आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें आशा कार्यकर्ताओं की ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार, आदिवासी छात्रों के लिए कोचिंग, भूमि संबंधी फैसले और विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसरों की नीति शामिल है।
अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बागवानी प्रबंधन, आशा कार्यकर्ताओं की ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आदिवासी छात्रों के लिए शिक्षा व्यवस्था, कल्याणकारी योजनाओं और विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों के परिसरों से जुड़ी नई नीति सहित कई अहम फैसले लिए गए।
कैबिनेट ने बागवानी क्षेत्र के लिए हॉर्टिकल्चर इंफॉर्मेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम (एपीएचआईएमएस) स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस परियोजना पर ₹20.62 करोड़ खर्च किए जाएंगे और इसे 72 महीने की अवधि में लागू किया जाएगा।
इसके अलावा सेवा के दौरान निधन होने वाले पात्र आशा कार्यकर्ताओं के लिए ग्रेच्युटी की व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने प्रत्येक सेवा वर्ष के लिए ₹5,000 की दर से ग्रेच्युटी देने का फैसला किया है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹1.50 लाख होगी।
बागवानी क्षेत्र के लिए एपीएचआईएमएस परियोजना
कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश में हॉर्टिकल्चर इंफॉर्मेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस परियोजना का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र से जुड़ी सूचनाओं और प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक संगठित प्रणाली विकसित करना है।
परियोजना के लिए ₹20.62 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। इसे 72 महीने की अवधि में लागू किया जाएगा।
यह व्यवस्था बागवानी क्षेत्र से संबंधित प्रशासनिक और प्रबंधन गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है।
आशा कार्यकर्ताओं के लिए ग्रेच्युटी का फैसला
कैबिनेट ने सेवा के दौरान निधन होने वाले पात्र आशा कार्यकर्ताओं के परिवारों के लिए ग्रेच्युटी का प्रावधान मंजूर किया है।
इसके तहत पात्र आशा कार्यकर्ता की सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए ₹5,000 की दर से ग्रेच्युटी दी जाएगी। हालांकि, इस भुगतान की अधिकतम सीमा ₹1.50 लाख तय की गई है।
यह फैसला स्वास्थ्य क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं के सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
रेपल्ले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनेगा 100 बिस्तरों का अस्पताल
कैबिनेट ने गुंटूर जिले के रेपल्ले स्थित 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 100 बिस्तरों वाले क्षेत्रीय अस्पताल में अपग्रेड करने की मंजूरी दी।
इस परियोजना के लिए सरकार ने ₹58.42 करोड़ मंजूर किए हैं। इसके साथ अस्पताल में 66 अतिरिक्त पद सृजित करने को भी स्वीकृति दी गई है।
इस विस्तार से अस्पताल की क्षमता बढ़ने के साथ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने की योजना है।
‘थल्लिकी वंदनम’ योजना के लिए मंजूरी
कैबिनेट ने 2026-27 अवधि के लिए ‘थल्लिकी वंदनम’ योजना से संबंधित दिशा-निर्देशों और प्रशासनिक मंजूरियों का अनुमोदन किया।
इस फैसले के तहत पहले जारी किए गए दिशा-निर्देशों और प्रशासनिक स्वीकृतियों को कैबिनेट स्तर पर पुष्टि दी गई है।
राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े प्रशासनिक फैसलों में इस मंजूरी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कल्याण छात्रावासों और आवासीय स्कूलों में भोजन शुल्क बढ़ेगा
आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने कल्याण छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन से संबंधित डाइट शुल्क बढ़ाने के आदेशों को भी मंजूरी दी।
कैबिनेट ने इस संबंध में पहले जारी किए गए आदेशों का अनुमोदन किया। इससे सरकारी कल्याण छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में रहने वाले विद्यार्थियों के भोजन से जुड़े खर्च को संशोधित करने का रास्ता साफ हुआ है।
आदिवासी छात्रों के लिए विशेष उत्कृष्टता केंद्र
विशाखापत्तनम के मारीकवलसा में आदिवासी छात्रों के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
