अमरावती नगर निगम चुनाव के बाद BJP के 22 उम्मीदवारों ने नवनीत राणा पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने पति की पार्टी के लिए प्रचार किया। उम्मीदवारों ने CM फडणवीस से उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की मांग की।
Maharashtra Politics: अमरावती नगर निगम चुनाव के परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में हलचल मची हुई है। हाल ही में 87 सदस्यीय नगर निगम के लिए हुए चुनाव में बीजेपी ने कुल 25 सीटें जीतीं। इसके बावजूद पार्टी के कई उम्मीदवारों ने अपनी हार के पीछे वरिष्ठ नेता नवनीत राणा को जिम्मेदार ठहराया है। 22 उम्मीदवारों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर नवनीत राणा को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की है।
नवनीत राणा ने किया BJP उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार
पत्र में आरोप लगाया गया है कि नवनीत राणा ने अपने पति रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी (Yuva Swabhiman Party) के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवारों को ‘डमी’ यानी केवल नाममात्र के प्रत्याशी बताया और जनता के बीच अपने पति की पार्टी के उम्मीदवारों को ही असली बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में पेश किया।
भाजपा के 22 शिकायतकर्ताओं में से दो उम्मीदवार ने निकाय चुनावों में जीत हासिल की, जबकि 20 उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। हारने वाले उम्मीदवारों ने साफ कहा कि उनकी हार जनता के कारण नहीं हुई बल्कि नवनीत राणा द्वारा पार्टी के खिलाफ खुले तौर पर प्रचार करने की वजह से हुई।
चुनाव से पहले टूटा गठबंधन
नगर निकाय चुनाव से पहले बीजेपी और रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी ने गठबंधन तोड़ दिया था। हालांकि स्थानीय नेताओं का कहना था कि नवनीत राणा बीजेपी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करती रहेंगी। इसके बावजूद उन्होंने अपने पति की पार्टी के लिए प्रचार किया, जिससे चुनावी माहौल में विवाद पैदा हो गया।

युवा स्वाभिमान पार्टी ने इस बार चुनाव में 15 सीटें जीतीं। कांग्रेस को भी 15 सीटें मिलीं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन को 12, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 11, शिवसेना और बहुजन समाज पार्टी को तीन-तीन, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को दो और वंचित बहुजन आघाडी को एक सीट पर जीत मिली।
BJP के उम्मीदवारों ने फडणवीस को लिखा पत्र
हारने वाले 20 और जीतने वाले दो उम्मीदवारों ने शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि नवनीत राणा की वजह से उनकी हार हुई। पत्र में कहा गया कि ये लोग पार्टी के समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता हैं, जो समाज से जुड़े हैं, लेकिन इस चुनाव में उनके प्रयासों का फायदा नहीं हुआ।
पत्र में स्पष्ट लिखा गया कि “हमारी हार विपक्ष के कारण नहीं, बल्कि वरिष्ठ BJP नेता नवनीत राणा द्वारा पार्टी के खिलाफ प्रचार के कारण हुई है। अगर पार्टी उन्हें तुरंत निष्कासित नहीं करती, तो भविष्य में अमरावती नगर निगम में बीजेपी का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।”
नवनीत राणा का कोई प्रतिक्रिया नहीं
इस मामले पर नवनीत राणा ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। पार्टी की ओर से भी फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर पार्टी ने इस मामले में सख्ती नहीं दिखाई, तो अमरावती में बीजेपी की साख प्रभावित हो सकती है।
चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन
अमरावती नगर निगम में BJP ने कुल 25 सीटें जीतकर खुद को मजबूत दिखाया। पिछले चुनाव में पार्टी ने 45 सीटें जीती थीं। युवा स्वाभिमान पार्टी को तीन सीटों पर जीत मिली थी, जबकि इस बार उसने 15 सीटें हासिल कीं। इस बार चुनावी मुकाबले में बीजेपी और युवा स्वाभिमान पार्टी के बीच टक्कर देखी गई, जो गठबंधन टूटने के बाद और भी तेज हो गई।











