गूगल ने एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स के लिए नया इमरजेंसी लाइव वीडियो फीचर शुरू कर दिया है, जो संकट में फंसे यूजर्स को लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए तुरंत मदद दिलाने में सहायता करेगा। यह सुविधा एंड्रॉयड 8 और उससे ऊपर के डिवाइस पर काम करेगी और फिलहाल अमेरिका, जर्मनी और मैक्सिको के कुछ क्षेत्रों में उपलब्ध है।
Emergency Live Video Feature: गूगल ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक महत्वपूर्ण सेफ्टी अपडेट रोल आउट किया है, जो आपात स्थिति के दौरान लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग के जरिए रेस्क्यू टीमों को तुरंत जानकारी भेजने की सुविधा देता है। यह फीचर फिलहाल अमेरिका, जर्मनी और मैक्सिको के चुनिंदा इलाकों में शुरू किया गया है और एंड्रॉयड 8 या उससे ऊपर चलने वाले स्मार्टफोन्स पर उपलब्ध रहेगा। गूगल का कहना है कि विजुअल फुटेज से राहत कार्य और तेज तथा सटीक हो सकेगा, जबकि आगे इसे अधिक देशों में भी जारी किया जाएगा।
कैसे काम करेगा इमरजेंसी लाइव वीडियो फीचर
इमरजेंसी वीडियो फीचर को किसी सेटअप की जरूरत नहीं है। जब यूजर इमरजेंसी कॉल या मैसेज करेगा, तो उसे रिस्पॉन्डर की ओर से वीडियो शेयरिंग रिक्वेस्ट भेजी जाएगी। यूजर जैसे ही अनुरोध को स्वीकार करेगा, लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग एक टैप में शुरू हो जाएगी।
इस वीडियो से रेस्क्यू टीम को मौके की वास्तविक स्थिति देखने में मदद मिलेगी। गूगल का कहना है कि विजुअल फुटेज से रेस्क्यू ऑपरेशन की रफ्तार और सटीकता बढ़ती है, जिससे मदद जल्दी पहुंच सकती है।

किन डिवाइस पर उपलब्ध होगा नया फीचर
यह फीचर एंड्रॉयड 8 और उससे ऊपर के वर्जन पर चलने वाले स्मार्टफोन्स पर काम करेगा। फिलहाल इसे अमेरिका, जर्मनी और मैक्सिको के कुछ क्षेत्रों में लॉन्च किया गया है। जल्द ही इसे अन्य देशों में भी उपलब्ध कराया जाएगा।
गूगल पिक्सल डिवाइस में पहले से ही इमरजेंसी वीडियो रिकॉर्डिंग का विकल्प मौजूद है, जो 45 मिनट तक वीडियो रिकॉर्ड कर इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स को लिंक भेजता है। नया फीचर इस सिस्टम को और बेहतर बनाता है, क्योंकि इसमें लाइव स्ट्रीमिंग संभव होगी।
आईफोन में पहले से मौजूद है लाइव SOS फीचर
ऐप्पल अपने आईफोन में कई सालों से Emergency SOS Live Video जैसी सुविधा देता आ रहा है। अब गूगल भी इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए एंड्रॉयड यूजर्स के लिए यह सेफ्टी फीचर शामिल कर रहा है।
हाल के वर्षों में दोनों कंपनियां अपने यूजर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगातार नए फीचर्स जोड़ रही हैं, जिससे इमरजेंसी में मदद पाना पहले से ज्यादा आसान और तेज हो गया है।








