॉन्डिंग?
सई ताम्हणकर ने बताया कि फिल्म सेट पर कलाकारों के बीच व्यक्तिगत सीमाएं भी होती हैं। हर किसी का अपना काम करने का तरीका है और सभी एक-दूसरे की सीमाओं का सम्मान करते हुए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि पहले अक्सर ऐसी बातें सुनने को मिलती थीं कि दो हीरोइनें एक-दूसरे को पसंद नहीं करतीं या साथ काम नहीं कर सकतीं। लेकिन अब यह सोच सही नहीं मानी जा सकती।
सई के मुताबिक, फिल्म बनाना किसी एक व्यक्ति का काम नहीं है। इसके लिए कलाकारों से लेकर निर्देशक और पूरी तकनीकी टीम को साथ काम करना पड़ता है। ऐसे में अगर लोग एक-दूसरे का सहयोग नहीं करेंगे, तो अच्छा काम करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि जरूरी नहीं है कि हर कलाकार की सभी लोगों से गहरी दोस्ती हो।
लेकिन साथ काम करने के लिए एक अच्छा पेशेवर रिश्ता होना जरूरी है। सई का मानना है कि हीरोइनों के बीच बेवजह मुकाबला दिखाने के बजाय उनके काम पर ज्यादा बातचीत होनी चाहिए।
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अच्छा काम करने वाले की तारीफ होनी चाहिए, जेंडर से क्या फर्क पड़ता है?
बॉलीवुड में अभिनेत्रियों के बीच एक-दूसरे को सपोर्ट करने की बात पर सई ताम्हणकर ने अपनी राय रखी है। सई का कहना है कि कोई कलाकार अच्छा काम कर रहा है, तो उसकी तारीफ करने में क्या परेशानी है। वह महिला है या पुरुष, इससे उसके काम की अहमियत कम या ज्यादा नहीं हो जाती। इसी तरह कोई कलाकार नया है या बरसों से इंडस्ट्री में काम कर रहा है, यह भी मायने नहीं रखना चाहिए।
सई चाहती हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में लोग एक-दूसरे के काम को खुलकर सराहें। उनके मुताबिक, हर कलाकार अपनी मेहनत से आगे बढ़ता है। ऐसे में दूसरों की कामयाबी देखकर खुश होना और उनका साथ देना अच्छी बात है। वह यह भी मानती हैं कि अच्छी फिल्मों के लिए कलाकारों के बीच आपसी सहयोग होना जरूरी है।
फिल्मों में आ रहे बदलाव पर भी सई ने बात की। उनका कहना है कि अब पहले जैसी कहानियों तक सिनेमा सीमित नहीं रहा। अलग-अलग विषयों पर फिल्में बन रही हैं। कलाकारों के हिस्से भी कई तरह के किरदार आ रहे हैं। सई के मुताबिक, अगर सभी मिलकर अच्छा काम करें, तो भारतीय सिनेमा की पहचान देश के बाहर भी बढ़ेगी।
मराठी फिल्मों से शुरू हुआ सफर, 'गजनी' और 'मिमी' से हिंदी सिनेमा में मिली पहचान
सई ताम्हणकर को मराठी फिल्मों के दर्शक काफी पहले से जानते हैं। उन्होंने अपने अभिनय की शुरुआत मराठी मनोरंजन जगत से की थी। बाद में हिंदी फिल्मों में भी काम मिलने लगा। साल 2008 में वह 'ब्लैक एंड व्हाइट' में दिखाई दीं। इसी साल आमिर खान और असिन की फिल्म 'गजनी' में भी उनका किरदार था।
इसके बाद सई ने खुद को किसी एक तरह के रोल तक सीमित नहीं रखा। कभी गंभीर कहानी वाली फिल्म चुनी, तो कभी ऐसे किरदार निभाए जो उनकी पिछली फिल्मों से बिल्कुल अलग थे। 'सिटी ऑफ गोल्ड', 'हंटर', 'लव सोनिया', 'इंडिया लॉकडाउन' और 'अग्नि' उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। हिंदी दर्शकों के बीच सई की पहचान बढ़ाने में 'मिमी' का भी बड़ा हाथ रहा। कृति सेनन की इस फिल्म में सई ने ऐसा किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने पसंद किया। फिल्म आने के बाद उनके अभिनय की चर्चा भी खूब हुई।









