हरियाणा कांग्रेस की OBC के लिए अलग कॉलम की मांग, राज्यपाल के जरिए राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

हरियाणा कांग्रेस ने जातीय जनगणना में OBC के लिए अलग और स्पष्ट कॉलम की मांग की। नेताओं ने राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

हरियाणा कांग्रेस ने जातीय जनगणना में OBC के लिए अलग और स्पष्ट कॉलम की मांग की है। पार्टी नेताओं ने राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर सटीक जातीय आंकड़ों को सामाजिक न्याय के लिए जरूरी बताया।

चंडीगढ़: हरियाणा कांग्रेस ने जातीय जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC के लिए अलग और स्पष्ट कॉलम रखने की मांग की है। पार्टी के नेताओं ने बुधवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से मुलाकात की और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि OBC की आबादी के सटीक आंकड़े उपलब्ध होने पर ही इस वर्ग के लिए प्रभावी योजनाएं और नीतियां तैयार की जा सकेंगी।

राजभवन पहुंचा कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल

हरियाणा कांग्रेस के नेताओं ने जातीय जनगणना में OBC से जुड़े प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए राजभवन में अपनी मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, OBC सेल के प्रदेश अध्यक्ष एवं आदमपुर विधायक चंद्र प्रकाश और पूर्व सांसद राज बब्बर ने किया।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से मुलाकात कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें जातीय जनगणना के दौरान OBC के लिए अलग और स्पष्ट कॉलम रखने की मांग की गई है।

सटीक जातीय आंकड़ों को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के लिए प्रभावी नीतियां बनाने के लिए जातीय आंकड़ों का सटीक होना जरूरी है। पार्टी के मुताबिक, अगर OBC की आबादी का स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आता है तो इस वर्ग के लिए तैयार की जाने वाली सरकारी योजनाओं और नीतियों का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने में कठिनाई हो सकती है।

कांग्रेस ने 14 अगस्त को जारी जातीय जनगणना की अधिसूचना में दसवें नंबर पर दिए गए एससी-एसटी एवं अन्य जातियों के कॉलम पर भी सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने इसी व्यवस्था में OBC के लिए अलग और स्पष्ट कॉलम शामिल करने की मांग रखी।

अलग कॉलम नहीं होने पर आंकड़ों में अंतर की आशंका

कांग्रेस नेताओं ने तर्क दिया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में एक ही जाति को अलग-अलग उपनाम, स्थानीय नाम, बोलियों और अलग-अलग वर्तनी के साथ पहचाना जाता है। उनके अनुसार, अगर जनगणना के दौरान केवल व्यक्ति द्वारा बताए गए नाम को दर्ज किया गया तो एक ही समाज कई अलग-अलग नामों के तहत दर्ज हो सकता है।

कांग्रेस का कहना है कि ऐसी स्थिति में OBC, अति पिछड़े और शिल्पी वर्गों की वास्तविक आबादी के आंकड़ों पर असर पड़ने की आशंका है। पार्टी नेताओं ने जातीय पहचान दर्ज करने की प्रक्रिया को स्पष्ट और व्यवस्थित रखने की मांग की।

तेलंगाना के सर्वे मॉडल का अध्ययन करने का सुझाव

राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने तेलंगाना में कराए गए सामाजिक-आर्थिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक सर्वेक्षण यानी सीप के मॉडल और अनुभवों का अध्ययन करने का सुझाव भी दिया है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी ने लोकसभा में OBC की जातीय गणना की मांग उठाई थी और सरकार की ओर से अलग से गणना कराने का भरोसा दिया गया था। पार्टी नेताओं के अनुसार, यह आश्वासन अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने राज्यपाल के सामने अलग OBC कॉलम के बिना जातीय जनगणना की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करने की बात रखी।

राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में विधायक अशोक अरोड़ा, आफताब अहमद, गीता भुक्कल, मंजू चौधरी, बीबी बत्रा और मामन खान समेत कई नेता शामिल रहे। मुलाकात के बाद कांग्रेस प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा, चंद्र प्रकाश और राज बब्बर की मौजूदगी में OBC सेल के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और आगे की रणनीति पर चर्चा की।

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