इसके तहत आईआईटी-जेईई और नीट की तैयारी के लिए एक गहन आवासीय कोचिंग केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आदिवासी छात्रों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
आवासीय मॉडल के जरिए छात्रों को पढ़ाई, प्रशिक्षण और परीक्षा की तैयारी के लिए एकीकृत सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
कुप्पम क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए जमीन का पुनर्वर्गीकरण
कैबिनेट ने 1.69 एकड़ भूमि के पुनर्वर्गीकरण को भी मंजूरी दी। यह जमीन कुप्पम क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के लिए प्रस्तावित अतिथि गृह के उद्देश्य से इस्तेमाल की जाएगी।
भूमि के पुनर्वर्गीकरण की मंजूरी के बाद अधिकारियों के लिए प्रस्तावित अतिथि गृह से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
एनटीआर जिले में सरकारी भूमि के अतिक्रमण का नियमितीकरण
कैबिनेट ने एनटीआर जिले में ऐसी सरकारी पोरंबोक भूमि, जिस पर किसी आपत्ति का उल्लेख नहीं है, पर हुए अतिक्रमण के नियमितीकरण से संबंधित पहले जारी आदेशों को भी मंजूरी दी।
इस फैसले के तहत संबंधित दिशा-निर्देशों और प्रशासनिक आदेशों की पुष्टि की गई है।
वाईएसआर कडप्पा में मंदिर विकास के लिए भूमि हस्तांतरण
कैबिनेट ने वाईएसआर कडप्पा जिले के पाथुरु में मंदिर विकास के लिए 7.66 एकड़ सरकारी भूमि को धर्मार्थ एवं धार्मिक बंदोबस्ती विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी।
भूमि का उपयोग मंदिर से जुड़े विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। इस फैसले से संबंधित भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है।
कोंडापी में बालक आवासीय विद्यालय और छात्रावास
प्रकाशम जिले के कोंडापी में बालकों के लिए आवासीय विद्यालय और छात्रावास स्थापित करने के उद्देश्य से 7 एकड़ भूमि के पुनर्वर्गीकरण को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
इस फैसले के जरिए आवासीय शिक्षा सुविधा के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है।
आंध्र प्रदेश शिक्षा अधिनियम में संशोधन
कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश शिक्षा अधिनियम, 1982 में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके साथ विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों और निजी विश्वविद्यालयों द्वारा राज्य में परिसर स्थापित करने से संबंधित नई नीति को भी स्वीकृति दी गई।
राज्य सरकार ने इसके लिए नीति-2026 को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों और निजी विश्वविद्यालयों के परिसरों की स्थापना के लिए एक नया नियामक और प्रोत्साहन ढांचा तैयार करना है।
विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसरों के लिए व्यापक नीति
कैबिनेट ने विदेशी शैक्षणिक संस्थानों और निजी विश्वविद्यालयों के परिसरों की स्थापना से जुड़ी व्यापक नीति को भी मंजूरी दी। इस नीति में ऐसे संस्थानों की स्थापना, उन्हें दिए जाने वाले प्रोत्साहन और आवश्यक सुविधाओं से संबंधित प्रावधान शामिल होंगे।
इस फैसले से आंध्र प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों की मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार की नीति स्पष्ट होती है। विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसरों के लिए नीतिगत ढांचा तैयार होने से उच्च शिक्षा क्षेत्र में नए संस्थागत विकल्प विकसित होने की संभावना है।
12 फैसलों से सरकार का व्यापक एजेंडा सामने आया
आंध्र प्रदेश कैबिनेट की बुधवार की बैठक में मंजूर किए गए 12 एजेंडा प्रस्तावों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, बागवानी, भूमि प्रबंधन और उच्च शिक्षा जैसे कई क्षेत्र शामिल रहे।
एक तरफ सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार जैसे फैसले किए, वहीं दूसरी ओर आदिवासी छात्रों के लिए विशेष कोचिंग केंद्र और विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों के परिसरों के लिए नई नीति को मंजूरी दी।
इन फैसलों से राज्य सरकार के कल्याणकारी योजनाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्थागत ढांचे को मजबूत करने के एजेंडे का संकेत मिलता है। अब इन फैसलों के कार्यान्वयन और संबंधित विभागों द्वारा आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर रहेगी।












